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The Cyber Zeel · Transcript · · Updated

अघोरी के गुप्त रहस्य: Kundalini Activation in Sleep | PanchMundi Sadhana Explained – Transcript

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Summary

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  • अघोरी का अर्थ कंप्लीट लाइट और घोर का अर्थ कंप्लीट डार्क होता है।
  • पंच मुंडी साधना में कुत्ते, सांप, सियार, बंदर और इंसान की पांच अलग-अलग खोपड़ियों का उपयोग किया जाता है।
  • रात को सोने से पहले और सुबह उठते समय सवासन में लेटकर चक्रों के माध्यम से ऊर्जा को ऊपर की ओर ले जाया जाता है।

Key moments

  1. रात को सोने के कुछ सेकंड्स पहले और सुबह उठते ही कुछ…
  2. सिंबलाइज किया जाता है सांप से क्यों क्योंकि सांप जो है व…
  3. क्यों करते हैं इसका भी मैं आपको पहले रीजन बता देता हूं…
  4. फील करो सांस थोड़ी और ऊपर आई स्वाद स्थान मण पूर्ण अनाहत…
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Transcript

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रात को सोने के कुछ सेकंड्स पहले और सुबह उठते ही कुछ सेकंड्स बड़े महत्त्वपूर्ण है अगर इनको आपने मास्टर कर लिया तो आपको आपकी लाइफ में स्पिरिचुअली ग्रो होने से कोई नहीं रोक पाएगा रात को सोते-सोते आप स्पिरिचुअली ग्रो करेंगे तंत्र वगैरह के पॉडकास्ट में आपने यह सारे शब्द तो सुने ही होंगे अघोर साधना पंच मुंडी साधना सब साधना आज मैं आपको इन्हीं की दुनिया में ले जाने वाला हूं अघोरी मतलब जानते हैं क्या होता है अघोरी का उल्टा होता है घोर

घोर हम यूज करते हैं आए दिन घोर अंधेरा यानी कंप्लीट डार्क और अघोरी है उसका पूरा विपरीत यानी कंप्लीट लाइट रोशनी इतनी शानदार दुनिया है अघोरी की और जब आप रात को सोते हो और सुबह उठते हो तो आप अघोर घोर के बीच में गुजर रहे होते हो अंधेरा लाइट अंधेरा लाइट और अगर इस अघोर घोर के पीरियड में जो मैं आज आपको बताने वाला हूं वो आपने किया चाहे आप कोई भी है स्कूल जाते हैं कॉलेज जाते हैं हाउस वाइफ है

ऑफिस जाते हैं छोटे हैं बड़े हैं हर कोई इसको कर सकता है इसके लिए शमशान जाने की जरूरत नहीं है बस बेड पे लेटने की जरूरत है सब वासन में लेटने की जरूरत है लेडीज एंड जेंटलमैन चलिए आज मैं आपको ले चलता हूं अघोर की एक ऐसी दुनिया में जहां से जो चीज मैंने सीखी वो मैं अब आपको सिखाना चाहता हूं अपने आप को शांत करो कान में इयरफोंस डालो और मेरी बात को ध्यान से सुनो पंच मुंडी साधना दिखने में बड़ी खतरनाक है जहां एक तांत्रिक एक अघोरी पांच

अलग-अलग खोपड़ यां लेके उसके साथ बैठकर साधना करता है कुत्ते की सांप की सियार की बंदर की और इंसान की खोपड़ को सामने रख के साधना करने के लिए बैठता है इसके अंदर जो रहस्य छिपा हुआ है वो बस समझ गए ना बाकी सब कुछ समझ जाओगे दूसरी एक साधना है सव साधना जहां वो किसी मृत व्यक्ति के सव लास पे बैठकर साधना करते हैं इसी वजह से वो शमशान वगैरह जगह पे रहते हैं जाइए मणि काण का घट आप देखिए वहां आपको दिखेगा वो लाश

पे बैठकर साधना कर रहे होंगे इसके अंदर जो समझाया जा रहा है उसको अगर एक आम इंसान समझ ले उसे शमशान जाने की जरूरत नहीं है उसे खोपड़ यां इकट्ठा करने की जरूरत नहीं है बस ये जो कर रहे हैं उसको समझ के आपने बस रात को सोते-सोते भी किया ना तो आप स्पिरिचुअली बहुत आगे ग्रो करेंगे जो मैंने सीखा और मैं आपको अभी समझाने जा रहा हूं पंच मुंडी साधना में वो पांच अलग-अलग खोपड़ यां इन्हीं जानवर की क्यों लेते हैं उसको समझने की जरूरत है सबसे पहले कुत्ते

की खोपड़ी को समझते हैं हमारे शरीर में सबसे नीचे मूलाधार चक्र होता है मूलाधार चक्र पैसों और डिजायर का चक्र है हम जो पैसों की रेस में डिजायर की रेस में भागते हैं वो वहीं से निकलता है वहीं से वो हमारे अंदर उत्पन्न होता है जिसको हम काम वासना भी कह सकते हैं जिसको हम मोह कह सकते हैं वो वहीं से निकलता है और अगर हम उस मोह को कंकर कर लेंगे उसके विपरीत हमारी ऊर्जा को ले जाएंगे तो हम शिव तक पहुंच सकते हैं और अघोरी वो जानता है कि अगर उसे शिव तक पहुंचना है उसे उसके

विपरीत जाना पड़ेगा और कुत्ता जो है वो प्रोटेक्शन डिजायर पैसा घर में प्रोटेक्ट करने के लिए हम कुत्ते को रखते हैं इस वजह से कुत्ते को यूज किया जाता है उसकी खोपड़ी को यूज किया जाता है और कुत्ता एक तामसिक गुण का रिप्रेजेंटेशन है क्योंकि काल भैरव जी का वाहन भी कुत्ता है तो कुत्ते की खोपड़ी उसके बाद वो लेते हैं सांप की खोपड़ी क्यों तो स्वाद स्थान चक्र जो उस मूलाधार के ऊपर होता है यहीं से निकलती है हमारी सेक्सुअल एनर्जी इसको

सिंबलाइज किया जाता है सांप से क्यों क्योंकि सांप जो है व कॉइल होक पड़ा रहता है अपनी गुफा में लेकिन साल में कुछ टाइम ऐसे आते हैं जब वह अपनी कॉइल को खोल के फीमेल के साथ इंटरकोस करता है तो इस वजह से स्वाद स्थान चक्र में सांप को सिंबोला इज किया गया कुंडलिनी को बी वजह से सांप के फॉर्म में दिखाया जाता है तो अब अगर आप शिव तक पहुंचना चाहते हैं आप को उस ऊर्जा को भी विपरीत ले जाना होगा जब आपके अंदर

काम वासना उत्पन्न होती है ना अगर उस ऊर्जा को विपरीत ले गए ना तो वो काम वासना जिससे पूरा नया शव पैदा हो सकता है पूरा नया इंसान पैदा हो सकता है सोचिए आपके अंदर क्या पैदा होगा और आज मैं आपको वही बताने वाला हूं कि कैसे वो ऊर्जा ऊपर की ओर जाएगी तो उस वजह से सांप की खोपड़ी ली जाती है अब आते हैं मण पूर्ण चक्र पे मण पूर्ण चक्र मेजर्ली हमारे अंदर भूख के लिए काम करता है हम जो भूख के लिए भागते हैं ना भूख लगती रहती है उपवास का कल कचर

हमारे लिए इसी वजह से बनाया है सनातन धर्म ने क्योंकि अगर आप भूख को कंकर कर लोगे तो आप ऊर्जा को विपरीत ले जा सकते हो और सीआर जो होता है फॉक्स वो भूख हंगर के लिए यहां वहां भागता रहता है वो बड़ा चतुर बड़ा चालाक होता है यहां वहां भागेगा खाना ढूंढने के लिए इसी वजह से उस मणि पूर्ण चक्र को सिंबोला किया गया है सीआर से उसके बाद होता है अनाहत चक्र उसको सिंबोला किया जाता है खोपड़ी बंदर की यूज करके क्यों

क्योंकि अनाहता चक्र इमोशंस का चक्र है प्यार जो उभरता है ना वो यहीं से उभरता है हम इमोशंस में कंट्रोल नहीं रह पाता कभी डिप्रेसो सब कुछ इसी वजह से होता है और जो बंदर होता है ना वो भी अपने इमोशंस पे कभी कंट्रोल नहीं कर पाता यहां वहां छलांग लगाता रहता है इसी वजह से अनाहत चक्र को सिंबोला किया जाता है एक बंदर की खोपड़ी से और अब विशुद्धि पे आते हैं विशुद्धि को सिंबोला करते हैं इंसान की खोपड़ी से

क्योंकि विशुद्धि पावर ऑफ स्पीच है हम जो बोलते हैं ना वो इसी वजह से अगर विशुद्धि सही हो गया ना तो भगवान श्री कृष्ण के मुख से जो जो गीता निकली थी एक बार में पूरा ज्ञान निकल गया फिर जब अर्जुन ने पूछा तो भगवान श्री कृष्ण ने भी हाथ जोड़ दिए कि मुझे ही नहीं पता वो निकला कैसे जो गुरु अपनी वाणी देते हैं वो विशुद्धि से जो पॉलिटिशियन हैं जो पावर दर्शाते हैं वो भी इसी वजह से इसका उपयोग दूर उपयोग दोनों किया जा सकता है और वो पावर ऑफ स्पीच

सिर्फ हम मनुष्य के पास है इस वजह से इसको रिप्रेजेंट किया जाता है मनुष्य की खोपड़ी से अगर एक इंसान इन पांच अलग-अलग चक्र के ऊपर आ जाता है यानी अजना जहां शिव का वास है कैलाश ये हमारा और यहां शिव का वास है अगर यहां एक इंसान पहुंच जाए तो वो पांच चक्रों को कंट्रोल कर पाएगा और वो अपनी लाइफ में जो स्पिरिचुअली ग्रो करेगा वो किसी और चीज से ग्रो नहीं करेगा और इस वजह से वो पंच मुंडी साधना करते हैं सव साधना

क्यों करते हैं इसका भी मैं आपको पहले रीजन बता देता हूं हम जब छोटे थे कॉलेज स्कूल वगैरह में सवासन हमको कराया जाता था ना हम सो जाते थे लेकिन उसका मतलब हमने नहीं समझा सवासन इसी वजह से कराया जाता था क्योंकि हम मनुष्य में कैपेबिलिटीज है कि हम सोकर हमारे अंदर से एस्ट्रल ट्रेवल कर सकते हैं जिसे हम योग निद्रा भी कहते हैं यानी हम हमारी शक्ति को हमारे बाहर ले जा सकते हैं तो सव आसन सव साधना जो अघोरी करते हैं उसका मतलब ही यह है कि वो ऐसे

मृत व्यक्ति के देह पर बैठे हैं जिसकी शक्ति बाहर निकल चुकी है तो कैसे करना है ये मैं आपको बताता हूं रात को हम सब सोने जाते हैं सवासन में सोते हैं बस सिंपली आपको रात को सवासन में सोना है अपने हाथ को खोलो रिलैक्स हो जाओ आजकल हम फोन यूज करते-करते कब सो जाते हैं हमें पता नहीं चलता और फिर वही चीजें हमारी ऊर्जा को नीचे ले जाती क्योंकि जो करते-करते हम सो गए यह बड़ा महत्त्वपूर्ण टाइम है अगर इसको यूज़ करना आ गया तो आप मास्टर कर लोगे

अपने आप पर तो अब जब हम रात को सोने जाते हैं थोड़ा इक्वेशन को चेंज करते हैं ऊर्जा को ऊपर धके लेंगे रात को सोते-सोते ऊर्जा ऊपर आने लगेगी बस आपको एक सेल स्टार्ट करना है गाड़ी का और फिर गाड़ी अपने हिसाब से चलेगी और सुबह उठते ही फिर वापस एक बार सेल स्टार्ट करना है पूरे दिन आपकी गाड़ी चलेगी रात को जब सोने जाते हो आपको आपके चक्र कहां-कहां है वह पता होना चाहिए मूलाधार चक्र आपकी रीढ की हड्डी जहां समाप्त होती है आपके जने द्र के नीचे होता

है उस पॉइंट को अपने दिमाग में याद रखना जने द्र हों के ऊपर नाभि के थोड़ा नीचे एग्जैक्ट नहीं है कोई बात नहीं बस आपको थोड़ा बहुत फील करना है नाभि के थोड़ा नीचे जने एंद्र हों के थोड़ा ऊपर स्वाद स्थान चक्र नाभि के थोड़ा सा ऊपर और जहां आपका ये जो छाती का भाग है वो खत्म होता है और पेट का भाग मिलता है उस जगह होता है मण पूर्ण चक्र आपकी छाती के बीच में अनाहत गले में यहां होता है विशुद्धि और यहां

होता अजन बस इन पॉइंट्स को याद रखना अब जब रात को आप सोने जाते हो ना सवासन में सो रहे हो सीधे अपने हाथ को करो रिलैक्स हो जाओ आपकी सांस से जो चल रही है ना आपको क्या सोचना है कि आपकी जो सांस बाहर आ रही है वो मूलाधार से आ रही है और जब आ रही है तो आपको हर एक चक्र को फील करते जाना है सोते सोते हर एक चक्रों पर अपना ध्यान ले जाओ सांस गई अब जब सांस छोड़ रहे हो हर एक चक्र

मुझे अभी भी ये फील हो रहा है जब मैं कर रहा हूं सांसे जब छोड़ रहे हो हर एक चक्र को फील करते-करते अजना से सांस छोड़ो नाक से नहीं ये इमेजिन करना है विजुलाइज करना है कि आपकी ऊर्जा जब सांस छोड़ रहे हो ना तो सांस के साथ एक और चीज आपके बाहर आती है जिसे प्राण कहा जाता है उड़ाना वायु अपान वायु प्राणा वायु ये सब आपके अंदर चल रहे होते हैं बस इसके डिटेल में नहीं जाना है सिंपली सांस जब छोड़ते हो मूलाधार को

फील करो सांस थोड़ी और ऊपर आई स्वाद स्थान मण पूर्ण अनाहत विशुद्धि और अजना से सांस बाहर फिर से सांस भर ली फिर से सेम वही करना है सांस भर ते समय कुछ इमेजिन नहीं करना है बस सांस जब निकलती है ना हर एक चक्र को फील करते करते सांस बाहर निकालो जितना हो सके उतना धीरे करो और इतना भी धीरे नहीं करना है कि आप सांसे होल्ड करो और आपके लंग्स पूरे दुख जाए और रात को नींद ही ना आए रिलैक्स होकर जितना सांस को धीरे कर सकते हो उतना करो अगर शुरुआत में

फास्ट हो रहा है कोई दिक्कत नहीं है धीरे-धीरे प्रैक्टिस होगी और जब सुबह उठते हो ना अगर आप ये शुरुआत में करोगे ना तो ये आपके सबकॉन्शियस माइंड में चला जाएगा आप ये करते करते जब सो जाओगे सुबह जब उठोगे ना तो ये खुद होने लगेगा लेकिन अगर शुरुआत में नहीं हो रहा है आपको यह करना पड़ेगा शुरुआत में नहीं हो रहा है सुबह उठते ही अपने आपको को याद कराओ और ये करो बैड पे से हम तुरंत तो उठ के नहीं चले जाते ना हम थोड़ा रिलैक्स होते हैं बस उस पीरियड में ये चीज करनी है मेरे साथ तो आज

खुद होने लगता है आंखें खुली सेम प्रोसेस स्टार्ट हो जाता है रात को जब सोने जाता हूं सेम प्रोसेस स्टार्ट हो जाता है तो बस आपको रात को और सुबह इतना करना है हम यहां सवासन में लेटे हैं और हमारी जो पंच मुंडी है यानी हमारे जो पांच चक्र है वहां की जो क्वालिटीज है उससे ऊपर हमारी ऊर्जा को उर्द गमन करा रहे हैं धीरे-धीरे आप देखना आपकी काम वासना जब भी आपको फील होता है ना कि काम वासना बढ़ रही

है उस ऊर्जा को बाहर मत बहने दो उस ऊर्जा को अंदर ले जाओ फिर बैठ जाओ सेम चीज जो मैंने बताई वो करना शुरू करो देखो कम काम कैसे करती है ये सुनने में बड़ा मजा क्या लगता है लेकिन देखो आप ये कैसे काम करता है आपके अंदर धीरे-धीरे आपकी भूख कनकर हो जाएगी मण पूर्ण चक्र पर कंट्रोल आ जाएगा जठराग्नि चिता अग्नी बन जाएगी धीरे-धीरे अनाहत जो इमोशंस है वो भी स्टेबल होने लगेंगे विशुद्धि जो स्पीच है वो भी स्टेबल

होने लगेगी सब कुछ ऑटोमेटिक स्टेबल होने लगेगा आपको खुद पता नहीं चलेगा कि कब ये होने लगा बस हर रोज ये अपनी प्रैक्टिस में ला दो सोते-सोते साधना करनी है दिन में कुछ करो ना करो कोई फर्क नहीं पड़ेगा बस सोते-सोते ये करना है यह है पंच मुंडी यह है सव साधना यह है अघोर साधना बन जाओ अघोरी घोर अघोर का जो पीरियड है उसका इस्तेमाल करो यानी अंधकार रोशनी के पीरियड का इस्ते माल करके स्पिरिचुअली ग्रो करो बस यही मकसद था इस वीडियो का अगर आप य

एक्सपीरियंस कभी करते हो इस वीडियो पर लौट के आना कमेंट करके मुझे अपना एक्सपीरियंस जरूर बताना नमस्कार

Frequently asked questions

पंच मुंडी साधना में कुत्ते, सांप, सियार, बंदर और इंसान की खोपड़ियों का उपयोग किया जाता है।

सव साधना में वे किसी मृत व्यक्ति के शव पर बैठकर साधना करते हैं।

मूलाधार चक्र पैसों और डिजायर का चक्र है, जहां से काम वासना और मोह उत्पन्न होता है।