MSD DANIYAL · Transcript · · Updated
Nakhoon Kaat Kar Kahan Phenke? | नाखून काटकर कहां फेंकने चाहिए? | Islamic Knowledge | MSD Daniyal – Transcript
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Summary
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- अल्लामा मुफ्ती अमजद अली आजमी रहमतुल्लाह ताला अल के मुताबिक सीधे हाथ की शहादत वाली उंगली से शुरू करके दोनों हाथों और पैरों के नाखून काटने का सुन्नत तरीका है।
- नाखूनों को काटकर नाली, घोड़ी या गंदी जगह पर नहीं डालना चाहिए बल्कि किसी साफ जगह पर डालना या मिट्टी में दबा देना चाहिए।
- हदीस पाक के अनुसार गैर जरूरी बाल या नाखून 40 दिन से ज्यादा नहीं रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मुफलिसी और गरीबी आती है।

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Transcript
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तो इस वीडियो के अंदर चार चीजों के बारे में आपको बताने के लिए जा रहा हूं। पहली चीज है नाखून काटने का सही और सुन्नत तरीका क्या है? और दूसरी चीज यह कि नाखून काटकर हमें कहां फेंकना चाहिए? बहुत सारे लोग घरों में नाखून काट के ऐसे ही डाल देते हैं। नाली में फेंक देते हैं। घोड़ी वगैरह पे डाल देते हैं। तो नाखून काटकर हमें कहां डालना है? तीसरे नंबर पर आता है नाखून कितने दिन में हमें काटना चाहिए?
इसकी मुद्दत क्या है? अल्लाह के नबी ने क्या मुद्दत बताई है? वो मैं आपको बताऊंगा। और चौथे नंबर पर आता है कि बुध के दिन नाखून काटने से क्या होता है? कौन सी बीमारी लगती है? बहुत सारे लोग किसी भी दिन मतलब बुध के दिन भी नाखून काट लेते हैं। तो आइएगा इन चारों चीजों को इस वीडियो के अंदर मैं क्लियर करने के लिए जा रहा हूं। बड़े ध्यान और बड़ी तवज्जो से आप समात करिएगा। नंबर एक नाखून काटने का सही
और सुन्नत तरीका क्या है? तो देखिएगा साहिब बहारे शरीयत हजरत अल्लामा मुफ्ती अमजद अली आजमी रहमतुल्लाह ताला अल ने इसका तरीका ये लिखा है कि आप सीधे हाथ की शहादत की उंगली से शुरू करेंगे नाखून काटना। बहुत सारे लोग किसी भी उंगली से कहीं से भी काटना शुरू कर देते हैं। लेकिन इसका भी एक सही और सुन्नत तरीका है। वो आप जरा समझ लें। सीधे हाथ की शहादत वाली उंगली से आप काटना शुरू करेंगे। इस तरीके से काटते हुए
लाएंगे। सीधे हाथ की शहादत की उंगली से सीधे हाथ की छोटी वाली उंगली तक। फिर उसके बाद बाएं हाथ की छोटी उंगली से शुरू करेंगे और बिल्कुल लाते हुए बाएं हाथ के अंगूठे के नाखून पे खत्म कर देंगे। फिर लास्ट में आपको सीधे हाथ के अंगूठे का नाखून तराशना है। इस तरीके से आपको दोनों हाथों के नाखून काटना है। और यह सुन्नत तरीका है। और पैरों के नाखून काटने का वही
तरीका है। जैसे आप और हम वज़ू करते हैं और वज़ू करते वक्त उंगलियों में खलाल करते हैं इस तरीके से। तो जो वज़ू में खलाल करने का तरीका है। उसी तरीके से पैरों के नाखून भी काटना है। तो यह नाखून काटने का सही और सुन्नत तरीका हो गया। अब आइएगा नाखून जब आपने काट लिए तो अब उन नाखूनों को काट कर कहां डालना है? कहां पर फेंकना है? बहुत सारे लोग नाखून काट कर नाली में फेंक देते
हैं। घोड़ी वगैरह पर डाल देते हैं। घर में डाल देते हैं। तो देखिएगा जिस तरीके से आपके जिस्म के दूसरे आज़ा हैं। आए जिस्मानिया की जो ताज़म की जाती है। इसी तरीके से नाखून भी आ-ए जिस्मानिया में से एक हिस्सा है। वो आप ही के बदन का एक हिस्सा है। तो इसलिए इसे नाखून इन नाखूनों को काटकर नाली में, घोड़ी में, गंदी जगह पर नहीं डालना चाहिए। इसे मना
किया गया है। यह बे-अदबी है। तो अब कहां डालना है? तो सबसे बेहतर तरीका ये है जब आप नाखून काटने के लिए बैठे ना तो कोई कपड़ा वगैरह बिछा लें। रुमाल या कोई भी चीज बिछा लें। फिर नाखून तराश लें और नाखून तराशने के बाद उस कपड़े को आप उठाएं और उठाने के बाद किसी साफ जगह पर जहां पर कोई गंदगी ना हो। किसी के पैर वगैरह वहां ना जाते हो वहां पर आप डाल दीजिएगा। या मान लीजिएगा कोई सेफ जगह है। वहां पर थोड़ी सी मिट्टी हटा के उसमें आप दबा
दीजिएगा ताकि बेदबी ना हो। लेकिन नाली में डालने से, घोड़ी वगैरह पर डालने से, जहां पर गंदगी हो, कचरा हो, वहां पर डालने से आप परहेज करें। यह हो गया। अब इसी तरीके से बहुत सारे लोग क्या है? घर में ही नाखून काट लेते हैं। और घर में नाखून काट कर ऐसे ही डाल देते हैं। चारपाई पे बैठ के नाखून काट लिए, नीचे बैठकर नाखून काट लिए और वहीं छोड़ दिए। और ज़हन के अंदर यह ख्याल होता है कि जब घर की औरतें झाड़ू
लगाएंगी, साफ सफाई करेंगे, तो यह भी सब ये भी इसमें साफ हो जाएंगे। लेकिन घर में नाखून काट कर नहीं छोड़ना चाहिए। इससे घर के अंदर उलमा फरमाते हैं कि मुफलिसी, गरीबी, तंगदस्ती, मोहताजी आना शुरू हो जाती है। तो इससे आपको परहेज रखना है। दो चीजें हो गई। अब तीसरे नंबर पर आता है कि नाखून काट कितने दिन में हमें काटना चाहिए? नाखून काटने की मुद्दत क्या है? तो देखिएगा इसके ताल्लुक से हदीस पाक मैं
आपके सामने रखूं। हदीस पाक में आता है हजरत अनस रज़ अल्लाहहु ताला अन से मरवी है कि रसूल्लाह सल्लल्लाहु ताला अलह वसल्लम ने इरशाद फरमाया के गैर जरूरी बाल 40 दिन से ज्यादा ना रखें इसी तरीके से नाखून भी 40 दिन से ज्यादा ना रखें अगर कोई शख्स गैर जरूरी गैर जरूरी बोले तो जैसे नाफ के नीचे के बाल हैं शर्मगाह के नीचे के बाल हैं उनको अगर कोई शख्स 40 दिन
से ज्यादा रखता है तो ये शरी ऐतबार से मकरू तहरीमी है तो 40 दिन से ज्यादा चाहे वो गैर जरूरी बाल हो या नाखून हो नहीं रखना चाहिए। बल्कि हर हफ्ते गैर जरूरी बालों की भी सफाई करते रहें और हर जुमे को आप नाखून तराशते रहें। इससे जो है आपकी बॉडी की साफ सफाई भी रहेगी और आपके नाखून भी ज्यादा नहीं बढ़ेंगे। तो ये एक तरीका हो गया। अगर
कोई शख्स 40 दिन से ज्यादा रखता है तो ये मकरू तहरीमी है। शरी और मकरू भी है। और दूसरी बात इससे तंगस्ती और गरीबी और मुफसी और परेशानी आती है। अगर कोई शख्स 40 दिन से ज्यादा बाल या 40 दिन से ज्यादा नाखून रखता है। नंबर चार चौथे नंबर पर आता है बुध के दिन नाखून काटना कैसा है? तो
देखिएगा इसके ताल्लुक से अल्लामा तहतावी रहमतुल्लाह ताला ने इसका जिक्र किया है और एक बहुत बड़े आलिम दीन उनके सामने जब ये हदीस पाक आई कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु ताला वसल्लम ने बुध के दिन नाखून काटने से मना फरमाया है तो उन आलिम दीन ने जिनका नाम है इबने अलहाज मालिक मक्की रहमतुल्लाह ताला
अल क्या नाम है इबने अलहाज मक्की मालिकी रहमतुल्लाह ताला अल ये बहुत बड़े आलिम दीन हैं। आलिम दीन थे और इन्होंने एक किताब भी लिखी थी जिस किताब का नाम है किताबुल मदखल। अब [गला साफ़ करने की आवाज़] देखिए होता क्या है जब इनके सामने ये हदीस पाक आई कि भाई बुध के दिन नाखून काटने से परहेज करें और इसके अगर कोई शख्स बुध के दिन नाखून काटता है तो उससे बरस की बीमारी लगने लग जाती है। मतलब क्या है? बरस बोलते
हैं कमरेपन की बीमारी को। जिसे सफेद दाग बॉडी पर चेहरे पर आपने देखा होगा बहुत सारे लोगों को हो जाते हैं तो सफेद दागों की बीमारी लगने का अंदेशा है तो सफेद दागों की बीमारी वाइट स्पॉट की बीमारी लग जाती है तो बुध के दिन जब उन्होंने उसकी सनद देखी हदीसे पाक की तो वो सनद उनकी नजर में वो जईफ निकली [गला साफ़ करने की आवाज़] और उन्होंने जो है बुध के दिन नाखून काट लिए किन्होंने जो यह बहुत बड़े आलिम दीन इबने अलहाज मक्की मालिक रहमतुल्लाह ताला गुजरे तो इन्होंने
बुध के दिन नाखून काट लिए हदीस पाक की सनद जईफ होने की वजह कोई बात नहीं। दिन गुजरते चले गए। उनकी बॉडी पर सफेद दाग की बीमारी लग गई। उनके चेहरे पे, पूरे जिस्म पे सफेद दाग फैलना शुरू हो गए। कबरेपन का मज़ लग गया। रोजाना वो इसी टेंशन में रहते, इसी टेंशन में रहते और फिर उन्हें ख्याल आता बार-बार कि हां ये मुझसे गलती हो गई है। और हदीस पाक जो मैंने पढ़ी थी वो उसी के ताल्लुक से ये
हदीस पाक जो मैंने पढ़ी थी मुझसे ये गलती हो गई। मैंने इस पर अमल नहीं किया। तो एक दिन उनकी किस्मत की मेराज हो गई और उन्होंने उनकी किस्मत की जब मेराराज हुई जब वो रात को सोए तो ख्वाब में हुजूर सरवर कोने सल्लाहु ताला वसल्लम तशरीफ ले आए और इरशाद फरमाया क्या तुमने मेरी हदीस पाक मेरी हदीस नहीं पढ़ी थी तो ये आलिम दीन कहने लगे या रसूल अल्लाह मुझसे गलती हो गई तो सरकार को प्यार आया और प्यार आने के बाद
हुजूर सल्लल्लाहु ताला वसल्लम ने अपना दस्ते मुबारक उनके पूरे जिस्म पर फेर दिया उससे पूरे जिस्म के दाग और पूरे पूरे निशान सारी चीजें बिल्कुल खत्म हो गई और पहले से भी ज्यादा ज्यादा बदन उनका खूबसूरत हो गया। जब वो सुबह उठे आंख खुली तो उन्होंने अपने पूरे जिस्म को देखा तो पूरे के पूरे पूरी बॉडी से दाग जा चुके थे। उन्होंने उठने के बाद अल्लाह की बारगाह में तौबा की। ऐ अल्लाह पाक मुझे माफ़ फरमा दे। मैं तौबा करता हूं। आइंदा
मुझसे ये कभी गलती नहीं होगी। तो बुध के दिन नाखून काटने से बरस की बीमारी लगने का अंदेशा है। बरस की बीमारी सफेद दागों की बीमारी लग जाती है। तो इसलिए बुध के दिन नाखून काटने से आप परहेज करें। अब यहां पर चलते-चलते एक चीज मैं आपको और बता देता हूं। बहुत सारे हमारे इस्लामी भाई और इस्लामी बहनें नाखूनों को इस तरीके से ऐसे करके
काटती रहती हैं। तो इस तरीके से जो चाहे वो इस्लामी भाई हो या इस्लामी बहनें हो तो दांतों से नाखूनों को नहीं काटना चाहिए। दांतों से नाखूनों को नहीं कुटकना चाहिए। इससे मुफलिसी गरीबी और परेशानी और तंगदस्ती आती है। तो अगर आपके नाखून बढ़ रहे हैं तो नाखून तराश से आप तराशएगा। ब्लेड वगैरह से काटिएगा लेकिन दांतों से आप नाखून ना काटे। कौन-कौन इस पर अमल
करेगा वो नीचे कमेंट जरूर करिएगा कि इंशाल्लाह इन बातों पर हम ध्यान रखेंगे और इस पर अमल करेंगे। अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह।