Explain With Arifa · Transcript · · Updated
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Summary
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- एक भिखारी शेर के मुंह से लॉटरी का टिकट निकालकर ₹10 करोड़ का इनाम जीत जाता है और अपने बच्चों की असलियत जानने के लिए गांव लौटता है।
- बुजुर्ग की बड़ी बेटी और दूसरे बेटे ने उसे भिखारी की हालत में देखकर घर से बाहर निकाल दिया, जबकि छोटे बेटे मोहन और उसकी पत्नी राधा ने उसे अपनाया।
- मोहन और राधा के बड़े भाई ने जबरदस्ती संपत्ति का बंटवारा करवा लिया और रेस्टोरेंट भी अपने पास रख लिया।

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Transcript
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यह भिखारी जैसे ही मांस का टुकड़ा शेर के मुंह में डालता है, तभी उसे [संगीत] शेर के मुंह के अंदर से एक लॉटरी का टिकट निकलता है। यह देखकर वह खुशी-खुशी टिकट लेकर लॉटरी की दुकान पर पहुंचता है। वहां जाकर उसे पता चलता है कि उसने पूरे ₹10 करोड़ का इनाम जीत लिया है। लेकिन वह इन पैसों से अपना हुलिया सुधारने के बजाय भिखारी वाले कपड़े पहनकर अपने गांव लौट जाता है। क्योंकि [संगीत] वह सालों से बिछड़े अपने तीनों बच्चों की असलियत जानना चाहता था। लेकिन जैसे ही उसकी बड़ी बेटी और दूसरे बेटे ने उसे इस हालत में देखा, उन्होंने तुरंत उसे घर से बाहर निकाल दिया। तभी उसका छोटा बेटा मोहन वहां
पहुंचा और अपने पिता को घर ले जाने लगता है। [संगीत] घर पहुंचते ही मोहन की पत्नी राधा अपने ससुर से कहती है कि पिताजी मैं आपकी बहू राधा हूं। लेकिन भिखारी उसकी बात पर ध्यान नहीं देता और अपने फोटो के पास रखा सेब उठाकर खाने लगता है। यह देखकर कुछ देर बाद मोहन की पत्नी [संगीत] अपने पति से पूछती है कि पिताजी को क्या हुआ है? तब मोहन जवाब देता है कि शायद पिता को बुढ़ापे की बीमारी हो गई है। यह सुनकर राधा गुस्सा हो जाती [संगीत] है। वहीं भिखारी सेब जमीन पर फेंक कर रोने लगता है। तभी मोहन उसके पास पहुंचता है और पूछता है कि क्या हुआ पिताजी? इसके बाद वह अपने पिता को टेबल पर बैठा देता है। तभी भिखारी
अपने बेटे से पूछता है कि उसकी बड़ी बेटी और दूसरा बेटा कहां है और उन्होंने उसके साथ ऐसा क्यों किया? तब मोहन मुस्कुराते हुए बताता है कि वे दोनों आपकी देखभाल नहीं करना चाहते थे और उन्होंने जबरदस्ती मेरे से संपत्ति का बंटवारा भी करवा लिया। तभी मोहन की पत्नी गुस्से में अपना सामान लेकर बाहर आती है और कहती है कि अब यहां रुकने का कोई फायदा नहीं है। यह सुनकर मोहन हैरानी से पूछता है कि क्या वे सच में यहां से जा रहे हैं? तब राधा कहती है कि रेस्टोरेंट तो पहले ही बड़े भाई को दे दिया गया है। अब यहां रुक कर क्या करेंगे?
क्योंकि कल बड़ा भाई झाड़ू लेकर उन्हें घर से बाहर निकाल देगा। यह सब सुनकर भिखारी गुस्से में कहता है कि दोनों बड़े बच्चे बहुत नालायक हैं। जिन्होंने मोहन और राधा से घर और जमीन [संगीत] दोनों छीन लिए। लेकिन राधा अपने ससुर को समझाते हुए कहती है कि पिताजी आप चिंता मत कीजिए। अब से हम [संगीत] तीनों साथ रहेंगे। यह सुनकर बूढ़ा आदमी भावुक हो जाता है और कहता है कि तुम दोनों मेरे साथ इतना अच्छा व्यवहार कर रहे हो। इसलिए वह उन्हें पैसे देना चाहता है। लेकिन राधा कहती है कि पिताजी [संगीत] आप पैसों की चिंता मत कीजिए। बस आराम कीजिए। इसके बाद मोहन अपने पिता को बैठाकर कहता
है कि वे दोनों थोड़ी देर में वापस आ जाएंगे और फिर वहां से चले जाते हैं। इसके बाद बूढ़ा भिखारी दिन भर अपने बेटे और बहू का इंतजार करता रहता है। तभी एक आदमी उसे अकेले बैठे देखकर [संगीत] पूछता है कि बुजुर्ग आप यहां कब से बैठे हैं? तब बूढ़ा आदमी जवाब देता है कि वह अपने बेटे के वापस आने का इंतजार कर रहा है। लेकिन वह आदमी कहता है कि कहीं आपके बेटे ने आपको बेवकूफ समझकर यहां अकेला तो नहीं छोड़ [संगीत] दिया। यह सुनकर बूढ़ा आदमी तुरंत जवाब देता है कि ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता क्योंकि उसका बेटा उससे बहुत प्यार करता है। अब आगे क्या [संगीत] होगा? क्या मोहन और राधा अपने पिता को वापस लेने आएंगे?
अगर इसका नेक्स्ट पार्ट चाहिए, तो कमेंट में अपना प्यारा सा नाम जरूर लिखें।