Hum Jeetenge · Transcript · · Updated
इस साल का आखिरी Comeback Video! | 60-Day Challenge – Transcript
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Summary
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- बार-बार कमबैक करने से काम बीच में छोड़ने की आदत पड़ती है और गलत उम्मीदें पैदा होती हैं।
- स्पीकर ने 60 दिन के चैलेंज के लिए छह प्रिंसिपल्स और दस टास्क सुझाए हैं।
- टास्क के कुल 15 पॉइंट्स में से हर दिन कम से कम आठ पॉइंट्स अचीव करने का पहला टारगेट है।

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Transcript
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बार-बार का कमबैक। दोस्तों, मान लो आपको किसी दूर शहर जाना है। आप चार दिन पूरे जोश से ट्रैवल करते हो। फिर आधे रास्ते वापस घर लौट आते हो। अगले महीने फिर आधे रास्ते जाते हो और फिर लौट आते हो। अब पैसे भी खर्च हो रहे हैं। समय भी निकल रहा है लेकिन आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ। ठीक ऐसे ही आपका कमबैक है। पहले आपको लगता है बहुत समय निकल गया। गिल्ट होता है कि
मैंने साल भर कुछ नहीं किया। फिर आप कमबैक करते हो। नया रूटीन, नया प्लान पूरे जोश के साथ शुरू करते हो। लेकिन जैसे ही चिंता खत्म होती है, रूटीन बोर करने लगता है और आपका कमबैक वहीं लौट आता है जहां से आपने शुरू किया था। दूसरा नुकसान यह है कि बार-बार कमबैक करना आपको सिखा रहा है। काम शुरू करके छोड़ देना कोई बड़ी बात नहीं। मुझसे तो ज्यादा दिन वैसे भी नहीं होता।
और तीसरा नुकसान कमबैक से गलत उम्मीद। कई वीडियोस कहते हैं 60 दिन में साल के गोल्स पूरे करो। सच्ची बात समझने के लिए एक छोटा सा कैलकुलेशन देखो। अगर कोई रोज 4 घंटे, हफ्ते के 5 दिन आराम आराम से काम करें तो एक हफ्ते के 20 घंटे और साल के 1040 घंटे होते हैं। अब आप 60 दिन रोज 8 से 9 घंटे काम करो तो ज्यादा से ज्यादा 540 घंटे
होते हैं। लेकिन इन 540 घंटों में इंटेंसिटी और डेडिकेशन हो तो यह पूरे साल की कैजुअल मेहनत को टक्कर दे सकते हैं। इसलिए 60 दिनों में 12 महीने की कमी तो पूरी नहीं हो सकती। लेकिन इतना बड़ा पॉजिटिव बदलाव आ सकता है जो आपको भी आश्चर्यचकित कर दे। इसलिए इस वीडियो में हम कमबैक नहीं मूव फॉरवर्ड करने के छह प्रिंसिपल्स देखेंगे और 60 डेज चैलेंज के
लिए हर दिन 10 टारगेट्स करेंगे जो आपको इसी साल नहीं बल्कि अगले साल भी आगे बढ़ने की आदत डाल दें। खुद से जीतने वालों को मेरा सलाम और प्रणाम। दोस्तों अगर आपको बहुत पॉजिटिव बदलाव लाना है तो पहला प्रिंसिपल आज से अप्लाई करना शुरू कर दो। बॉक्स स्ट्रेटजी छोटे टास्क का एडिक्शन बनाओ। दोस्तों यह टोनी स्टार्क का हैंडमेड
स्केच है। अगर आपको इसे बनाने को बोले तो आप कहोगे भैया रहने दो बहुत कॉम्प्लेक्स है। लेकिन अगर मैं आपसे कहूं क्या इस पेपर को चार हिस्सों में डिवाइड कर सकते हो? आप कहोगे हो जाएगा। फिर क्या हर बॉक्स को चार हिस्सों में डिवाइड कर सकते हो? और एक बार फिर से आप कहोगे भैया कोई बड़ी बात नहीं। अब ऐसा ही ग्रिड टोनी स्टार्क की पिक्चर के [संगीत] ऊपर भी बना लो। अब मैं आपसे
कहूं क्या आप इस पिक्चर के एक छोटे बॉक्स को देखकर पेपर पर कॉपी कर सकते हो? आप कहोगे हां भैया हो जाएगा और ऐसे ही पोर्ट्रेट भी बन जाएगा। परफेक्ट नहीं होगा पर बहुत बेहतर बनेगा। दोस्तों, यह रिवॉर्ड सिस्टम हैक करने का शानदार तरीका है। जब आप काम की कॉम्प्लेक्सिटी कम कर देते हो, तो छोटा काम आसानी से पूरा होता है। प्रोग्रेस दिखती है, रिवॉर्ड मिलता है और
अगला बॉक्स बनाने का मोटिवेशन बढ़ जाता है। अगले 60 दिन आपको यही स्मॉल बॉक्स स्ट्रेटजी यूज़ करनी है। जब भी काम कठिन या बोरिंग लगे तो बॉक्स छोटा करो। 5 से 15 मिनट का टारगेट सेट करो। एक चैप्टर पढ़ना है तो केवल तीन या चार पैराग्राफ्स का टारगेट बनाओ। उसे कंप्लीट करो। फिर दूसरा टारगेट सेट करो। छोटी-छोटी प्रोग्रेस दिखेगी तो टास्क पूरा करने में मजा आने
लगेगा। अगले 60 दिन काम करने का एडिक्शन बनाना है तो अगला प्रिंसिपल जरूर फॉलो करो। मार्जिनल केन स्ट्रेटजी। हर बार थोड़ा बेहतर करने का चसका लगाओ। एक कलाकार अपने काम में गर्व महसूस करता है। इसलिए उसे और बेहतर करने के लिए डेडिकेटेड रहता है। बिल्कुल इसी तरह अपने काम को बोझ नहीं बल्कि कला मानो। इसमें गर्व महसूस करो और
सबसे पहले अपनी सेल्फ टॉक बदलो। आज तो इतना सारा जबरदस्ती पढ़ना है। यह कहने की जगह बार-बार खुद से कहो। आज मुझे अपनी लर्निंग स्पीड, फोकस और लॉजिक टेस्ट करने का मौका मिलेगा। मैं इसे थोड़ा सा और बेहतर करूंगा। जितनी बार आप थोड़ा इंप्रूव करोगे उतनी बार और करने का मन करेगा। तीसरा प्रिंसिपल डोपामिन स्टकिंग से हर कीमत पर बचो।
हमारे साथ दिक्कत यह है कि हम फोकस तो करना चाहते हैं लेकिन अपने दिमाग को फोकस के लायक छोड़ते ही नहीं। लंच के साथ एक एपिसोड देखना, गाना सुनते-सुनते स्क्रोलिंग करना, मैच देखतेदेखते न्यूज़ या मीम्स चेक करना इस आदत को कहते हैं डोपमिनस स्टकिंग। जब आप दो या तीन डोपामिन हेट देने वाली एक्टिविटीज को कंबाइन करते हो तो अचानक से हाई डोपामिन स्पाइक होता
है। उस समय मजा तो बहुत आता है पर यह मजा पूरे दिन के लिए सजा बन जाता है। क्योंकि डोपामिन बेसलाइन काफी समय तक नॉर्मल लेवल पर नहीं लौटती। फिर नॉर्मल चीजें भी करना बोरिंग और कठिन लगता है। अगले 60 दिन एक समय पर एक एक्टिविटी। खाना खा रहे हो तो सिर्फ खाना खाओ और डीप वर्क के बीच जो ब्रेक्स लेते हो उसमें दिमाग को मिनिमम
डोपामीन दो। आंखें बंद करके बैठो या केवल शांति से घूमो। अपने ब्रेन को डीप वर्क करने का चांस दो तो 60 दिनों में आप अपनी प्रोग्रेस पर चौंक जाओगे। चौथा प्रिंसिपल पेंडिंग टास्क को तत्काल शेड्यूल करो। मान लो आप सबवे पर सैंडविच शेफ हो। चार कस्टमर्स ने आपको कस्टम आर्डर दिए। अब सब आपके सर पर खड़े हैं। एक ने पूछा मेरी सैंडविच तैयार है? दूसरे ने कहा मेरी
सैंडविच में मेओो नहीं है। तीसरे ने कहा अरे आपको याद है ना मेरी वाली में टमाटर नहीं लगाना। आप एक भी सैंडविच ठीक से नहीं बना पाओगे। ठीक ऐसा ही होता है जब भी गोल्स और काम पेंडिंग होते हैं। वो बार-बार दिमाग को याद दिलाते हैं। अरे फॉर्म भरना है। आज रिपोर्ट जमा करना है। पता नहीं वो चैप्टर कैसे खत्म होगा। इसका सॉल्यूशन बहुत आसान है। जैसे सबवे में आप कस्टमर्स को बोलते हो, आपके लिए आर्डर लिख
लिए हैं। यह पकड़ो आर्डर नंबर। सामने आराम से बैठो। जब नंबर फ्लैश होगा तो आ जाना। बिल्कुल वैसे ही हर दिन पांच छह टास्क की प्रायोरिटी बनाओ। और काम करते समय कुछ बीच में याद आ जाए तो उसे भी प्रायोरिटी के हिसाब से कहीं बीच में नोट कर लो। कितने बजे शुरू करोगे, कैसे शुरू करोगे, यह भी नोट [संगीत] कर लो। इससे दिमाग को ज्यादा तसल्ली होगी कि अब काम छूटेगा नहीं और
आपको चिंता परेशान करना बंद कर देगी। अगला प्रिंसिपल रात को आर्किटेक्ट मोड और सुबह बिल्डर मोड का यूज करो। रात में सोने से पहले आर्किटेक्ट मोड ऑन यानी सुबह क्या करोगे? कहां करोगे? कौन सा सामान, कौन सी किताबें सामने होंगी? फोन कहां दूर रखा होगा? डिस्ट्रैक्शन कैसे ब्लॉक करोगे? कौन सी यूनिफार्म पहनोगे? सब कुछ एक जगह पर और
सुबह उठे बिल्डर मूड ऑन और सीधे एग्जीक्यूशन। अगले 60 दिन हर सुबह जीतने की तैयारी रखो। अगला प्रिंसिपल लास्ट विन रूल। हर दिन जीत पर खत्म करो। दिन के दो एक्सपीरियंस का सबकॉन्शियस माइंड पर सबसे ज्यादा असर होता है। एक उस दिन का पीक एक्सपीरियंस। दूसरा उस दिन का आखिरी एक्सपीरियंस। इस फैक्ट में बहुत बड़ा
माइंड हैक छुपा हुआ है। जब आपका 80% दिन खराब जाता है तो लगता है आज मैं कुछ नहीं कर पाया और आप उसी गिल्ट में सोते हो और आप जिस भी भावना में सोने जाते हो वह सबकॉन्शियस में 6 घंटे बनी रहती है और सुबह तक 10 गुना बढ़ जाती है। इसलिए अगला दिन भारी और डीमोटिवेटिंग लगता है। आपको क्या करना है? कोबे ब्राइट कहते हैं नेवर
एंड ऑन दी फेलियर। पूरा दिन कुछ भी ठीक नहीं हो पाया तो आखिरी एक घंटे कुछ मीनिंगफुल काम करो। पांच सवाल सॉल्व करो। देर तक प्रैक्टिस करो। आप अपने आप से झूठ नहीं बोल सकते। चलो मैं कुछ टाइम पास कर लेता हूं। आपको कुछ ऐसा मीनिंग करना होगा जो आपको यकीन दिलाए। मैं बदल रहा हूं। आज मैंने हार नहीं मानी। फिर अगले दिन आप इसी माइंडसेट से आगे शुरू कर पाओगे। दोस्तों,
अब 60 डेज चैलेंज में इन प्रिंसिपल्स को 10 टास्क में अप्लाई करो। इस बार चार कैटेगरी के टास्क हैं। प्रिपरेशन, डायरेक्शन, प्रोग्रेस और रिकवरी। सबसे पहले प्रिपरेशन टास्क जो एक रात पहले शुरू करते हैं। पहला आर्किटेक्ट मोड ऑन एक पॉइंट। कल कौन से टॉप पांच काम पूरे करने हैं उन्हें प्रायोरिटी वाइज नोट करो। कल सुबह के लिए ड्रेस, सामान, जगह,
डिस्ट्रैक्शन ब्लॉक सब पहले से तैयार रखो। जिससे सुबह कोई ब्रेक ना लगे। दूसरा टास्क नाइट मैनिफेस्टेशन रूटीन। एक पॉइंट सोने से एक घंटा पहले फोन दूर रखो। बस सोने के जस्ट पहले आप गाइडेड अफमेशन या मेडिटेशन सुन सकते हो। फिर आते हैं डायरेक्शन टास्क। मॉर्निंग गोल चेक। सुबह 10 से 15 मिनट। एक पॉइंट। सुबह अपने टॉप पांच कामों को देखो और
उन्हें सक्सेसफुली करते हुए विजुअलाइज करो। लॉन्ग टर्म गोल जो अचीव करना चाहते हो उसे भी विजुलाइज करो। फिर आते हैं प्रोग्रेस टास्क 5 आवर्स डीप वर्क पांच पॉइंट टाइमर लगाकर काम करो तो इन 5 घंटों में आप बहुत इफेक्टिव तरीके से काम कर सकते हो। इसके लिए बॉक्स और मार्जिनल गेन स्ट्रेटजी याद रखो। अगला टास्क वन आवर बैकलॉक कंप्लीशन। एक पॉइंट।
यहां पर लास्ट विन रूल यूज करो। पूरे दिन में जो भी टारगेट्स पूरे नहीं हो पाए उन्हें पॉजिटिव नोट पर खत्म करो। अगला टास्क वन आवर रिवीजन एक पॉइंट अगर आप हर दिन एक घंटा पिछले हफ्ते का मैटर रिवाइज करने के लिए निकालते हो तो आप बिलीव नहीं करोगे कि आपको चीजें कितनी अच्छी तरीके से याद रहती हैं। अगला टास्क डायरेक्शन टास्क है। डेली प्रोसेस रिव्यू
एक पॉइंट। 10 से 15 मिनट में तीन बातें नोट करो। आज सीखने का तरीका कैसे बेहतर हुआ? कहां अटके? कल कौन सी एक चीज बेहतर करोगे? इसके बाद आते हैं रिकवरी टास्क। सुबह 20 से 40 मिनट एक्सरसाइज। एक पॉइंट आपको दिन भर तरोताजा महसूस होगा। नौवां टास्क है इमोशनल रिसेट। वन पॉइंट। 10 से
15 मिनट मेडिटेशन, जर्नलिंग या नाड़ी शोधन प्राणायाम करो। और आखिरी टास्क 6 से 8 घंटे डीप स्लीप। इसके दो पॉइंट। गहरी नींद बहुत जरूरी है जिससे आप हर रात अपनी एनर्जी और ब्रेन को रिचार्ज करो। दोस्तों टास्क के कुल 15 पॉइंट हैं। आपका पहला टारगेट है कि हर दिन कम से कम आठ पॉइंट्स अचीव करना। जब आप रिकवरी और
प्रिपरेशन के टास्क पूरे करोगे तो अपने आप डायरेक्शन और प्रोग्रेस के टास्क पूरे करना आसान हो जाएगा। आठ पॉइंट्स अचीव करते-करते आपके लिए 9, 10 फिर 12 से 15 पॉइंट्स भी अचीव करने लगोगे। प्रोसेस पर बिलीव कीजिए। टास्क पूरे कीजिए और आगे बढ़िए। 60 डेज चैलेंज की वर्क बुक लिंक [संगीत] डिस्क्रिप्शन और पिन कमेंट में है। इसमें आपको टास्क लिस्ट और 60 डेज
हैबिट ट्रैकर भी मिलेगा। इनका प्रिंट आउट लीजिए और अभी शुरू कीजिए। इसके साथ आप tlegram ग्रुप पर भी जुड़ सकते हो। जहां हम सब पार्टिसिपेंट्स डेली इस कोर्स से एक दूसरे को इंस्पायर करेंगे। [संगीत] tlegram की लिंक आपको डिस्क्रिप्शन और पिंड कमेंट में मिल जाएगी। दोस्तों 60 डेज का चैलेंज आपके कमबैक को पक्का कर देगा। लेकिन कठिन मेहनत के एक-एक मिनट से प्यार करने का माइंडसेट क्या होता है? इस पर
विराट कोहली का यह वीडियो जरूर देखिए या बात के लिए सेव कर लीजिए। और याद रखिए आपके समय से कोई वीडियो, कोई ऐप, कोई न्यूज़ कीमती नहीं है। मैं काम के किस्से लाता रहूंगा। हिम्मत, हरकत, होशियारी, हम जीतेंगे।