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JTET 2026 | खोरठा | साहित्यकार किताब महामैराथन | संपूर्ण THEORY + TOP MCQ | Nakul Sir LIVE 8:30 AM – Transcript
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Summary
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- सोंध माटी किताब का पहला प्रकाशन 1990 ईस्वी में हुआ था और दूसरा प्रकाशन 2017 ईस्वी में धवैयाक धमक नाम से हुआ।
- उद्भासल कर नाटक श्रीनिवास पानुरी द्वारा लिखा गया है जो खोठा भाषा का पहला नाटक है और इसमें कुल 11 दृश्य हैं।
- खोरठा निबंध किताब के लेखक डॉ. बी. एन. ओदार हैं और इस पुस्तक का प्रकाशन 1990 ईस्वी में हुआ था।

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Transcript
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हेलो एवरीवन, मैं नकुल मेहता फिर से एक बार आपके अपने YouTube चैनल एग्जाम योद्धा में स्वागत करता हूं। आशा करता हूं आप सभी अच्छे होंगे और जबरदस्त तरीका से अपनी तैयारी में लगे होंगे। तो बताइए भाई आप सभी कैसे हैं? सब कुछ शानदार जबरदस्त तरीका से आपकी तैयारी चल रही है या नहीं चल रही है? जल्दी-जल्दी आप सभी जुड़ेंगे। एकदम आप सभी को गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग और सुप्रभात जौहार। जल्दी-जल्दी आप सभी जुड़ेंगे भाई।
और आज के सेशन का आप गवाह बनने जा रहे हैं कि आप जेटेट एग्जाम में एकदम क्वेश्चन को धुआधुआ करने के लिए तैयार हो जाइए। क्योंकि लास्ट जो सेशन हमारा रहा साहित्यकार परिचय वाला बिल्कुल उसी तर्ज पे और उससे बढ़-चढ़ के इसमें काम किया गया है। बिल्कुल थ्योरी YouTube में पहली बार थ्योरी प्लस एमसीक्यू मिक्स करके हाइब्रिड
बना दिया गया है इसे। बहुत ही शानदार बहुत ही जबरदस्त क्लास होने वाला है। लास्ट क्लास में हम लोग साहित्यकार परिचय देखे थे मैराथन के रूप में। आज हम लोग उसी कड़ी को जोड़ते हुए है ना क्या पढ़ने वाले हैं?
तो प्रमुख किताब का परिचय, प्रमुख रचना और उनके मुख्य पात्र जो कि स्पष्ट रूप से आपके सिलेबस मैंने दिया हुआ है। प्रमुख साहित्यकार लिख के छोड़ दिया है। वहां से कुछ क्लेरिटी आपको मिलेगा और इस क्लास के बाद आप किसी का भी टेस्ट लगाने चले जाइए। कोई भी क्वेश्चन में आपको फंसने जैसा नहीं लगेगा। लगेगा हां सुना सुना है पढ़ा पढ़ा है सर ने हमें बताया है तो बिल्कुल आप लोग
के पास क्लियर विज़न है क्या पढ़ने वाले हैं हम लोग है ना तो चल आज की कथा आज के क्लास को स्टार्ट करते हैं आप लोग शेयर करते हुए कहेंगे सर बिल्कुल तैयार हैं एक बार थम्स अप करके कहेंगे आप लोग के सामने पता है कि जिस क्लास के बारे में हम बात कर रहे हैं उससे पहले यह हमारा वन टू फाइव और 6 टू 8 दोनों के लिए होने वाला है महत्वपूर्ण किताब परिचय रचना कुछ अह [नाक से की जाने वाली आवाज़] कहानी नाटक से पात्र के बारे में चर्चा करने वाले हैं बहुत ही इंपॉर्टेंट क्लास है। ये हमारा
थ्योरी एमसीक्यू दोनों होने वाला है। इसके अलावा लास्ट क्लास हम लोग को यह वाला हुआ था खोठा का जेट खोठा का महामैराथन आपने इसे देख ही लिया होगा। अगर आपने नहीं देखा है तो इसे आप जाकर के देख लें शानदार तरीका से और यह बाकी पीडीएफ के लिए सॉरी बाकी प्लेलिस्ट आपके सामने बना हुआ है। संपूर्ण खोठा 2000 क्वेश्चन वाला या फिर टॉपिक वाइज खोठा में कहीं दिक्कत है तो प्लेलिस्ट में जाकर देख लीजिए। व्याकरण में दिक्कत है तो प्लेलिस्ट में जाकर देख लीजिए। सीडीपी में दिक्कत है तो आप
प्लेलिस्ट में जाकर के आराम से अपनी बातों को क्लियर कर लेंगे। बाकी आप जानते हैं Telegram से आप जुड़ सकते हैं हमारे साथ पीडीएफ प्राप्त करने के लिए फ्री टेस्ट के लिए आप जो है ऐप पर जुड़ सकते हैं। बिल्कुल फ्री में है। जेटेट का कोई भी पेड कोर्स यहां पे नहीं है। आप ना कहेंगे कि सर पेड कोर्स वगैरह कुछ भी नहीं है यहां। है ना? तो चल आज हम लोग स्टार्ट करते हैं अपना कथा अपनी कहानी जो कि है ये है ना ये हमारा आज का पहला टॉपिक पहला किताब विनोद
सर के नाम है ना विनोद सर प्रोफेसर विनोद सर ये हैं हमारे प्रोफेसर विनोद कुमार और किताब रहने वाला है सोंध माटी पहला किताब आज का आप देख पा रहे होंगे बहुत ही शानदार बहुत ही जबरदस्त आपको देखने को मिलेगा कि सर मजा आ रहा है शुरू में देख के ही तो आगे कितना मजा आएगा यह है कौन कौन? यह है प्रोफेसर विनोद कुमार यानी डॉ. विनोद कुमार। यह कौन है मेरे भाई? यही है डॉ.
विनोद कुमार जिनके द्वारा सौध माटी किताब लिखा गया है। ठीक है? यह है डॉ. विनोद कुमार। इनका जन्म हुआ है हजारीबाग के दारू झुमरा में। और जो सोंध माटी किताब आप देख पा रहे हैं यहां पे सोंध माटी किताब जो देख पा रहे हैं वो पहले यह आता था। पढ़ाई स्टार्ट हो गया। यह मत सोचिएगा। इंट्रोडक्शन ही चल रहा है ना? खत्म। प्रचार ज्यादा नहीं। क्या प्रचार करेंगे जब पेड कोर्स रहेगा तभी तो आदमी प्रचार करेगा। पेड कोर्स है ये नहीं है। एक बार
यहां पे पेड कोर्स नहीं चलाया गया है। ठीक है? जो भी अपना पेड कोर्स है वो सचिन एकडमी में भी पे है और वहां पे भी क्लास होगा। वेरी सून आपका क्लास वहां पे स्टार्ट होने वाला है। ठीक है? चलेंगे। बाकी सब्जेक्ट का जैसे चलेगा वैसे मेरा भी खोटा का चलेगा। यह है सोंध माटी किताब। सोंध माटी किताब से क्या पूछ पढ़ाने वाले हैं कि सोंध माटी किताब के बारे में पहले आपको एक परिचय पढ़ाएंगे कि सर सोंध माटी किताब क्या-क्या है? नहीं है। अच्छा यह धवैयाक धमक जो आप देख पा रहे हैं, यही
किताब का अपडेट वर्जन है। देख लीजिए यह धवैयाक धमक जो लिखा हुआ है, यह सौध माटी किताब का क्या है? अपडेट वर्जन है। पहले सौध माटी नाम से आता था। अब जो नया किताब छप के आया है, न्यू बुक जो आया है, वह कैसे आया है? आप कहेंगे सर नया किताब का नाम बन गया धवैया के धमक। ठीक है? धवैया के धमक। यह कौन है? तो यह हैं हमारे प्रोफेसर विनोद कुमार। यह बात समझ में आ रहा है? बताइएगा कि यस सर बिल्कुल समझ में
आ रहा है। सेशन को एकदम चाप के शेयर कर दीजिएगा। पूरा कंप्लीट थ्योरी और एमसीक्यू कराने वाले हैं इंपॉर्टेंट। ठीक है? चलेंगे। देखिएगा मेरी बातों को समझते हुए चलेंगे कि यह जो सोंध माटी किताब के बारे में पढ़ेंगे कि इस किताब का रचना जो है कब हुआ? इस किताब में क्या शामिल है? जैसे कविता है तो कैगो है। कहानी है तो कौन कैगो है? कौन कहानी को याद रखना पड़ेगा?
कौन सा कविता को याद करना पड़ेगा? उसके बाद फिर एमसीक्यू करेंगे। आपको आने वाला 10 मिनट में पूरा क्लियर हो जाएगा। साथ ही साथ इस ये सब पीडीएफ आप तक नहीं पहुंच पा रहा है तो आप पीडीएफ के लिए सिंपल सा करेंगे। आपके पास एक पिन किया गया है लिंक अभी WhatsApp चैनल का। उससे आप जुड़ जाइएगा। वहां पे आप Telegram का लिंक मिल जाएगा। ऐप का लिंक मिल जाएगा। वहां से बहुत सारा जानकारी मिलेगा और पीडीएफ प्राप्त करने में हेल्प होगा आपको। ठीक है? चलेंगे। आप सभी को गुड मॉर्निंग और
जितने भी साथी लेट से जुड़े हैं आप सभी को सुप्रभात। जोहार अब मस्त धुआधुआ कर दीजिए भाई सेशन को शेयर करके। ठीक है? बताइए कि यह अच्छा एक मिनट और आप बता देते हैं कि 1 सेकंड का भी अब यहां से अभी जो टाइम चल रहा है हमारा इस समय से आपका अब 1 सेकंड का समय बर्बाद नहीं होगा। आप मन लगा के पढ़ाई करें। चलिए कि यह क्या है?
कहेंगे सर यह हमारे प्रोफेसर विनोद कुमार हैं। इनके द्वारा यह सोंध माटी किताब लिखा गया था और यह सोंध माटी किताब जो है यह सोंध माटी किताब में कहानी और कविता दोइयो शामिल है। ठीक है? लेकिन यह किताब जो है अब बंद हो गया आना। इसलिए अब आता है धवैया के धमक के नाम से। हालांकि मेरे पास दोनों किताब है। सौंद माटी यह वाला फिगर वाला भी है और धवैया का धमक यह वाला भी है। आप लोग को कभी हम यहां के दिखा देंगे। ये क्या
है? कहेंगे सर लेखक हैं इस किताब के हमारे प्रोफेसर विनोद कुमार सर। ठीक है? ये प्राध्यापक रहे हैं रांची कॉलेज में। ठीक है? इनका जन्म होता है 1961 ईस्वी में। ये नाम मात्र का लिखा हुआ है। बाकी साहित्यकार परिचय में आपने इसे पढ़ा है। इनका जन्म हुआ है हजारीबाग जिला के झूमरा में और झुमरा के दारू नामक गांव में। इनके पिता का नाम है मथुरा प्रसाद। यह सब चीज सामान्य परिचय हो गया। लेकिन इस किताब के
बारे में ध्यान रखेंगे कि इस किताब का पहला प्रकाशन होता है कब? 1990 ईस्वी में। और दूसरा प्रकाशन होता है 2017 ईस्वी में। ठीक है? पहला कब हुआ? तो 1990 ईस्वी में हुआ। और दूसरा कब होता है? 2017 में होता है। तो कहेंगे सर पहला प्रकाशन में किताब का नाम क्या था? सोंध माटी था। सोंध माटी था। और दोबारा जब छप के आया तब क्या नाम
हो गया? धवैयाक धमक। क्या नाम हो गया? धवैयाक धमक नाम से आने लगा। लेकिन किताब वही है, रचना वही है। इसमें किसी तरह का कोई परिवर्तन नहीं है। अब समझेंगे मेरी बातों को थोड़ा सा आगे बढ़ के कि यह जो किताब का जो प्रकाशन हुआ है, इस किताब का प्रकाशक कौन है? तो जनजातीय भाषा अकादमी बिहार उस समय बिहार था। 1990 ईस्वी में कौन क्या था? झारखंड भी बिहार के अंदर था।
झारखंड जो अभी वर्तमान झारखंड है वह बिहार का हिस्सा था। तो कहेंगे सर जनजातीय भाषा अकादमी बिहार झारखंड रांची ठीक है यहां से प्रकाशित हुआ था इस किताब में कुल 10 कहानी है और 31 कविता है कितना कहानी है 10 कहानी है और 31 कविता है आपको टेंशन हो जाएगा कि सर 10ों के 10ों कहानी पढ़ना पड़ेगा का 31 के 31 कविता पढ़ना पड़ेगा का
नहीं यह हम काम कर दिए हैं नहीं पढ़ना पड़ेगा जो पढ़ना है वह हम आपको भी बताते चलेंगे एकदम संक्षेप में आपके एग्जाम नाम के अनुरूप देखिएगा 10 कहानी में अगर देखिए यह 10 कहानी का नाम लिखा हुआ है। याद खाली रखना है कि सौध माटी किताब का कहानी है। क्या याद रखेंगे आप कि सौध माटी जो किताब है उस किताब का कहानी कौन-कौन है? पहला कहानी है उबार। यह पढ़ना पड़ेगा भाई। उबार कहानी संक्षेप में पढ़ना पड़ेगा। उसके बाद
दूसरा कहानी है जिनगी डवानी। तीसरा कहानी है धुआ धंधा। चौथा कहानी है माइकलर। पांचवा कहानी है अजवाइयर भौजी बैल चेंगा। छठा कहानी है दो पैला जोंड्रा सातवां कहानी है ओ दीदा आठवां कहानी है मल की बहू नौवां कहानी है भीतर बाहर और 10वां कहानी है हुब तो इसमें से कौन-कौन सा कहानी के बारे में हम लोग को जानना पड़ेगा एकदम संक्षेप में जितना जरूरत है उतना हम आपको बताएंगे पहला उबार कहानी के बारे में
बताएंगे उसके बाद पहला और आखिरी तो इंपॉर्टेंट हो ही जाता है पहला और आखिरी जो है इंपॉर्टेंट हो जाता है तो उबार और हुब और एक और कहानी यहां से जो आ जाता है इंपॉर्टेंट वह है ओदिता देखिएगा वो दीदी कहानी जो है बड़ा मार्मिक कहानी है। तो ये ये तीन कहानी के बारे में हम लोग चर्चा करते हैं। अभी थोड़ा सा एक-ए दो-द मिनट में पूरा कहानी को समझ लेंगे। बहुत ही शानदार जबरदस्त तरीका से। ठीक है? याद रखेंगे कि सर तीन कहानी के बारे में शानदार तरीका से समझना है। है ना? उसके
बाद फिर क्या करेंगे? इस चैप्टर से संबंधित एमसीक्यू करेंगे। समझ रहे हैं मेरी बात? चलिएगा थोड़ा सा आप कहानी को समझेंगे। कि ये जो उबार है उबार का मतलब क्या होता है? ये आपको पूछेगा। तो उबार का मतलब होता है तारना। क्या होता है? तारना। कहिएगा सर तारना क्या होता है? समझिएगा। जैसे कि हर एक परिवार में हर एक परिवार में कोई ऐसा जन्म लेता है कि जो घर का स्थिति बहुत चरमरा गया था उसको सुधार देता
है। बढ़िया कर देता है। मतलब घर को तार देता है। तो बार का मतलब समझ गए। कहानी क्या है कि झबरू नाम का एक छोटा सा किसान है। झबरू नाम का एक छोटा किसान है। बहुत छोटा किसान है और इसका बेटा है बिहारी। क्या है? बिहारी है। झबरू नाम का छोटा किसान है। यह क्या है मेरे भाई? यह बहुत छोटा किसान है। छोटा किसान है और इसका बेटा है बिहारी जो कि पढ़ने में बहुत
अच्छा तेज है। पढ़ने में तेज है। लेकिन गरीबी के चलते झबरू इसको पढ़ा नहीं पा रहा था। पढ़ा नहीं पा रहा था। मैट्रिक में बहुत अच्छा नंबर लाया था। प्रथम श्रेणी से पास हुआ था। फिर भी यह कॉलेज नहीं जा पा रहा था। इसके बाद क्या होता है कि गांव में कुछ लोग होते हैं जो देखते हैं कि झबरू का बेटा तो बढ़िया है। इसको किसी तरह फंसाया जाए और वो लोग हैं कौन? गणेश
वीरू और महेश। बहुत संक्षेप में बताएंगे। बहुत डिटेल में नहीं जाना है हम लोग को जेटेट के लिए। तो गणेश वीरू और महेश है। ये लोग क्या करते हैं? फंसाते हैं। ठीक है? और झबरू को तंग करते हैं। कभी जानवर को लेकर के, कभी खेतीबाड़ी को लेकर के और अंततः क्या होता है? झबरू को खेत बेचना पड़ता है इन लोग के षड्यंत्र के चलते। और गेहूं खा जाता है ये लोग झबरू का जानवर गणेश बाबू
का। गेहूं के बारे में जिक्र किया गया कि गेहूं खा गया तो उसका कर्जा चाहे हरर्जाना चुकाने के लिए खेत बेच करके हरर्जाना चुकाता है और बचा हुआ पैसा से अपना बेटा का नाम कॉलेज में लिखाता है। बाद में यही बिहारी जो है झबरू का बेटा वो पढ़ लिख के क्या बनता है? दरोगा बनता है। बस मलाल इतना रह जाता है कि जब बिहारी दरोगा बनता है उस समय झबरू मर जाता है। यानी कहानी
में यह दिखाया गया है कि झबरू तो मर गया लेकिन मरने के बाद भी बिहारी उसको बिहारी को मतलब बिहारी के द्वारा उसके बाप को उबार मिल गया। मतलब उसको मुक्ति मिल गया। समझ रहे हैं मेरी बात? यानी कि झबरू अपना बेटा को दरोगा बना दिया। ठीक है? क्या बना दिया? दरोगा बना दिया। लेकिन जीते जी वह देख नहीं पाया अपने बेटे को वर्दी में तो कहानी में लेखक लिखते हैं कि
मरने के बाद झबरू को उबार मिल गया इतना परिस्थिति गुजरने के बाद समझ गए तो ये कुल मिलाकर के था तो इसको याद रखेंगे कि सर उबार का जो पात्र है कौन-कौन है तो उबार का पात्र खाली ध्यान में रखेंगे आप कि उबार का पात्र है वो झबरू इसका बेटा बिहारी और गांव के जो जलनशील लोग थे गणेश महेश और वीरू गणेश,
महेश और वीरू। बस इतना ही आपको ध्यान में रखना है। यह सब कहानी जो बताएं वह नाम मात्र का था कि आप जोड़ पाड़ के इसको याद रख पाएं। समझ रहे हैं मेरी बात? बताइए कि यहां तक समझ में आ गया सर जी? ठीक है। बोलिए। बहुत ज्यादा डिटेल चलेंगे तो फिर बहुत सी सारी चीजें हैं। वह सब चीज छूट जाएगा। वह सब चीज छूट जाएगा। इसीलिए हम लोग को वो सब नहीं करते चलना है। एक लास्ट