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Adda247 Bihar Shikshak Bharti · Transcript · · Updated

Bihar STET 2026 Music Marathon | Music Non Stop Revision | STET Music Class by Neha Mam – Transcript

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Summary

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  • धार्मिक मत के अनुसार ब्रह्मा जी को संगीत के मूल निर्माता के रूप में देखा जाता है।
  • भारतीय संगीत के इतिहास को प्राचीन काल, मध्यकाल और आधुनिक काल में विभाजित किया गया है।
  • संगीत के इतिहास में मध्यकाल की समय अवधि 800 से 1800 ईसवी तक निर्धारित की गई है।
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Transcript

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नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका अर 247 पर और मैं हूं नेहा दीक्षित। हमारी सेकंड यूनिट की मैराथॉन होने वाली है और मेरे ख्याल से सारे बच्चे अवेयर हैं। मैंने लास्ट उसमें ही बताया था कि हम यूनिट वाइज एसटेट को कवर करेंगे क्योंकि लास्ट 10 दिन बचे हैं एग्जाम के लिए। तो कोशिश यही है कि यूनिट वाइज आपकी मैं कवर करवा दूं। तो आज आपकी सेकंड यूनिट की मैराथॉन है और

किस-किस ने पहली यूनिट की मैराथॉन जो 12 घंटे की क्लास थी वो देखी थी। कैसा रहा आपका अनुभव उस 12 घंटे की क्लास का जरूर कमेंट में बताएंगे सब। फिर हम अपनी क्लास को शुरू करेंगे और नवमी की सबको हार्दिक- हार्दिक शुभकामनाएं। आज त्यौहार का दिन है बढ़िया

से कल दशहरा है और मुझे लगता है कि हमने अच्छे से जागरण किया है उस दिन 12 घंटे का आज 12 घंटे डिपेंड करेगा यूनिट कवर कर रहे हैं हम 12 घंटे तो सोच रहे हैं कि इतना लंबा नहीं खींचेंगे बच्चे परेशान हो जाते हैं क्योंकि कल दशहरा भी है त्यौहार का दिन है तो जितना में हमारा जितना हम ज्यादा से ज्यादा कवर कर लेंगे यूनिट को उतना हम टाइम लेंगे बाकी देखते हैं क्या कैसे रहता है

ठीक है। चलो प्रणाम। प्रणाम। गुड इवनिंग। गुड इवनिंग। सब लोग शेयर कर दो सेशन को और सबसे पहले लाइक कर दो। है ना? ताकि और बच्चों तक भी चीजें पहुंच जाएं। मेरा आशीर्वाद तो हमेशा ही साथ है भाई। मैं आज क्या स्पेशल आशीर्वाद दूं? हमेशा। मैं यही चाहती हूं कि आप सबके एग्जाम्स क्लियर हो जाए अच्छे से।

चलो शुरू करते हैं। मेरे ख्याल से सबने क्विज में अच्छे से पार्टिसिपेट किया होगा। नवमी की जो क्विज थी एवरीडे और आज भी कर सकते हैं आप 12:00 बजे तक तो एटलीस्ट। और आज का हमारा पहला क्वेश्चन है कि धार्मिक मत के अनुसार संगीत के मूल निर्माता कौन कहे जाते हैं?

धार्मिक मत के अनुसार संगीत के मूल निर्माता किसे कहा जाता है? ऑप्शंस आपके सामने हैं। भगवान शिव, मां सरस्वती, नारद मुनि, ब्रह्मा जी या फिर भरत मुनि क्या होगा इसका उत्तर बताएंगे जल्दी से।

क्या होगा इसका उत्तर? ऑप्शन डी इसका सही उत्तर हो जाएगा। देखो हम ये पेन बड़ा दिक्कत और गड़बड़ कर जाता है भाई।

हम ब्रह्मा जी को संगीत के मूल निर्माता के रूप में देखा जाता है। धार्मिक मत के अनुसार देखो संगीत के जो उत्पत्ति के मत हैं वो अलग-अलग हैं। काफी सारे मत हैं। उन सभी मतों के बारे में आज हम डिस्कस करेंगे। तो धार्मिक मत के अनुसार ब्रह्मा जी को संगीत का निर्माता कहा जाता है।

ब्रह्मा जी को संगीत का निर्माता कहा जाता है। ठीक है? धार्मिक मत के अनुसार। अब किस प्रकार यहां से संगीत जो है वह पहुंचता है। ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा जी ने जो संगीत है वह शिव को दिया। ठीक है?

शिव को दिया। ठीक है? शिव से यह संगीत आपके मां सरस्वती तक पहुंचा। ठीक है? भगवान शिव ने यह संगीत शिव ने यह संगीत सरस्वती मां को दिया।

ठीक है? और सरस्वती मां से यह संगीत नारद जी को मिला। ठीक है? प्रचार प्रसार के लिए ठीक है यहां पर मेंशन जरूर लिखना प्रचार के लिए

ठीक है और फिर नारद जी से यह संगीत गांध धर्मों और आम जनों तक पहुंचा था।

ठीक है। तो इस प्रकार से धार्मिक मत के अनुसार संगीत की उत्पत्ति मानी गई। अगला प्रश्न है कि भगवान शिव ने अपने पांच मुखों में से कितने रागों की उत्पत्ति की थी? ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव ने अपने पांच मुखों से कुछ रागों की उत्पत्ति की थी। कितने की थी? आप बताएंगे। फिर मैं आपको उत्तर बताऊंगी और जो अलग-अलग दिशाओं में

देखने को मिलते हैं जो अलग-अलग दिशाओं से उत्पन्न माने जाते हैं। ठीक है? अरे 12 घंटे नहीं चलेगा आज क्लास। पर हम जितने में ज्यादा क्वेश्चन कर पाएंगे उतना करेंगे। ठीक है?

जय माता दी। जय माता दी। सबको जय माता दी। क्या होगा इसका उत्तर बताएंगे सब। हां, इसका उत्तर हो जाएगा पांच। भगवान शिव

ने अपने पांच मुखों से रागों की उत्पत्ति की थी। और यह पांच मुख जो थे वह अलग-अलग दिशाओं में अलग-अलग दिशाओं से उत्पन्न हुए थे। जैसे पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और आकाश। किन-किन अलग-अलग दिशाओं से उत्पन्न?

ठीक है। कौन सी? पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण और आकाश। पांच मुखों से पांच रागों की उत्पत्ति की

जो अलग-अलग दिशाओं से उत्पन्न हुए। कौन-कौन सी दिशाएं थी? आपकी पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और आकाश। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं। निम्नलिखित में से कौन सा राग भगवान शिव के मुख से उत्पन्न रागों में शामिल नहीं है? पांच राग जो भगवान शिव ने उत्पन्न किए अलग-अलग दिशाओं से। उन इनमें से

ऐसा कौन सा राग है जो उन पांच रागों में शामिल नहीं है? हां। जैसे भैरव, मेघ, दीपक, श्री हिंडोल। [नाक से की जाने वाली आवाज़] बहुत बढ़िया। कौन-कौन से? पांच राग थे। भैरव, मेघ, श्री, भैरव, मेघ, दीपक और हिंडोल। तो यह कौन सा जो राग होगा वो नहीं होगा?

ऑप्शन ए कैशिक राग जो है कौशिक राग कहते हैं जैसे कैशिक वह आपका भगवान शिव के पांच रागों में से एक नहीं है। जो पांच राग हैं वह लिख लेते हैं यहां पर। श्री भैरव

श्री भैरव मेघ दीपक और हिंडोल श्री राग भैरव राग मेघ राग दीपक राग और हिंडोल राग। तो इन पांच रागों की जो उत्पत्ति है वह आपकी भगवान शिव के द्वारा मानी जाती है। अगला प्रश्न है राग कौशिक की उत्पत्ति

किसके द्वारा मानी जाती है? ऑप्शंस आपके सामने हैं। ब्रह्मा जी, नारद मुनि, मां पार्वती, मां सरस्वती या फिर गंधर्व। अब शिवजी के द्वारा उत्पत्ति नहीं है राग कौशिक की। लेकिन किसके द्वारा राग कौशिक की उत्पत्ति है? ये आपको बताना है क्या हो जाएगा इसका उत्तर?

वाह वाह हम क्या हो जाएगा इसका उत्तर?

आज बच्चों को जानकारी हो नहीं पाई है मुझे लग रहा है। सब लोग शेयर कर दो सेशन को ताकि बच्चों को पता लग जाए कि क्लास हो रही है। ऑप्शन सी यानी मां पार्वती जो राग कौशिक है वह मां पार्वती का राग कहा जाता है। पांच राग शिव जी से उत्पन्न माने जाते हैं शिव जी के द्वारा और जो कौशिक राग है वो मां पार्वती के द्वारा उत्पन्न माना जाता है। मां पार्वती का राग इसे भी कहते

हैं लोग। ठीक है? वाह। आज सब मेला देखने गए हैं। क्या बात है। मुस्लिम मत के अनुसार हजरत मूसा पैगंबर द्वारा पत्थर पर प्रहार करने से कितनी धाराएं निकली थी? संगीत की उत्पत्ति को लेकर काफी सारे मत हैं और एक मत ऐसा है जो मुस्लिम मत कहा जाता है कि अ हजरत मूसा पैगंबर द्वारा पत्थर पर प्रहार किया गया और जहां से सात धाराएं निकली यानी सात

स्वरों की उत्पत्ति मानी गई। ऑप्शंस आपके सामने हैं। उत्तर देना है आपको। संगीत की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मत है। इस मत के अनुसार क्या होगा उत्तर? ऑप्शन सी सात जो धाराएं निकली सात धाराएं निकली जिनसे

सात सुर की उत्पत्ति मानी जाती है। अगला प्रश्न है कि सा, षडस स्वर की ध्वनि किस पक्षी से प्रेरित मानी गई है? चातक, मोर, कौवा, कोयल, तोता ये मैंने आपको लिखवाया भी है लास्ट क्लास में भी। तो इसका फटाफट रैपिड फायर की तरह देंगे क्योंकि इतिहास में भी पूछा जाता है ये। इसलिए इस क्वेश्चन में यहां पर आया हुआ है आपका क्या होगा इसका उत्तर? मोर। षडज की

उत्पत्ति मोर से मानी गई है। रे की उत्पत्ति यानी ऋषभ की किससे मानी गई है? जल्दी-जल्दी बताएंगे। देखो जो क्वेश्चन कर चुके हैं तो मुझे लगता है मैं करा चुकी हूं। उस पर हम बहुत टाइम नहीं देंगे। ऑप्शन ई रे की उत्पत्ति चातक से मानी गई है। किस स्वर की उत्पत्ति बकरे से बकरे की ध्वनि से मानी गई है? यह बताना है आपको। क्या होगा इसका उत्तर?

ऑप्शन सी गंधार। यह पूरा मैं लास्ट क्लास में लिखवा चुकी हूं। कोयल की कुक से किस स्वर की उत्पत्ति मानी गई है? लास्ट क्लास में लिखवा दिया है मैंने आपको। जिन्होंने नहीं देखी है, वह वहां से नोट डाउन कर लेंगे। क्या होगा इसका उत्तर? ऑप्शन बी। पंचम आपका कोयल की आवाज यानी कोयल से उत्पन्न

माना जाता है। निम्नलिखित में से कौवे की ध्वनि से किस स्वर का संबंध बताया गया है? ऑप्शंस आपके सामने हैं। उत्तर देना है आपको।

Frequently asked questions

धार्मिक मत के अनुसार ब्रह्मा जी को संगीत का निर्माता कहा जाता है।

भारतीय संगीत का इतिहास तीन कालों में विभाजित है, जो प्राचीन काल, मध्यकाल और आधुनिक काल हैं।

संगीत के इतिहास में मध्यकाल की समय अवधि 800 से 1800 ईसवी तक निर्धारित की गई है।