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आषाढ़ का एक दिन -150+ Mcqs || भाग - 1 || Hindi Hub Official || By - Dinesh Sir – Transcript

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Summary

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  • मोहन राकेश का नाटक आषाढ़ का एक दिन तीन अंकों में विभक्त है और इसका प्रकाशन वर्ष 1958 है।
  • नाटककार बच्चन सिंह ने आषाढ़ का एक दिन को राज्याश्रय और व्यक्ति स्वातंत्र्य के बीच भटकती हुई सृजनात्मकता का नाट्यबिंब कहा है।
  • आषाढ़ का एक दिन नाटक को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड 1971 में मिला था।

Key moments

  1. कि सोचता हूं फकीर हो जाऊं। सोचता हूं फकीर हो जाऊं। सूर…
  2. पुरुष है। आषाढ़ का एक दिन नाटक को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड…
  3. तो यह जो बात है दोस्तों, वह कौन कह रहा है? यदि…
  4. प्रेम कर सकता है। किसका कथन है? मातुल निक्षेप विलोम अंबिका। तो…
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Transcript

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कि सोचता हूं फकीर हो जाऊं। सोचता हूं फकीर हो जाऊं। सूर तुलसी कबीर हो जाऊं।

तेरी चाहत में छोड़कर दौलत तेरी चाहत में छोड़कर दौलत कि तेरी चाहत में

छोड़कर दौलत सबसे ज्यादा अमीर हो जाऊं सोचता हूं। हेलो दोस्तों नमस्कार आपका स्वागत है आपके अपने चैनल हिंदी hub ऑफिशियल पर। तो हमने दोस्तों मोहन राकेश

का आषाढ़ का एक दिन नाटक है वो पढ़ लिया है। तीन भागों में तीन अंक की हमने क्लास डाली थी। यदि आपने नहीं पढ़ा है तो एक बार जाकर के आप उसको जरूर पढ़िएगा और फिर ये आप प्रश्नोत्तरी करने का प्रयास करिएगा। यदि आप पढ़ चुके हैं तो आप आज हम करने वाले हैं उसकी प्रश्नोत्तरी और 50 40 प्रश्न हैं। वो इस प्रश्नोत्तरी में हैं।

अगली वीडियो जल्द ही आएगी। तो चलिए बिना किसी देरी के आरपीएससी सेकंड ग्रेड फर्स्ट ग्रेड की जितनी भी दोस्तों रचनाएं हैं वो पढ़वा रखी हैं। यदि किसी रचना को आप दोबारा से पढ़ना चाहते हैं या कोई नहीं पढ़वा रखी है तो आप कमेंट करके बताइएगा और प्रश्नोत्तरी सहित करवा रखी हैं। तो चलिए हम करते हैं आज आषाढ़ का एक दिन। निम्न में से कौन सा पात्र आषाढ़ का एक दिन नाटक

में नहीं है? दंतुल, निक्षेप, अग्निमित्र, मालविका। बताइए कितने क्वेश्चन आपके सही हो रहे हैं। आप कमेंट दोस्तों जरूर करके बताइएगा। एक वीडियो को बनाने में लगभग क्वेश्चन की वीडियो को लगभग 5 घंटे लगते हैं। लगाइए स्क्रीन पर देखते रहने से तो थोड़ा सा मदद करना आपकी भी जिम्मेदारी बनती है कि निम्न

में से कौन सा पात्र आषाढ़ का एक दिन का नहीं है? तो देखिए दंतुल है निक्षेप है अग्निमित्र भी दोस्तों है मालविका है वो दोस्तों नहीं है मालविका किस नाटक की पात्र है मालविका है किसकी चंद्रगुप्त नाटक की पात्र है दूसरा क्वेश्चन है दोस्तों मोहन राकेश का आषाढ़ का एक दिन नाटक कितने अंकों में विभक्त है? 3 4 6 7

तो जैसा कि मैंने अभी आपको बता ही दिया था शुरुआत में तो यह नाटक है वह तीन अंकों में हमारे में विभक्त है। बहुत ही छोटा और शानदार नाटक है। आषाढ़ का एक दिन का प्रकाशन वर्ष है 1958, 1954, 1961, 1973। तो जब आप पढ़ रहे हैं भूमिका मैंने हर क्लास में आपको इसका प्रकाशन वर्ष है वह बताया है। यदि किसी ने नाटक पढ़ रखा है तो

उसको ये सारे क्वेश्चन दोस्तों उसके सही जाएंगे। उसमें कोई भी दिक्कत नहीं होगी। तो 1958 है इसका प्रकाशन वर्ष है। यह राज्याश्रय और व्यक्ति स्वातंत्र्य के बीच भटकती हुई सृजनात्मकता का नाट्यबिंब है। आषाढ़ का एक दिन नाटक के विषय में यह कथन किसका है? नामवर सिंह, बच्चन सिंह, रामविलास शर्मा, रामस्वूप चतुर्वेदी।

अगली वाले पार्ट में दोस्तों मैं आलोचकों के क्या-क्या विचार हैं, मतमतांतर हैं, वो भी इस प्रश्नोत्तरी में शामिल करने का प्रयास करूंगा। तो, यह राज्यास्त्रय और व्यक्ति स्वतंत्र के बीच भटकती हुई सृजनात्मकता का नाट्य बिंब इस नाटक को किसने कहा है? बच्चन सिंह ने दोस्तों कहा है। आगे चलते हैं। अगला पांचवा क्वेश्चन है। आषाढ़ का एक दिन की

पात्र मल्लिका के विषय में असंगत कथन है। वह कालिदास की प्रेम का है। जीवन के प्रति मल्लिका का दृष्टिकोण भाववादी ना होकर यथार्थवादी है। वह विलोम से नफरत के बावजूद उससे विवाह कर लेती है। वह उज्जैनी से आने वाले व्यापारियों से कालिदास की रचनाएं मंगवाकर पढ़ती है। बताइए। तो देखिए आषाढ़ का एक दिन है तो उसकी

नायिका भी कौन है? मल्लिका है और नायिका मल्लिका है। कालिदास की प्रेमिका है। यह बात बिल्कुल सही है। जीवन के प्रति मल्लिका का दृष्टिकोण दोस्तों यथार्थवादी नहीं होकर के कैसा है?

भाववादी है। भाववादी दृष्टिकोण रखती है। वह विलोम से नफरत करती है। उसके बावजूद भी फिर अंत में उससे क्या कर लेती है? विवाह कर लेती है। वह उज्जैनी से आने वाले व्यापारियों से कालिदास की जो जो रचनाएं हैं, ठीक है? वह मंगवा करके पढ़ती है। तीनों कथन यह सही है। यह जो कथन है ना, उसका जीवन के प्रति दृष्टिकोण कैसा है?

भाववादी दृष्टिकोण है। आगे चलते हैं। कालिदास की किस रचना का नाम नाटक में नहीं आया है? ऋतु संहार, रघुवंश, मालविकाग्निमित्र, कुमार संभव। तो देखिए कालिदास ने बहुत सारी रचनाएं लिखी लेकिन चार पांच का ही इनमें नाम आता है। तो ऋतु संहार है उसका इसमें नाम आता है कि ऋतु संहार तो क्या है? हमारे सम्राट ने पढ़ रखा है। रघुवंश है दोस्तों उसका

नाम आता है जब अनुस्वार और अनुनासिक आते हैं वो कहते हैं कि रघुवंश के प्रणेता ऋतु संहार के प्रणेता। ठीक है? कुमार संभव के प्रणेता है। तीनों रचनाओं का नाम आता है। लेकिन मालविकाग्नि मित्र का कोई नाम नहीं आता है। आगे चलते हैं। आषाढ़ का एक दिन के अनुसार कालिदास का लालनपालन किसने किया?

विलोम, मातुल, अंबिका, वरुचि। तो इस नाटक में जो कालिदास का लालनपालन है, जो उसका प्रतिपालित है, वह कौन है? मातुल है। ठीक है? निम्न में से इसका नाम भी क्या है दोस्तों? मातुल है और यह क्या है? कालिदास इसका क्या है? भागनीय यानी भांजा भी है। निम्न में से किस पात्र

के द्वारा आषाढ़ का एक दिन नाटक में राजपुरुष की भूमिका निभाई गई है? किसके द्वारा राजपुरुष की भूमिका निभाई गई है? अनुस्वार, अनुनासिक, निक्षेप, दंतुल। तो आषाढ़ का एक दिन नाटक में जो राजपुरुष आता है, वह कौन है दोस्तों? वो दंतुल है। यह हैं दोस्तों अनुस्वार अनुनासिक वो तो किसके रूप में आते हैं? अधिकारी के रूप में आते हैं। ठीक है? निक्षेप है वो ग्राम

पुरुष है। आषाढ़ का एक दिन नाटक को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड कब मिला था? 1967, 1966, 1965, 1971। तो संगीत नाटक अकादमी अवार्ड मिला था 1971 में। निम्न में से किस नाम का उल्लेख आषाढ़ का एक दिन में मिलता है? चाणक्य, पतंजलि, भारवी, सुश्रुत। विस्तार में दोस्तों नहीं जाऊंगा क्योंकि

विस्तार में हमारे सारे क्वेश्चन है वो बनाए गए हैं। यदि आपको विस्तार से जानना है, पढ़ना है तो आप नाटक की तीन क्लास तीन घंटे में आप एक बार में फ्री कर सकते हैं। और जिन्होंने भी पढ़ा है तीन दिन में हमारे साथ उनको पूरा नाटक है वो याद हो गया होगा। निम्न में से किस नाम का उल्लेख आषाढ़ का एक दिन में मिलता है? तो देखिए सुश्रुत का कहीं नहीं मिलता है। भारवी का नहीं मिलता है। पतंजलि का मिलता है। चाणक्य का नहीं मिलता है। जब रंगणी और संगणी है वो आती हैं तब वो कहती हैं कि

भाई पतंजलि ने इस प्रकार की बातें वो कही है। तो पतंजलि का उल्लेख मिलता है। प्रियंगु मंजरी के बारे में किस विकल्प का उहरण है वो गलत है। वह राजकन्या तथा मातृगुप्त की पत्नी है। वह मल्लिका को अपनी संगनी के रूप में कश्मीर चलने का प्रस्ताव देती है। वह मल्लिका से स्पर्धा भाव की बजाय सख्य भाव महसूस करती है। वह मल्लिका की इच्छा अनुसार सहायता करने का प्रस्ताव रखती है।

बताइए तो देखिए प्रियंगु मंजरी है वो हम देखते हैं। दूसरा अंक है वो मुख्य रूप से प्रियंगु मंजरी और मल्लिका की बातचीत पर ही आधारित है। ठीक है? प्रियंगु मंजरी कालिदास वगैरह है वह कहां पर जा रहे हैं?

ने कश्मीर का शासन बार दे दिया है। प्रियंगु मंजरी मल्लिका से मिलने के लिए आती है। तब वो इस बारे में बात करती है कि भाई कालिदास है हमेशा इस पर्वत प्रदेश को याद करते रहते हैं। तुम्हारे बारे में बातें करते रहते हैं। ठीक है? तुम जीवन तुम सदा से उनकी संगनी रही हो। तो उसे क्या है? वो कहती है कि मुझे तो तुमसे क्या होती है? ईर्ष्या होती है। मैं तो इस वातावरण में को ज्यादा नहीं देख पाऊंगी लेकिन तुम इस वातावरण में रहती हो। मैं बहुत कुछ यहां का वातावरण और तुम्हारी तरह

की बातें उनको उपलब्ध करवाने का प्रयास करती हूं। लेकिन कोई भी फायदा नहीं है। तो राजकन्या तथा मात्र गुप्त की पत्नी है। बिल्कुल सही बात है। मात्रगुप्त कौन है दोस्तों? कालिदास ही है। वह मल्लिका को अपनी संगनी के रूप में कश्मीर चलने का प्रस्ताव देती है। यह भी बात सही है कि भाई तुम कश्मीर चल चलो। और यह जो अधिकारी है ना अनुस्वार अनुनासिक बहुत ही योग्य हैं। इनमें से जिससे तुम्हारा मन चाहे उससे शादी कर लेना। वह मल्लिका से स्पर्धा भाव कि वह यह दोस्तों गलत हो जाएगा। वह

सख्य भाव नहीं बल्कि क्या करती है? स्पर्धा महसूस करती है। वह मल्लिका की इच्छा अनुसार सहायता करने का प्रस्ताव भी देती है। वह कहती है भाई तुम्हारे भवन के स्थान पर मैं नया भवन बनवा दूंगी या फिर तुम जो कहो वो मैं सहायता कर दूंगी। तो ये कथन इसके सही है। यह कथन इसका गलत है। आषाढ़ का एक दिन नाटक में आए तल्प व आस्तरण शब्दों का क्रमश अर्थ क्या है?

दीपक, अस्ताचल, पलंग, बिस्तर, कमरा, कपड़ा, पलंग, तकिया। तो देखिए तल्प और आस्त्रण है वह हमारे पहले ही पंदे पर हमारे शब्द आ जाते हैं। तल्प माने क्या होता है दोस्तों? पलंग होता है। आस्त माने होता है बिछावन या बिस्तर। ठीक है? कमरे के लिए जो शब्द आया है वो है दोस्तों क्या? प्रकोष्ठ।

प्रकोष्ठ माने कमरा या कोठा। द्वारों के किवाड़ भी मिट्टी से पोते गए हैं। उन पर गेरू एवं हल्दी से खाली स्थान बनाए गए हैं। रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए। कमल तथा स्वस्तिक, गणेश तथा लक्ष्मी, कमल तथा शंख, स्वस्तिक व शंख। यह मैंने आपको पढ़ाया था तभी बताया था कि जहां से यह क्वेश्चन बन सकता है। तो देखिए, मल्लिका के घर की यह बातचीत हो

रही है और मल्लिका के घर के बाहर क्या है? गेरू एवं हल्दी से दो चिन्ह बनाए गए हैं। दो आकृतियां हैं। वो हैं दोस्तों कमल की और किसकी? शंख की आकृतियां बनाई गई है। इसके अलावा एक ऊपर भी बातचीत आती है। वहां पर स्वस्तिक का उल्लेख आता है। लेकिन यह जो नाम है यहां पर केवल कमल और शंख की बात आती है। दूर-दूर तक की उपकाएं भीग गई। उपत्यका

शब्द का अर्थ बताइए। धर्मशाला, झोपड़ी, पहाड़ के नीचे की समतल भूमि, पहाड़ के ऊपर की समतल भूमि। तो उपत्य का और इसका जो विलोम है वह हो जाएगा अधित्य का। तो उपत्य का माने होता है पहाड़ के नीचे की जो समतल भूमि है, तराई की भूमि है, घाटी की भूमि है उसको कहेंगे उपत्यिका। और पहाड़ के ऊपर जो समतल भूमि है उसको कहेंगे क्या? आदित्यिका। जैसे राम की शक्ति पूजा में आता है सबसे

सब बैठे शिविर पर शानु के पर्वत के मंतर सुग्रीव, विभीषण, जाम बांध आदि वानर। तो पर्वत के ऊपर है वो सभा बल रही। तो यानी समतल भूमि पे होगी तो वो आदित्यिका हो जाएगी। यह हो जाएगी उपत्यिका। दक्षिण से उड़कर आती खाली स्थान पंक्तियों को देखूंगी। मल्लिका किस पक्षी की पंक्तियों को देखने की बात कह रही है?

चिड़ियों की, अबाबीलों की, बगुलों की, कौवों की? तो ये जो दोस्तों पंक्तियां हैं वो किसकी हैं? वो बगलों की पंक्तियां हैं। बगलों की पंक्तियां जब चलती हैं तो इसका मतलब है कि भाई बारशा मास है वो प्रारंभ हो गया है। आषाढ़ का एक दिन नाटक में दुपट्टा या ओढ़नी के लिए आया हुआ शब्द कौन सा है?

Frequently asked questions

मोहन राकेश का आषाढ़ का एक दिन नाटक तीन अंकों में विभक्त है।

आषाढ़ का एक दिन नाटक का प्रकाशन वर्ष 1958 है।

आषाढ़ का एक दिन नाटक को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड 1971 में मिला था।