Sonu Bhakti Studio · Transcript · · Updated
सबसे ज्यादा दर्द अपने ही देते हैं 💔 | श्री कृष्ण की ये बात दिल छू जाएगी 🙏 #Shorts – Transcript
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Summary
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- अप्पनों से प्रेम, विश्वास और अपनेपन की उम्मीद होने के कारण सबसे ज्यादा दर्द अपनों से ही मिलते हैं।
- अपनी सारी खुशियों की चाबी किसी दूसरे के हाथ में देने से इंसान भीतर से कमजोर हो सकता है।
- कभी-कभी दूरी बनाना नफरत नहीं बल्कि स्वयं की रक्षा करना होता है।

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Transcript
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प्रिय सबसे ज्यादा दर्द पराए नहीं अपने [संगीत] देते हैं। क्योंकि परायों से हमें कोई उम्मीद नहीं होती। अपनों से हमें प्रेम, विश्वास और अपनेपन की उम्मीद होती है। और जब वहीं अपने दिल तोड़ते हैं तो इंसान दूसरों से नहीं [संगीत] खुद से भी दूर होने लगता है। सुनो प्रिय यदि आज किसी अपने के व्यवहार ने तुम्हारे हृदय को दुख पहुंचाया है तो मेरी यह बातें ध्यान से सुनो। पहली बात हर किसी से उतनी ही उम्मीद रखो जितनी तुम्हारा [संगीत] मन टूटने के बाद भी सहन कर सके। प्रेम करना गलत नहीं
है लेकिन अपनी सारी खुशियों की चाबी किसी दूसरे के हाथ में दे देना तुम्हें भीतर से कमजोर कर सकता है। दूसरी [संगीत] बात किसी के बदल जाने से अपनी अच्छाई मत बदलना। यदि तुम सच्चे हो तो केवल इसलिए कठोर मत बन जाना कि किसी ने तुम्हारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। दूसरों की गलतियों को अपने चरित्र का हिस्सा मत बनने दो। तीसरी बात हर रिश्ते को बचाने की जिम्मेदारी अकेले अपनी मत समझो। रिश्ता प्रेम, सम्मान और प्रयास दोनों तरफ से मांगता [संगीत] है। जहां बार-बार तुम्हारा अपमान हो, वहां
शांत रहकर अपनी सीमाएं तय करना भी जरूरी है। चौथी [संगीत] बात अपने दर्द को अपनी कमजोरी मत बनने दो। रोना आए तो रो। मन भारी हो तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात कर लो। लेकिन अपने जीवन को वहीं रोक मत देना। तुम्हारी जिंदगी किसी एक इंसान के व्यवहार से कहीं बड़ी है। प्रिय पांचवी बात सबसे जरूरी है। लोगों से प्रेम करो। लेकिन अपने मन की शांति को भी महत्व दो। क्षमा करना सीखो। मगर क्षमा करने का अर्थ यह नहीं कि बार-बार वही चोट सहते रहो।
कभी-कभी दूरी बनाना नफरत नहीं स्वयं की रक्षा करना होता है। याद रखना प्रिय हर वह इंसान जो तुम्हारी जिंदगी में आता है हमेशा तुम्हारे साथ रहने के लिए नहीं आता। कुछ रिश्ते तुम्हें प्रेम सिखाते हैं। कुछ धैर्य और कुछ तुम्हें अपनी कीमत पहचानना सिखाते हैं। इसलिए किसी के जाने से खुद को बेकार मत समझना। अपना कर्म करते रहो। अपने मन को संभालो और अपने जीवन में आगे बढ़ते रहो। यदि मेरी यह बातें तुम्हारे दिल [संगीत] तक पहुंची हैं तो कमेंट में लिखो
हे श्री कृष्ण मुझे दुख में भी सही मार्ग पर चलने की शक्ति देना और मुझे फॉलो करना मत भूलना। इस संदेश को उस इंसान के साथ साझा करो जिसका दिल किसी अपने ने दुखाया है।