CloudFolks HUB Hindi · Transcript · · Updated
Episode 5/135 Docker Full Tutorial In Hindi || Virtual Machine Vs Container || DevOps In Hindi – Transcript
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Transcript
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कंटेनर डेफिनेशन हमारा परफेक्टली क्लियर है फिर भी मुझे लग रहा है कि एक कांसेप्ट मुझे आपको समझा देना चाहिए कि जिससे आपके दिमाग में कोई भी डाउट है तो वह ना रहे अगर हम डेफिनेशन की बात करें तो यह फाइनल वीडियो है उससे आपका कांसेप्ट 100% क्लियर हो जाएगा फिर भी अगर आपको कोई
भी क्वेश्चन है तो हम ऑलवेज आपके साथ है आप कभी भी हमें क्वेश्चन पूछ सकते हैं यह है वर्चुअल मशीन वर्सेस कंटेनर वीडियो अगर हम बात करेंगे अ वर्चुअल मशीन की तो वर्चुअल मशीन यह जो कांसेप्ट है वीएम वेर ने स्टार्ट किया ईयर 27 वैसे तो आईबीएम ने मेन फ्रेम कंप्यूटर के लिए स्टार्ट किया था पर x86 यानी जो
होता है ओके यह हमारा हार्डवेयर है हार्डवेयर के ऊपर हम डालते हैं हाइपरवाइजर हाइपरवाइजर बेर मेटल होता है व एस लाइक ऑपरेटिंग सिस्टम डायरेक्टली इंस्टॉल हो जाता है और यह हाइपरवाइजर हमारे जितने भी हार्डवेयर है उसको पूरा कंट्रोल करता है और वही हार्डवेयर को यह वर्चुअली शेयर
करता है अपने वर्चुअल मशीन के साथ वर्चुअल मशीन एक फुल ऑपरेटिंग सिस्ट सिस्टम है इसके अंदर कर्नल भी होता है और इसके अंदर शेल भी होता है वर्चुअल मशीन का एडवांटेज यह है कि आप मल्टीपल वर्चुअल मशीन एक ही हार्डवेयर के ऊपर इंस्टॉल कर सकते हो और उसको हम बोलते हैं हार्डवेयर वर्चुलाइजेशन
यह बहुत ही फेमस कांसेप्ट है यह 2000 से अभी भी चल रहा है और बहुत ही पॉपुलर है जैसे अगर हम एडब्ल्यू एस में ट बनाते हैं वो काइंड ऑफ वर्चुअल मशीन है एजर में भी वर्चुअल मशीन कांसेप्ट है और
उसके बाद हार्डवेयर के ऊपर हम कोई भी ऑपरेटिंग सिस्टम डाल सकते हैं कैन बी विज कैन बी
जो कर्नल है वह शेयर करता है यहां पे हमारे पास अपने जो कंटेनर्स है उसके अंदर ऐप वगैरह चलता है पर कंटेनर के पास कर्नल नहीं होता है कंटेनर जो कर्नल है वह होस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम का शेयर करते हैं इसीलिए हम उसको बोलते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम वर्चुलाइजेशन अगर आपको कोई वर्चुअल मशीन बनाना है तो आप
नॉर्मल आ इमेज डाउनलोड करके वर्चुअल मशीन बना सकते हो फि फिकल मशीन बनाना या वर्चुअल मशीन बनाना इंस्टॉलेशन सब कुछ सेम होता है पर जब आपको कंटेनर बनाना होता है तो आपको डोकर इमेजेस चाहिए वो डोकर इमेज आप डोकर अप से डाउनलोड कर सकते हो या तो अपना भी बना सकते हो और उसके ऊपर आप कंटेनर जो है वो बना सकते हो यूजिंग डकर
सीएल आई कंटेनर बहुत ही लाइट वेट होता है वो बनाने में सेकंड का काम है जबकि वर्चुअल मशीन एक फुल्ली ऑपरेटिंग सिस्टम है और वह बनाने में भी जोसा फिजिकल मशीन में टाइम लगता है उतना ही टाइम लगता है और इसीलिए क्योंकि कंटेनर काफी पोर्टेबल है काफी लाइट वेट है हम बोलते हैं कि कंटेनर इज काइंड ऑफ लाइट वेट वर्चुअल मशीन आई होप
यू अंडरस्टैंड दिस फिर भी अगर कोई भी क्वेश्चन है हम आपके साथ है आप कभी भी हमें पूछ सकते हो पर यहां पे हम हमारा यह टॉपिक है उसको एंड करते हैं आई होप आपको पूरी सिस्टम समझ में आ चुकी होगी डॉकर के बारे में फिर भी प्रैक्टिकल करने से आईडिया एकदम 100% क्लियर हो जाएगा थैंक यू सी यू इन द नेक्स्ट वीडियो हैव अ नाइस डे गुड बाय