Discover The World · Transcript · · Updated
Mysterious Places of Earth Whrere Nobody Lives Urdu Hindi – Transcript
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Summary
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- کپिला की टॉम तुर्की में स्थित एक मकबरा है जो सिकंदर आजम यूनानी के दौर में उसके एक जरनल के लिए बनाया गया था।
- कांगो के एक पहाड़ पर खुदाई के दौरान पीले रंग के पत्थर मिले जो खालिस सोने के बने हुए थे।
- जिंबाब्वे में मौजूद माउंट गानी एक ऐसा पहाड़ है जिसके बारे में मकामी लोगों का अकीदा है कि वहां जिन्नात का बसेरा है।
Key moments

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Transcript
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डिस्कवर द वर्ल्ड के प्यारे साथियों आप सबको अस्सलाम वालेकुम क्या आप जानते हैं कि इस दुनिया में एक ऐसा पहाड़ भी मौजूद है जहां जिन्नात का कब्जा है और वहां पर जाने वाला कोई भी इंसान आज तक जिंदा वापस बचकर नहीं आया क्या आपको इल्म है कि जर्मनी में एक ऐसा गार भी मौजूद है जहां अब तक सैकड़ों लोग गायब हो चुके हैं और सिर्फ एक ही बार वहां से कुछ खुशकिस्मत लोग जिंदा बचकर वापस आए हैं इसके साथ-साथ हम आपको दुनिया के ऐसे अजीबोगरीब पहाड़ों
के बारे में बताएंगे जहां पे साला साल से हजारों टन सोना निकाला जा रहा है और अब तक वहां से सोना खत्म होने का नाम नहीं ले रहा वहां पर सोना तलाश करना दुनिया की किसी भी जगह से सोना तलाश करने से कहीं ज्यादा सस्ता आसान और मुनाफा बश काम है नाजरीन दुनिया में ऐसी बहुत सारी जगह हैं जिनके बारे में आज भी इंसान अपनी पूरी तरक्की के बावजूद किसी भी किस्म की विजा हत नहीं कर सकता और ना ही इन्हें समझ सकता
है इन जगहों के साथ अजीबोगरीब दास्तान भी मंसूब की जाती हैं आज आपको हम इसी तरह की ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जिनके बारे में आपने पहले कभी नहीं सुना होगा तो आइए चलकर इस इंटरेस्टिंग टॉपिक का आगाज करते हैं दोस्तों कपिला की टॉम तुर्की में एक ऐसा पहाड़ है जो दरअसल एक मकबरा है और इस मकबरे की बनावट जितनी अजीबोगरीब है उतनी अजीबोगरीब इसकी तामीर और अंदरूनी खदो खाल भी है मायरीन के अंदाजे के मुताबिक यह
मकबरा सिकंदर आजम यूनानी के दौर में बनाया गया और यह उसके एक जरनल का मकबरा है जो सफर के दौरान फौत हो गया था यूनानी फौजों ने यहां पर इसका मकबरा पहाड़ के अंदर बना दिया इस मकबरे में दाखिल होने के लिए एक बहुत बड़े पत्थर का दरवाजा बनाया गया है पत्थर का यह दरवाजा कहने की हद तक ही दरवाजा है क्योंकि इसे किसी भी तरह से खोला नहीं जा सकता और यह पहाड़ों में फिक्स है अभी तक यह अंदाजा नहीं लगाया जा
सका कि अगर इस दरवाजे को खोला नहीं जा सकता तो आखिर इसके अंदर वह मकबरा कैसे बनाया गया होगा और मयत कैसे ले जाई गई होगी पत्थर का यह फिक्स दरवाजा दरअसल अपने लिए अंदर जाने की जगह भी रखता है इस दरवाजे की निचली दहलीज से 3 फुट ऊपर एक छोटी सी खिड़की राशी गई है जो तकरीबन 3 फुट चौड़ी है और इतनी ही ऊंची भी है इसमें से एक सहत मंद इंसान बड़ी मुश्किल से खिसक कर अंदर जा सकता है और फिर अंदर गारों का
एक तवील सिलसिला शुरू हो जाता है जिसमें बाज औकात लोग फंस कर बाहर निकलने का रास्ता भी भूल जाते हैं गारों के इस तवील सिलसिले के अंदर उसी यूनानी जरनैल का मकबरा है जिसको खुफिया रखने के लिए इस कदर एहतमाम किए गए हैं तारीखी रिकॉर्ड्स में अभी तक ऐसी कोई चीज सामने नहीं आई जिसकी बुनियाद पर यह कहा जा सके कि आखिर यह जरनल किस तरह की अहमियत का हामिद बरा इस कदर खुफिया रखा गया है और यह
गारें किस तरह से तलाश की गई या तलाशी गई और अंदर इसकी मयत कैसे पहुंचाएंगे प्यारे दोस्तों कांगो बरे आजम अफ्रीका का एक गरीब लेकिन मादन वसाय से मालामाल मुल्क है कांगो नौ आबादिया दौर में फ्रांस की कॉलोनी र और अपनी आजादी के बाद भी आज तक इसके ऊपर फ्रांस का असरो रसूख बहुत ज्यादा है चूंकि कांगो एक गरीब अफ्रीकी मुल्क है इसलिए आज भी यहां से तमाम तर मादी मसाइल निकालने वाली कंपनियां फ्रांस से ही
ताल्लुक रखती हैं कांगो में एक पहाड़ है जिसे कांगो माउंटेन भी कहा जाता है आज से तकरीबन 20 साल पहले इस पहाड़ पर खुदाई के दौरान यहां के देहाति हों को पीले रंग का एक पत्थर मिला जब उन्होंने मजीद खुदाई की तो उस पत्थर के साथ-साथ वहां पे पीले रंग के बेशुमार पथरीले टुकड़े मिले जिनका तजिया करने पर मालूम हुआ कि यह खालिस सोने के बने हु यह खबर फैलते ही पूरे का पूरा गांव जो उस
पहाड़ के आसपास आबाद था वहां उमड़ आया और उन्होंने तेजी से इस पहाड़ को खोदना शुरू कर दिया तकरीबन एक महीने तक वहां के देहाती इस पहाड़ को खोदते रहे और हर रोज ही इन्हें सोने की बेशुमार मिक दार मिलती रही यूं मालूम होता था कि यह पहाड़ मट्टी का कम और सोने का ज्यादा बना हुआ है जल्दी ये खबर कांगो की हुकूमत तक पहुंच गई और उन्होंने इस पहाड़ के गिर्द फौजी पहरा लगाकर यहां पर खुदाई करना ममनू करार दे
दिया इसके बाद फ्रांस की एक कंपनी को यहां पर कानकुन का ठेका दिया गया और यहां से तब से लेकर आज तक हर साल तकरीबन 2500 से 3000 टन सोना निकाला जाता है और यह सोना अब तक खत्म होने में नहीं आ रहा यहां का सोना निहायत सस्ता साबित होता है क्योंकि यहां पर सोना बड़े-बड़े टुकड़ों की शक्ल में मौजूद है जबकि दुनिया के दीगर इलाकों में सोना निकालने के लिए मट्टी की बहुत बड़ी
मिक दार को प्रोसेस करके उससे चंद ग्राम सोनाई हासिल की किया जाता है प्यारे दोस्तों माउंट गानी जिंबाब्वे में मौजूद एक ऐसा पहाड़ है जो दिखने में बिल्कुल नॉर्मल लगता है और इसके आसपास फैले हुए सब्जे के बेशुमार कता इस पहाड़ी के खिता के हुस्न को चार चांद लगा देते हैं अलबत्ता यह पहाड़ निहायत अजीबोगरीब किस्म की फितरत रखता है यहां पर जाने वाला कोई भी को पैमा आज तक वापस नहीं आया मकामी
लोगों के मुताबिक इस पहाड़ पर जिन्नात का बसेरा है जो यहां आने वाले हर शख्स को कत्ल कर देते हैं हैरत की बात यह है कि इस पहाड़ पर जाने वाले किसी भी शख्स की आज तक लाश भी नहीं मिल सकी लाश तो बहुत दूर की बात इन लोगों के साथ मौजूद सामान यहां तक कि यहां पर गायब होने वाले लोगों के कपड़े या कोई छोटी सी छोटी चीज भी आज तक वापस नहीं मिली मकामी लोगों का अकीदा है कि यहां पर रहने वाले जिन्नात यहां आने वाले
हर शख्स को पहाड़ों में गायब कर देते हैं और उसे कत्ल करके उसका सामान अपने कब्जे में ले लेते हैं मकामी लोगों की जानिब से इस तरह के बयानात भी दिए गए हैं कि अक्सर बिस्तर इस पहाड़ से रोने चिलाने और कक लगाने के साथ-साथ बातें करने की आवाजें भी सुनाई देती हैं बाज औकात इस पहाड़ के आसपास किसी ना किसी को पैमा का छोड़ा हुआ सामान नजर तो आ जाता है लेकिन मकामी लोग डर के मारे उसके पास जाने की जरूरत नहीं
करते क्योंकि इनका अकीदा है कि जब भी कोई शख्स उस सामान को हाथ लगाता है तो उसी सामान के साथ-साथ वह शख्स भी गायब हो जाता है इन लोगों के मुताबिक दिखाई देने वाला यह सामान भी कुछ देर ही नजर आता है और इसके बाद नजरों से ओझल हो जाता है इस पहाड़ की वजह से आसपास का मौसम भी बड़ी तेजी से बदलता है अगर धूप निकली हो तो ंद ही मिनटों में गहरे बादल उमड़ आते हैं और हर तरफ धुन फैल जाती है कई बार मौसम के ना
होते हुए भी यहां पर शदीद बारिश शुरू हो जाती है या अगर सर्दियों का मौसम हो तो यहां पर तेज धूप निकल आती है यह तमाम के तमाम असरार आज के जदीद इंसानों के लिए भी मोहिमा बने हुए हैं और इसकी वजह तलाश करना किसी के बस में नहीं है दोस्तों हरबर्ग माउंटेन जर्मनी में मौजूद एक ऐसा पहाड़ है जिसके बारे में बेशुमार अफवाहें मौजूद हैं सन 1987 में को पह माओं का एक ग्रुप इस पहाड़ को सर करने के लिए गया और रास्ते
में कैंप लगाकर इन्होंने आराम करना चाहा तब इनकी नजर उस पहाड़ में बने हुए एक गार पर पड़ी उन्होंने सोचा कि हम इस गार के अंदर जाकर खेमा लगा लेते हैं ताकि जंगली जानवरों से महफूज रह सके यूं वो लोग गार में उतर गए लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला उनकी कार उसी पहाड़ के के नीचे खड़ी हुई मिली पुलिस और उनके अहले खाना तीन महीने तक इन्हें तलाश करते रहे 3 माह बाद उन लोगों ने अपने घर वालों से राबता
किया और उन्हें बताया कि हम बिल्कुल खैरियत से हैं और घर वापस आ रहे हैं इन लोगों के बकौल जब वो उस गार में जाकर लेटे तो इन्हें नींद आ गई जागने पर इन्हें मालूम हुआ कि व उस गार में मौजूद नहीं है बल्कि दूर अफता द किसी जजीरे पर हैं वो लोग वहां पर कई दिन तक भटकते रहे और करीब से गुजरने वाले किसी बहरी जहाज का इंतजार करते रहे आखिर आखिरकार उन्हें एक बहरी जहाज मिल गया जो इन्हें वापस जर्मनी ले
आया इन लोगों के बकौल हमें बिल्कुल नहीं मालूम कि वह गार किस जगह पर था और हम वहां से उस जजीरे पर कैसे पहुंचे कुछ मायरीन के मुताबिक वो गार किसी वाम होल या टाइम मशीन की तरह से काम करने वाली जगह हो सकती है जो लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर कर देती है उसके बाद से लेकर अब तक इस पहाड़ पर जाने वाले बेशुमार लोग गायब हो चुके हैं अलबत्ता पहली बार गायब होने वाले वही लोग खुशकिस्मत थे जो