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Main Bhi Bharat - Tribes of Andamans: Great Andamanese – Transcript
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Summary
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- ग्रेट अंडमानी जनजाति के लोग कभी पोर्ट ब्लेयर और आसपास के पूरे अंडमान के मूल निवासी थे, लेकिन आज वे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
- सरकार ने 1961 में ग्रेट अंडमानी जनजाति के लोगों को स्ट्रेट आइलैंड पर बसाने का निर्णय लिया और वहां उनके लिए सुविधाएं स्थापित कीं।
- ग्रेट अंडमानी समुदाय की अलग-अलग कम से कम 10 जनजातियां हुआ करती थीं जो उत्तर, मध्य और दक्षिण अंडमान में फैली थीं।

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Transcript
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[प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] नमस्कार स्वागत है आप सभी का राज्यसभा
टीवी में मैं हूं श्याम सुंदर मैं भी भारत कार्यक्रम में हम देश के आदिवासियों को जानने समझने की कोशिश कर रहे हैं और इस क्रम में आज हम अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में हैं आज से हम मे भी भारत की एक विशेष श्रंखला शुरू कर रहे हैं और यह विशेष इसलिए है कि इस श्रंखला में ना सिर्फ हम आदिवासियों की बात करेंगे बल्कि उन आदिम जनजातियों को जानने समझने की
कोशिश करेंगे जिनके वजूद को खतरा बताया जा रहा है और इस श्रंखला में हम सबसे पहले बात करेंगे ग्रेट अंडमानी की ग्रेट अंडमनीज वह जनजाति है जिसका एक वक्त में पोर्ट ब्लेयर और आसपास के पूरे अंडमान
पर कब्जा था यानी कि वह यहां के मूल निवासी थे और वह यहां पर रहते थे लेकिन आज वह अपने वजूद की अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है [संगीत]
[प्रशंसा] [संगीत] [संगीत] अंडमान निकोबार के आदिवासी या मूल निवासियों को जानने समझने के लिए हम पूरी टीम के साथ पोर्ट ब्लेयर पहुंच चुके थे [संगीत] पहले ही दिन हमें एहसास हो गया था कि
चीजें हमारी मर्जी से नहीं चलने वाली [संगीत] है अभी प्रशासनिक अनुमति की हमारी फाइल का सफर पूरा नहीं हुआ था कई दिनों तक प्रशासन के सभी आला अधिकारियों से मुलाकात चलती रही लेकिन बात
थी कि आगे नहीं बढ़ रही [संगीत] थी अलबत्ता हमारी मुलाकात डॉक्टर विश्वजीत पांड्या से जरूर हुई विश्वजीत पांड्या अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एंथ्रोपॉलजिस्ट है अंडमान की आदिम जनजातियों में काम करने का उनका लंबा अनुभव [संगीत]
है फिलहाल वह अंडमान की आदिम जनजातियों को लेकर प्रशासन की नीति का अहम हिस्सा भी है इसके अलावा एंथ्रोपोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया की लाइब्रेरी भी वक्त काटने का सहारा बनी यह बात जरूर है कि इस दौरान यहां के आदिवासियों को लेकर हमारे सवाल और समझ कुछ और साफ जरूर
[संगीत] हुई इस पूरी कसरत के बाद हमें इन आदिम जनजातियों के लिए पोर्ट ब्लेयर में बने हॉस्टल आदिम बसेरा जाने की अनुमति थी आदिम बसेरा उन आदिवासियों के लिए बनाया गया है जो सुरक्षित इलाकों में रहते हैं और किसी काम या इलाज के सिलसिले में पोर्ट ब्लेयर आते
हैं यहां हमारी मुलाकात बोरो और उनके भांजे बीए से हुई यह दोनों ग्रेट अंडमानी जनजाति से हैं पोर्ट ब्लेयर में आप यहां रहती हैं आप पुलिस में काम करते हैं कब से काम कर रही हैं 2004 में ट्रेनिंग करी सर तो आप पहले से ही पोर्ट ब्लेयर में रह रही है या नौकरी के लिए आपको आप विशेष तौर पर आई यहां पर नौकरी के लिए आए थे सर अच्छा तो
वहां पर क्या आपने कुछ पढ़ाई लिखाई भी की है जी वहां तो ए क्लास तक है तो जो बाकी जो आपकी जनजाति के लोग हैं जो आपके ट्राइब के लोग हैं उसके बच्चे स्कूल जाते हैं वहां पर कुछ कुछ जा आपके परिवार में कितने लोग हैं चार भा बहन हैं हां तीन भाई शादी हो गई आपकी नहीं सर नहीं करे शादी अच्छा आपसे अगर कोई नॉन ट्राइबल शादी करना चाहेगा तो आप करेंगे करना
पड़ेगा सर वहां तो लड़के ही नहीं है तो किससे शादी कर अच्छा स्ट्रेट आइलैंड में जो लोग रहते हैं उनकी जिंदगी कैसे चलती है सबसे पहले लोग क्या करते हैं शिकार उकार के लिए जाते सुबह उठ के हां तो कोई एक गाना आप बताइए जो किसी मौके पर गाया जाता
हो शर्मा थोड़ा सा सुना दीजिए दो लाइन ना सोमरा फला का फूलिया ्र कोराते लो गीर गी तोन जोल जालो गीर गीर तो नजल द जालो बोरो ने बताया कि ग्रेट अंडमानी जनजाति के लोगों का पोर्ट ब्लेयर आना जाना
लगा रहता है वो और बीए हमसे मिलने के लिए आदिम ब जरूर आए थे लेकिन वह रहते या नहीं है बोरो ने पोर्ट ब्लेयर में घर लिया हुआ है और उनके परिवार के कई लोग उनके साथ रहते हैं उसी दिन शाम को उनके परिवार से भी हमारी मुलाकात हुई जब हम उनके घर पहुंचे तो हमें लगा कि शायद उनके पड़ोसी उनके घर पर मौजूद हैं लेकिन उन्होंने बाद में
बताया कि यह सभी उनके रिश्तेदार है आप मतलब अंडमानी है आप और आपने निकोबारी से शादी की है लेकिन अंडमानी में आपको लड़का नहीं मिला नहीं सब भाई लोग ग सब भाई हो गया और आप आपका किससे हुआ है शादी नॉन ट्राइबल से नॉन ट्राइबल से और आप ट्राइबल है जी आप कौन सी ट्राइब से हैं हम तो ग्रेट अंडमानी
से ग्रेट अंडमानी है अच्छा और आप जी हम भी ट्राइवल है बट नॉन ट्राइब से शादी हुई मेरा भी और आपकी भी क्या यही वजह थी कि क्योंकि आपको अपने ट्राइब में शादी के लिए लड़का उपलब्ध हां लड़के तो नहीं थे और सब तो भाई है और सब छोटे उम्र के हैं और कुछ तो कुछ का तो शादी भी हो गया है अच्छा और आप आपका भी या आपको बाहर शादी करनी थी लव मैरिज था कैसे हुआ सब नहीं ऐसे नहीं है वहां में सब लोग
तो रिलेटिव ही लगते हैं भाई बहन जैसे ही है हम हम इसीलिए अच्छा इस परिवार से बातचीत के बाद अब यह बात साफ हो चली थी कि मोटे तौर पर ग्रेट अंडमानी रहन सहन भाषा और जीविका के मामले में में मुख्य धारा कहे जाने वाले समाज का हिस्सा बन चुके हैं प्रशासन भी मोटे तौर पर इस स्थिति को मान चुका है इनकी जीवन
शैली पूरी तरह से बदल चुकी है ग्रेट एंडम 40 के ऊपर है करीब लेकिन सब मिश्रित है मतलब उनके शादियां कुछ मेन लैंडर्स के साथ भी हुई है उनके बच्चे आज हॉस्टल में पढ़ भी रहे हैं विवेकानंद स्कूल में आगे आए भी हैं चेस चैंपियनशिप में वॉलीबॉल में जैसे
खेलों में आगे आए हैं तो वह एक डिफरेंट स्केल ऑफ एकल्चरेशन में है जबकि उनका सबसे ज्यादा नुकसान अर्ली ब्रिटिश कांटेक्ट में हुआ है तो यह कहा जा सकता है जैसा उनका जितना लंबा ड्यूरेशन रहा है कांटेक्ट का उतना उनका चेंज भी हुआ है लेकिन वह चेंज पॉजिटिव है या नेगेटिव यह एक सोचने का मुद्दा है ग्रेट अंडमानी की घुम जीवन शैली के
कारण कोई स्थाई बस्ती नहीं हुआ करती [संगीत] थी जंगल में जहां भी पानी मिल सके उसके आसपास घास फूस की झोपड़ी बनाई जाती यह झोपड़ी आमतौर पर मचान पर बनती झोपड़ियों के बीचोंबीच खुला मैदान रखा जाता खेती से पूरी तरह से अनजान इस जनजाति
के लोग खाना जुटाने के लिए शिकार पर निर्भर थे जंगली सूअर का मांस मछली और समुद्री कछ के अलावा जंगली फल और कुछ पेड़ों की जड़ें इनके खाने में शामिल [संगीत] थी ग्रेट अंडमानी जनजाति के लोग नाव बनाने
में माहिर थे और वह एक ही पेड़ के तने को खोदकर नाव बनाते थे 18 शताब्दी तक ग्रेट अंडमानी पूरी तरह से अपनी दुनिया में थे लेकिन अब उनकी खानपान की आदत पूरी तरह से बदल चुकी
है सर्वाइवल इ अनलाइक द इना विना नावी इन कनाडा और इवन द यान मूम वे अंडरस्टैंडिंग ट लुक वी आर वी पीपल वी आर इनसाइड दे आर दे आउटसाइड सो द फीलिंग टू सस्टेन दे ओन कल्चर एंड
सिलेक्टिंग फ्यू एक्सटर्नल एलिमेंट्स फॉर दे ओन बेनिफिट इन केस इ फॉरेस्ट इ टू बी कट डाउन दे वांट टू डॉक्यूमेंट इट दे विल नॉट लीव इट लाइक दैट बिकॉज इट इज विथ ूम दे कैन डिपेंड अपन बट हियर द ग्रेड द मनी दे हैव फॉरेस्ट देव वाइल बोर
इन स्ट्रेट आयल दे हैव र देर अलो इवन फॉरेस्ट एक्ट नॉट ो अपन बट डों इवन गो फॉर [संगीत] ह अंडमान की इस सेल्यूलर जेल का जितना
गहरा लुक भारत की जंगे आजादी से है उतना ही गहरा ताल्लुक यहां की आदिम जनजातियों के वजूद को पैदा हुए खतरे से भी है जिस वक्त में यह जेल बनाई जा रही थी वही वह समय था जब बाहरी दुनिया के लोग यहां की आदिम जनजातियों के संपर्क में आए और वह संपर्क इन आदिम जनजातियों के लिए बेहद
खतरनाक साबित हुआ और जिस जनजाति से बाहरी दुनिया के लोगों का सबसे पहला संपर्क हुआ वह थी ग्रेट अंडमानी जनजाति ग्रेट अंडमानी जनजातियां बाहरी दुनिया के साथ संपर्क को बेहद संदेह से देखते थे और किसी भी सूरत में इसके लिए तैयार नहीं थे 15वीं शताब्दी से 18वीं
शताब्दी तक जिसने भी ऐसी कोई कोशिश की उनको इन आदिवासियों ने अपनी दुनिया में दाखिल नहीं होने दिया इन जनजातियों के ब में कई तरह की धारणाएं रही मसलन लंबे समय तक इन्हें नरभक्षी माना जाता रहा लेकिन 18वीं शताब्दी में अंग्रेजों ने यह तय कर लिया था कि वह अंडमान में अपना अड्डा बनाकर
[संगीत] रहेंगे अंग्रेजों ने 1788 8 में दक्षिणी अंडमान में अपना अड्डा बनाया बाद में इस जगह को पोर्ट ब्लेयर का नाम मिला 1796 में कई कारणों से अंग्रेजों ने अंडमान में बसाई कॉलोनी को बंद करने का फैसला किया लेकिन यह 7त साल इस द्वीप समूह के मूल निवासियों की दुनिया में दखल की शुरुआत कर
चुके थे 1857 की क्रांति या भारत की आजादी की पहली लड़ाई के कैदियों के लिए जब अंग्रेजों ने काला पानी या सेल्यूलर जेल बनाने का फैसला किया तो इस बार अंडमान के आदिवासियों की दु में सभ्य समाज की यह निर्णायक दखल [संगीत] थी अंग्रेजों के अलावा यहां की आदिम जनजातियां जिनके संपर्क में आई वह थे इस