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Summary
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- श्याम अपनी मिट्टी की गुड़िया पर खून की बूंदे डालकर उससे शादी करता है, जिससे वह एक खूबसूरत लड़की लाली में बदल जाती है।
- लाली और श्याम गांव के लिए भूमिगत नदी का रास्ता खोलने के लिए पहाड़ की ओर निकल पड़ते हैं।
- श्याम खतरे की परवाह किए बिना बंद रास्ते पर वार करके पानी बहा देता है और लाली की रक्षा करता है।

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Transcript
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श्याम अपनी मिट्टी की गुड़िया पर कटोरा में रखे खून की कुछ बूंदे डालता है। तभी गुड़िया के शरीर में हल्की चमक पैदा होती है। श्याम तुरंत उसे उठाकर मेज पर रख देता है। इसके बाद वह घर से बाहर निकलकर गांव के मुखिया के पास जाता है और शादी के लिए लाल कागज मांगता है क्योंकि आज रात उसकी शादी होने वाली लेकिन जब मुखिया को पता चलता है कि श्याम अपने घर में रखी मिट्टी की गुड़िया से शादी करने जा रहा है तो वह हैरान रह जाता है। गांव वाले भी उसका मजाक उड़ाते हैं। लाल कागज लेकर वह वापस अपने घर आता है और मिट्टी की गुड़िया से शादी करने की तैयारी करता है। शादी की रस्म पूरी होते ही गांव का लालची आदमी रघुवीर कुछ लोगों के साथ श्याम के घर पहुंच जाता है। उसकी नजर मिट्टी की गुड़िया पर होती
है। वह उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करता है। लेकिन श्याम साफ मना कर देता है और गुड़िया को उसके हवाले नहीं करता। तभी गुड़िया में मौजूद रहस्यमई शक्ति जाग जाती है। देखते ही देखते पूरे घर में बर्फ जमने लगती है और मिट्टी की गुड़िया अचानक एक खूबसूरत लड़की में बदल जाती है। लड़की की शक्ति देखकर रघुवीर डर जाता है और वहां से भाग निकलता है श्याम के सामने। ने अब वही मिट्टी की गुड़िया एक इंसान के रूप में खड़ी थी। वह उसका नाम पूछता है। लड़की अपना नाम लाली बताती है। लाली की हालत ज्यादा अच्छी नहीं थी। पिछले 3 साल से बारिश ना होने के कारण उसका शरीर सूख चुका था। श्याम की मदद से उसे कुछ समय के लिए जीवन मिला था। लेकिन आधे घंटे के अंदर पानी नहीं मिला तो वह फिर से मिट्टी की गुड़िया बन बन जाएगी। उधर पूरे गांव में
भी पानी की भारी कमी थी। अगर अगले तीन दिनों में पानी नहीं मिला तो गांव के सैकड़ों लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो जाती। लाली को जमीन के नीचे मौजूद पानी का पता लगाने की शक्ति थी। उसे पहाड़ के पीछे एक पुरानी भूमिगत नदी का पता था। अगर उस नदी का रास्ता खोल दिया जाए तो गांव में पानी वापस आ सकता था। पर लाली की जान भी बच सकती श्याम बिना देर किए लाली को अपनी पीठ पर उठाता है और पहाड़ की ओर निकल पड़ता है। लाली का शरीर बहुत भारी हो चुका था। फिर भी श्याम उसे लेकर आगे बढ़ता रहता है। इसी बीच पता चलता है कि गांव का लालची आदमी रघुवीर अपने साथियों के साथ उनकी तलाश में निकल चुका है। अगर वे लोग श्याम और लाली को पकड़ लेते तो नदी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता। इसलिए दोनों रात में ही पहाड़ तक पहुंचने की कोशिश करते हैं।
रास्ते में उन्हें मशालें लेकर आते हैं। कुछ लोग दिखाई देते हैं। श्याम एक बड़े पत्थर के पीछे छिप जाता है। लाली अपनी बची हुई शक्ति से उन लोगों की मशालों को दूसरी दिशा में कर देती है। जिससे दोनों को आगे बढ़ने का मौका मिल जाता है। लेकिन अपनी शक्ति का इस्तेमाल करने से लाली के शरीर से मिट्टी झड़ने लगती है। श्याम दूसरी तरफ पत्थर फेंक कर उनको रास्ता भटका देता है। मगर लाली जानती थी कि पकड़े जाने पर वे नदी तक नहीं पहुंच पाएंगे। दोनों किसी तरह उन लोगों से बचकर एक गुफा में पहुंच जाते हैं। वहां चारों तरफ अंधेरा था और रास्ता भी बहुत कठिन था। लाली जमीन पर सही से चलने को बोलती है क्योंकि जमीन के अंदर की हलचल महसूस करके श्याम को रास्ता बताती रहती है। वह उसे खोखली जमीन पर पैर रखने से मना करती है क्योंकि वहां गहरी खाई थी।
आगे एक टूटा हुआ रास्ता आता है जिसे पार करना भी आसान नहीं था। लाली श्याम से कहती है कि उसे नीचे उतार कर अकेले आगे बढ़ जाए लेकिन श्याम उसे छोड़ने से इंकार कर देता है। वह गांव के सैकड़ों लोगों को बचाने के लिए हर मुश्किल का सामना करने को तैयार था। लाली को समझ नहीं आता कि श्याम उन गांव वालों के लिए इतना खतरा क्यों उठा रहा है जो अक्सर उसका मजाक उड़ाते हैं। दरअसल 10 साल पहले जब श्याम भूख से परेशान था तब गांव के पुराने मुखिया ने उसे अपनी रोटी का आधा हिस्सा दिया था। उसी दिन से श्याम गांव वालों को अपना परिवार मानने लगा था। आखिरकार दोनों जमीन के नीचे बहने वाली नदी तक पहुंच जाते हैं। लाली देखती है कि नदी का रास्ता किसी ने जानबूझकर बंद किया है। रास्ते में काले कुत्ते का खून
और एक रहस्यमई पदार्थ डालकर पानी रोक दिया गया था। लाली श्याम को समझाती है कि इसे खोलना बहुत खतरनाक है क्योंकि रास्ता टूटते ही पूरी गुफा ढह सकती है। लेकिन गांव वालों के पास सिर्फ तीन दिन का पानी बचा था। श्याम खतरे की परवाह किए बिना कुल्हाड़ी उठाता है और बंद रास्ते पर वार कर देता है। पत्थर में दरार पड़ते ही अंदर से पानी बहने लगता है। पानी देखकर श्याम खुश हो जाता है। तभी गुफा की दीवारें कमजोर होकर चारों तरफ से गिरने लगती है। श्याम तुरंत लाली को अपने पास खींचकर उसकी रक्षा करता है। इस दौरान उसे चोट लग जाती है। लेकिन वह लाली को सुरक्षित बचा लेता है। अब आगे क्या हुआ उसे देखने के लिए? इस फोटो के लिए लाइक करें। और नेक्स्ट पार्ट के लिए कमेंट में आई लव मां लिखें।