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GATE Wallah CSE & DA · Transcript · · Updated

Operating System 01 : Basics and Process Management | CS & IT | GATE 2026 Crash Course – Transcript

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Video thumbnail: Operating System 01 : Basics and Process Management | CS & IT | GATE 2026 Crash Course
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Transcript

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हेलो एवरीवन गुड मॉर्निंग गुड आफ्टरनून एंड गुड इवनिंग माय नेम इज विश्वदीप आपका स्वागत करता हूं पीडब्ल्यू गेट वाला चैनल पे और आज हम स्टार्ट करने वाले हैं पहला लेक्चर इस मास्टर क्लास का जो कि है ऑपरेटिंग सिस्टम का क्रैश कोर्स। जी हां, मास्टर क्लास इसलिए क्योंकि मैंने इस बारी बहुत सारे चेंजेस इस ऑपरेटिंग सिस्टम कोर्सेज में प्लान किए हैं जो कि आपको

मिलने वाले हैं इस क्रैश कोर्स में जो आपको लास्ट ईयर के क्रैश कोर्स में नहीं मिले थे। और वो क्या चेंजेस हैं? एक्सपेक्टेड टॉपिक्स। और कुछ ऐसे अजीब से क्वेश्चन जो कि क्लासरूम में या नॉर्मली आपको डिस्कस करने नहीं मिलते हैं। तो चलिए जल्दी से शुरू करते हैं इस लेक्चर सीरीज को। सबसे पहले आप मुझे बताइए ऑडियो वीडियो

क्लियर। आपका माइंड यहां पे पढ़ने के लिए क्लियर और क्या आप सब लोग रेडी हैं? कमेंट बॉक्स में रेडी मैसेज तुरंत से भर जाना चाहिए। क्योंकि मैं चाहता हूं आप सब लोग यहां फुल्ली फिजिकली, मेंटली और इमोशनली रेडी होकर बैठे ताकि हम ऑपरेटिंग सिस्टम को बेसिक से शुरू कर पाएं। हम ज्यादातर फोकस जो करेंगे वो दो टॉपिक पे एक्चुअली

तीन टॉपिक पे करेंगे। सीपीयू शेड्यूलिंग, प्रोसेस सिंक्रोनाइजेशन और मेमोरी मैनेजमेंट। यहां से क्वेश्चन बनते भी हैं। तो इन पे हम फोकस जरूर करेंगे और अच्छा ही करेंगे। मजेदार करेंगे। जल्दी से कंफर्म करिए ऑडियो वीडियो क्लियर है और रेडी भैया पांच लोगों ने रेडी लिखा बाकी है कहां आप सब लोग कमेंट बॉक्स में कमेंट करते रहो ताकि मुझे आईडिया रहे कि कौन यहां पढ़ रहा

है अगर मान लो आप फ्री लेक्चर भी पढ़ते हो पीडब्ल्यू के पेड स्टूडेंट नहीं भी हो और बाय चांस आपने कभी मुझसे कनेक्ट करने की कोशिश करी मुझे पता रहेगा कि हां यार यह बच्चा तो पहले आता था क्लास में हां इसने मेरा लेक्चर अटेंड किया है क्रैश कोर्स में बहुत एक्टिव था इससे से बात करनी बनती है। ये सीरियस बच्चा है। तो इसलिए मैं कहता हूं कमेंट करते रहा करो बीच-बीच में ताकि मुझे आपका नाम और बाकी सारे टीचर्स

को नाम आपका याद रह जाए। चलिए अगर आप लोग रेडी हैं तो शुरू करते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम का बेसिक लेक्चर। सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? सबको पता है, नहीं पता है तो फिर से हम बता दें कि एक है आपका कंप्यूटर हार्डवेयर जिसमें आपके पास सीपीयू है, रैम मेन मेमोरी है, हार्ड डिस्क है, प्रिंटर है, स्कैनर है, सारे

टाइप के डिवाइसेस हैं लाइक कीबोर्ड, माउस, स्क्रीन, स्क्रीन सब। इस हार्डवेयर को आप एज ए यूजर यूज नहीं कर सकते। जब तक इस हार्डवेयर में आप ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल ना कर दो। आपका फोन नया-नया खरीद के लाओ, चाहे किसी भी ब्रांड का खरीद के लाओ, बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के वो फोन भी काम नहीं करेगा। ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा सॉफ्टवेयर

है। जी हां दोस्तों, सॉफ्टवेयर है। मतलब इसका एक प्रोग्राम बनाया जाता है। ढेर सारे प्रोग्राम बना के और यह सॉफ्टवेयर बनाया जाता है ऑपरेटिंग सिस्टम। तो एक ये ऐसा सॉफ्टवेयर है ऑपरेटिंग सिस्टम जो आपको एज यूजर और जितनी भी एप्स एप्लीकेशनेशंस आप चलाना चाहते हैं कंप्यूटर सिस्टम में उनको कंप्यूटर हार्डवेयर पे यूज करना कंप्यूटर हार्डवेयर यूज करने में मदद

कराता है। आप आपकी हार्ड डिस्क से नहीं बोल सकते कि भैया हार्ड डिस्क मेरी फाइल को सेव कर लो। यह हार्ड डिस्क मेरी यह फाइल सेव्ड है। इसको रीड करके दो। एक पिक्चर रखी है, एक मूवी रखी है। इसको दिखाओ भैया हार्ड डिस्क नहीं बोल सकते अगर आपके पास ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं है तो। बिना ओएस के आप कंप्यूटर सिस्टम यूज ही नहीं कर सकते। तो जब हम सीओए पढ़ते हैं ना तो वहां बोलते हैं कि मास्टर ऑफ द

कंप्यूटर सिस्टम इज सीपीयू। पर सीपीयू भी भैया कठपुतली है। किसके हाथ की? ऑपरेटिंग सिस्टम की। तो रियल डॉन कंप्यूटर सिस्टम में क्या है? ऑपरेटिंग सिस्टम है बॉस। एवरीवन इज गैंगस्टर अंटिल द रियल वन अराइव्स। और यह रियल वन गैंगस्टर कौन है?

ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह सीपीयू को बोलता है कि अगली प्रोसेस अगला एप्लीकेशन यह तुमको रन करना है। यह सीपीयू को बताता है कि तुमको यह चलाना है। अभी रुको सीपीू अब तुम यह चलाओ। अभी रुको रुको अब तुम यह वाली प्रोग्राम चलाओ। यह सब काम कौन? यह ऑपरेटिंग सिस्टम करता है। पूरा सिस्टम को कंट्रोल करके रखता है और नचाता है अपनी उंगलियों पर। कौन? ऑपरेटिंग सिस्टम। तो

ऑपरेटिंग सिस्टम इंटरफेस का काम करता है। बीच में मीडिएटर का काम करता है बिटवीन यूजर एंड कंप्यूटर हार्डवेयर। बट जहां आपको समझने की बारी है, वह मैंने बताया कि कंप्यूटर सिस्टम का हार्डवेयर नहीं यूज हो सकता जब तक आप उस पे ऑपरेटिंग सिस्टम ना लगाओ। क्योंकि ऑपरेटिंग सिस्टम के पास ही ताकत है कि वो कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर से डायरेक्टली बात कर सके। तुम नहीं बता सकते हार्डवेयर को। तुम नहीं

उससे बोल सकते कंप्यूटर सिस्टम को कि यह करो कि वो करो। ऑपरेटिंग सिस्टम की मदद से ही आप हार्डवेयर को यूज कर पाओगे। और जितनी एप्लीकेशनेशंस आप यूज करते हो अपने फोन में या आपके कंप्यूटर सिस्टम में वो एप्लीकेशन को इंस्टॉल अनइंस्टॉल करना उनको यूज कर पाना यह सब काम आप एज अ यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम की हेल्प से ही करते हो।

एवरीथिंग इज क्लियर एंड अंडरस्टैंडेबल। तो ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत इंपॉर्टेंट है। जी हां। अब मैंने आपको सीओए पढ़ाया, जी पढ़ाया, क्रैश कोर्स बताया। बिल्कुल बताया। उस सीओए के क्रैश कोर्स में मैंने एक बात आपको कही थी कि जब भी कभी कंप्यूटर सिस्टम के सीपीयू को प्रोग्राम एग्जीक्यूट करने पड़ते हैं तो एक रैम मेन मेमोरी होती

है। होती है ना? मेन मेमोरी में ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रोग्राम्स होने चाहिए। और साथ ही साथ दूसरे प्रोग्राम्स जो सीपीयू को रन होने हैं, जो आपको यूज करने हैं, वह भी होते हैं। यस और नो। जितने रनिंग प्रोग्राम्स हैं जो आपको चाहिए कि यूज करने हैं वह सब रैम में चाहिए और ऑपरेटिंग सिस्टम भी रैम में होना चाहिए। तभी तो ओएस सीpu पे रन कर कर के और इन प्रोग्राम्स को

रन कराएगा और आपका काम करेगा जो आपको बोलना है। जो भी तुमको कहना है वह सब ओएस करवाएगा सीपीू पे एग्जीक्यूट कर कर के। तो ओएस और अदर प्रोग्राम्स मेन मेमोरी में होने चाहिए। याद था यह याद था कि नहीं? याद था यह कि सब गोलमाल है। आगे पाठ पीछे सपाठ हमारे टीचर कहते थे कि आज दिमाग में सब कुछ क्लियर कल दिमाग से

क्लियर। अरे ये तो बहुत बेसिक सी चीज थी। याद होनी चाहिए थी। चलिए ऑपरेटिंग सिस्टम के टाइप्स। पहला टाइप है यून प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम। ये यून प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत पुरानी चीज है। यह कहती थी कि ऑपरेटिंग सिस्टम इतना नॉर्मल था। इतना बहुत बेसिक टाइप का था कि एट ए टाइम सिर्फ एक प्रोग्राम को मेन मेमोरी में अलऊ करता था। ऑपरेटिंग सिस्टम के

अलावा सिर्फ एक प्रोग्राम ही किस में रह सकता है? सिर्फ एक प्रोग्राम ही रह सकता है मेन मेमोरी के अंदर अलोंग विद ऑपरेटिंग सिस्टम। तो यह प्रोग्राम सीपीू पे रन करेगा। करेगा। जब यह प्रोग्राम पूरा एग्जीक्यूट हो जाएगा, खत्म हो जाएगा। तो जो आप एप्लीकेशन क्लोज कर देते हो कैसे करते हो आपके फोन में एप्लीकेशन क्लोज कैसे होती है सारे एप्लीकेशन एक साथ दिखती

है ना जैसे मेरे फोन में iPhone में मैं नीचे से ऊपर ऐसे स्लाइड अप करता हूं तो सारी एप्लीकेशन एक-एक करके स्लाइड करके दिखने लगती है जो ओपन है मैंने अगर एक एप्लीकेशन बंद कर दी तो वो रैम मेमोरी से हटा दी जाती है टेंपरेरी मैंने उसको यूज़ करना बंद कर दिया हट गई rम से तो जो प्रोसेस खत्म हो जाएगी यह हट जाएगी दूसरा कोई भी प्रोग्राम चलाना है तो वह प्रोग्राम यहां आ जाएगा। तो एट ए टाइम सिर्फ एक प्रोग्राम मेन मेमोरी में रहेगा।

एक से ज्यादा नहीं। यह यून प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम का फंडा है। ऑपरेटिंग सिस्टम। दिस ऑपरेटिंग सिस्टम अलाउज़ ओनली वन प्रोसेस इन मेन मेमोरी एट ए टाइम। एट ए टाइम सिर्फ एक ही प्रोसेस मेन मेमोरी में आ सकती है। जब यह खत्म

होगी, बाहर जाएगी मेन मेमोरी से तो फिर दूसरी प्रोसेस आएगी। ठीक है? अब आगे बढ़ते हैं। अब आगे क्या बढ़ते हैं? एक प्रोग्राम जो मेन मेमोरी से आपने हटाया। ठीक है? तो नया प्रोग्राम आएगा। बट एट ए टाइम सिर्फ एक ही प्रोग्राम मेन मेमोरी में रह सकता है। यह ना बहुत ज्यादा इफेक्टिव रहा नहीं। क्यों? क्योंकि अगर आपको ढेर सारे प्रोग्राम रन करने हैं

तो वो ढेर सारे प्रोग्राम एक साथ मेन मेमोरी में रह नहीं सकते। अब ये प्रोग्राम CPU पे रन कर रहा है। ठीक है? अच्छी बात है। पर अगर इसको किसी आईओ डिवाइस को यूज़ करने की जरूरत पड़ती है। मान लो इस प्रोग्राम को डिस्क एक्सेस करना है तो ये CPU पे रनिंग एग्जीक्यूशन छोड़ेगा और वो डिस्क को एक्सेस करने जाएगा। अगर प्रोग्राम CPU छोड़ के डिस्क एक्सेस करने गया तो CPU तो ऐसे ही वेला बैठा रह जाएगा।

खाली बैठा रह जाएगा। क्या करेगा सीपीू? अब इसके पास तो वह तुम्हारे जैसी रील भी नहीं है कि Instagram चलाए कि कोई YouTube शॉट्स देखे बार-बार बार-बार है ना? तो क्या करेगा? ऐसे ही आइडल बैठा रहेगा चुपचाप ही तो बोर होता रहेगा। हमारे कंप्यूटर सिस्टम में सीपीयू सबसे इंपॉर्टेंट डिवाइस है। बहुत फास्ट है और सबसे इंपॉर्टेंट है। तो हम चाहेंगे एज अ यूजर, एज अ डिज़र, एज अ डेवलपर। हम चाहेंगे

कि सीपीयू का यूटिलाइजेशन बढ़े। इसको ज्यादा से ज्यादा यूज़ कर पाएं। एक प्रोग्राम अगर आईओ डिवाइस को यूज़ करने चला गया तो हमारे पास CPU को यूज़ करने के लिए कोई है नहीं। यह यून प्रोग्रामिंग ओएस का प्रॉब्लम था इसलिए आया मल्टी प्रोग्रामिंग OS। मल्टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम कहता है कि यह ऑपरेटिंग सिस्टम आपको मेन मेमोरी के

अंदर एक से ज्यादा प्रोग्राम अलाउ करेगा मेन मेमोरी में रहना। एक से ज्यादा प्रोग्राम मेन मेमोरी में रह सकते हैं। जी हां, रह सकते हैं। बट सर जी उनमें से प्रोग्राम तो एट ए टाइम एक ही रन करेगा सीपीयू में। ऑफ कोर्स सीपीयू अगर एक है तो एट ए टाइम इन चारों में से कोई एक ही सीपीयू पे एग्जीक्यूट करेगा।

बट यहां फायदा जे है कि अगर एक को प्रोग्राम ही है और जे प्रोग्राम गया आईओ डिवाइस के पास तो दूसरा कोई प्रोग्राम CPU लपक लेगा। मान लो पी P1 CPU पे रन करने गया। CPU छोड़ के आईओ डिवाइस यूज़ करने गया तो CPU जैसे ही P1 ने छोड़ा P2 को लपक लेगा। P2 उसको लपक लेगा। मैं एग्जीक्यूट करूंगा अब तो CPU के अंदर तो CPU ज्यादा

यूटिलाइज हो पाएगा। इधर P1 आईओ डिवाइस पे P2 CPU पे दोनों पैरेलल पैरेलल काम कर रहे हैं। ऑफ कोर्स मैं सिस्टम को ज्यादा अच्छे से यूज़ कर पाऊंगा। ऑफ कोर्स यूज़ कर पाऊंगा। बिल्कुल कर पाऊंगा। मान लो P2 भी किसी आईओ डिवाइस को यूज़ करने गया। आईओ इज़ इनपुट आउटपुट डिवाइस। अब मैं एक्सपेक्ट कर रहा हूं कि तुमने सीओए मुझसे पढ़ा है कि नहीं पढ़ा?

मेरे को इधर धगधक होला है। रे बाबा। बोलो रे। सीओए पढ़ा ना? तो क्या क्या हुई बात यहां पर? यहां पर बात यह हुई कि अगर P1 आईo के लिए गया और P2 भी आईo के लिए चले गया साथ ही साथ तो P3 लपक लेगा CPU को। अगर P3 भी आईo के लिए चले गया तो P1, P2, P3 तीनों आईo के लिए चले गए तो P4 लपक लेगा। जितनी ज्यादा प्रोसेससेस RAM के

अंदर रखोगे CPU को उतना ज्यादा यूज कर पाओगे। CPU को उतना ज्यादा यूज कर पाओगे। तो यहां पर ऑपरेटिंग सिस्टम का यह जो मल्टी प्रोग्रामिंग ओएस का टाइप है वह क्या कहता है? दिस ऑपरेटिंग सिस्टम अलाउस मोर देन वन देन वन

प्रोसेससेस या प्रोग्राम्स जो भी आप लिखो अभी तो बढ़िया ही है। सब सेम टू सेम है। इन मेन मेमोरी एट ए टाइम। Mm इज़ मेन मेमोरी। ओके? रैम में एक से ज्यादा प्रोग्राम रह सकते हैं। CPU तो एट ए टाइम एक को ही रन करेगा। बट अगर कोई प्रोसेस सीपीयू छोड़ती है और आईओ डिवाइस के पास रन होने जाती है तो दूसरा प्रोग्राम सीपीयू को यूज कर पाएगा।

Frequently asked questions

सिस्टम कॉल के माध्यम से नॉर्मल यूजर प्रोसेस ऑपरेटिंग सिस्टम को बुलाकर प्रिविलेज्ड ऑपरेशंस करवाती है।