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Ibn al-Arabi Foundation · Transcript · · Updated

Ruh, Nafs or Khawish ki jang | Shaykh al Akbar ibn al-Arabi | Tadbirat al-Ilahiyyaa – Transcript

Video by Ibn al-Arabi Foundation · Watch the original on YouTube

Summary

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  • अल्लाह सुभानओ ताला ने शहर जिस्म की सबसे बुलंद जगह पर इस खलीफा के लिए दिमाग के नाम से एक बुलंद मर्तबा महफूज मुकाम बनाया है।
  • दिमाग के अगले हिस्से में तमाम हवायस का डेटा लाया जाता है, दरमियानी हिस्सा जखीरा गाह फिक्र है और पिछला हिस्सा जखीरा गाह याददाश्त है।
  • नफ़्स दो मजबूत सरदारों यानी रूह और ख्वाहिश के दरमियान है जो दोनों उसे अपनी जानिब बुलाते हैं।
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Transcript

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को विस्मिल्लाह रहमान रहीम इब्न अबी फाउंडेशन में खुशामदीद आज की हमारी पोस्ट शेयर पर मौजूद दीन मोहम्मद इब्न अल अरबी की किताब तक भी रातें इलाया के बाप नंबर तीन में से है इस बारे में से एक पर ने शहर जिस्म की तामीर और तपसील पर बात की है और यह बताया है कि यह इस खलीफा या नीरू की मुलाकात है शेयर व फरमाती है जब अल्लाह

सुभाणाहू ने इस खलीफा को इजाद किया तो इसके लिए एक शहर बनाया जहां इसकी हराया और भाभी मुलाकात को ठहराया इसे हजरत जिस्म यह बंधन कहा जाता है फिर खलीफा के लिए जैसा हम एक जगह बताइए कि कि जहां उसका कयाम हो एक घरों का ख्याल है कि रूप मसकन दिमाग है जबकि मुझ पर आगे ही और इस्तिदलाल से ना के बुरहान से यह वजह है कि यह मक्खन शेयर

अंकल भी है जैसा कि आप सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम ने अपने रब से रिवायत करते हुए फरमाया मैं ज़मीन और अपने आसमान में न समा सका जबकि मैं अपने बंदे के कल में समा गया एक और अध्यक्ष में फरमाया अल्लाह तुम्हारी सूरत और तुम्हारे कमाल को नहीं देखता बल्कि वह तो तुम्हारे दलों को देखता है और इसकी वजह विश्वास है कि नायक मुकर्रर करने

वाले की नजर हमेशा अपने नायक पर होती है बेशक अल्लाह सुभान आऊं या शाम मेयर व को अपना नायक बनाया है सिब्बल मनीष शर्मा Paytm अल्लाह सुभान होने इस चेहरे जिस्म की सबसे बुलंद तो बाला जगह पर इस खलीफा के लिए एक बुलंद मृतवत महफूज मुकाम बनाया है है और इसका नाम दिमाग रखा इसमें खलीफा के लिए मुक्त लिखता को रोशनदार रखे जिससे वह

अपनी मुलाकात पर नजर रखता है यह दो कान दो आंखें नाक और मुंह है इसके बाद आपने तफ्सील से दिमाग के मुख़्तलिफ़ फैसलों का बताया है विषय पर की बकौल दिमाग की तीन इससे है का अगला हिस्सा इंटर में रानी हिस्सा और एक पिछला हिस्सा फरमाते हैं दिमाग के अगले हिस्से में तमाम आवास का डेटा लाया जाता है यह त्यौहार है दिमाग की

दरमियानी हिस्सा जखीरा घायल फ़िक्र है जहां ख्याल के मसूद साथ लाई जाती हैं दोस्तों कबूल और फासिस्ट को रद्द किया जाता है और दिमाग का पिछला हिस्सा जखीरा गाय याददाश्त है और यह दिमाग वजीर यानी अ कल का मक्खन है इसके बाद इस बार मैं इसे एक बार ने नर्स की बात की है शेष फरमाते हैं कि नव स्तर ही रोड तथ्ीर की जो है और हमरो नहीं कमर कस है इंसान के तीन नर से

नर्से नवरात्रि नव से हराया इस कॉर्नर से नाथ का है लेकिन जिस नर्स की तरफ इशारा है उस नुस्खे मुख्तलिफ नाम कुरान व हदीस में आए हैं कभी इसे न से हमारा भिक्षु कहा गया कि अभिनव से लवाजमा कहा गया कि अभिनव से राज्य का आ गया कभी कभी न सिमरिया का गया कभी हमसे मत महीना का आ गया शहर के वकील

इस मामले को खत्म यह नार्थ दो मजबूत सरदारों के दरमियान है ए ट्रू और दूसरी ख्वाहिश कि यह दोनों उसे अपनी जाने बुलाते हैं और इन दोनों की पुकार ही अल्लाह की तरफ से हैं को रामजीत में नकार्म्तक है जिसने नव स्कोर बराबर किया और फिर इसे इसकी गुना गारी छोर तक व का ऐलान किया से फरमाते हैं कि अगर यह ख्वाइश की बात मानें तो इसका नाम हमारा विशु होगा लेकिन या अगर और रूस की बात मानें तो इसका नाम नव संवत

महीना होगा अब हमारे समर्थन की जानिब जो इस पोस्ट का मकसद है 6 अकबर फरमाते हैं जरूर ने देखा कि वह नर्स को बुलाती है लेकिन अभी उसकी बात नहीं सुनता जबकि उसे तो यह कहा गया कि यह नाखुश की मिल्कियत है तो रोने अपने बजे पूछा क्या वजह है कि नर्स मेरी बात नहीं सुनता अक्ल बोली इज्जत माप सरदार यह आपके मुकाबले में एक और मौजूद है जो नर्स की दिल में आपकी जगह

लेना चाहता है वह कभी और साहिबे बाद अमीर है उस तक रसाई मुश्किल और पहुंच दुश्वार है उसे ख्वाहिश कहते हैं उसकी हताशा जाहिर और सॉरी है उसने अपने वजीर को नर्स की तरफ भेजा उस पर अपना आप निछावर किया और इस कि तमाम तमन्नाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का वादा किया लिहाजा न हो उसकी बात मान ली और उसका मुक्ति और फरमा बरदार हो गया उसके

रोब व दबदबे में आ गया आपकी फौज और हराया भी स्लैप्स के पीछे चल दी अब आपके पास सिर्फ बम लेकर ही बचे हैं यह आपके हक से शनासा और आपसे मखसूस लोग हैं f-35 दुश्मन आपके घर तक आन पहुंचा है वह इसे तबाह बरबाद करना चाहता है इस मामले कर से बेदखल करके आप के तख्त पर कब्जा जाता है लिहाजा इसका कुछ हल निकाल लिए हैं यह

ना हो कि सब कुछ लुट जाए इस पैराग्राफ में शहद भरने नभ के वज्र अक्ल के दरमियान होने वाला वह में कालिमा कलमबंद किया है जो यह बताता है कि जब नाइस है इसका मुक्ति और पैरोकार हो जाए तो किस तरह यह मुल्क करते जिस्मानी तब बर्बादी का शिकार हो जाती है खलीफा की वजीर अक्ल नहीं उसे यह बाबर करवाया है कि आप जब तक नक्श को ख्वाइश की

गुलामी से आजाद नहीं करवाएंगे आपकी यह में लिखें नहीं रह सकती और इस मुलाकात के क़याम के लिए यही सबसे बड़ी जाएंगे जो हर शक्स लड़ रहा है अपनी साथ में हर शख्स ख्वाइश और रूस अहमद थोड़ा कल के दरमियान एक मुसलसल जंग में भर सभी प्रकार है और इस जंग में वही कामयाब हो सकता है जो अपने नफ़्स को अपनी खाएं इसके हाथ से निकाल कर अपने रूखे हाथों में देख और इससे उन हम

ऊपर चलाए जो खलीफा मुकर्रर करने वाले ने खलीफा को बताए यहां खलीफा मुकर्रर करने वाली रात अल्लाह वजन की है और खली शेरू इंसानी है अल्लाह से दुआ रख एवं 10 के कलाम को पढ़ने वाला सुनने वाला समझने वाला और इस पर अमल करने वाला बनाए आमीन या रब्बुल आलमीन

Frequently asked questions

नफ़्स रूह और ख्वाहिश नामक दो मजबूत सरदारों के दरमियान है, और यह दोनों उसे अपनी जानिब बुलाते हैं।