Adda247 TGT PGT · Transcript · · Updated
Bihar STET 2026 Music Marathon | Music Non Stop Revision | STET Music Class by Neha Mam – Transcript
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Summary
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- संगीत में गायन वादन और नृत्य की त्रिवेणी का मुख्य आधार ध्वनि है तथा कंपन के तीन अंग उत्पादक माध्यम और ग्राहक होते हैं।
- शारंग देव के अनुसार संगीत रत्नाकर ग्रंथ में नकार और दकार से मिलकर नाद की उत्पत्ति होती है जिसके दो प्रकार आहत और अनाहत होते हैं।
- संगीत की आधुनिक और परंपरागत व्यवस्था के अंतर्गत एक सप्तक में कुल 22 श्रुतियां स्वीकार की गई हैं।

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Transcript
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नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका अर 247 पर और मैं हूं नेहा दीक्षित। आज होने वाली है बहुत ही शानदार मैराथन एसटेट वाले बच्चों के लिए आज से हम एक सीरीज स्टार्ट कर रहे हैं जिसमें मैं आपको 7 दिन में लगभग सारी यूनिट्स करा दूंगी एवरीडे एक यूनिट के हिसाब से। और आज हम पहली यूनिट करने वाले हैं और पूरा जज्बा रखना है सबको। आज हम यूनिट पूरी कर लेंगे। जितने बच्चे भी टेंशन ले रहे थे कि अरे अब एग्जाम जल्दी आ गया। कैसे होगा, कैसे नहीं
होगा सब हो जाएगा। परेशानी की बात नहीं है। डेली हम एक यूनिट को कवर करेंगे। डेली कोशिश करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा क्वेश्चंस को कर पाएं। और आज हम उसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। तो सब लोग एक अच्छे मोटिवेशन से बढ़िया से शुरू करेंगे अपनी एसेट की तैयारी। लेकिन आखिरी के जो 10 दिन आपको मिल रहे हैं तैयारी के लिए मैंने आपका एक रोड मैप भी बताया है वर्बबली एक सेशन आप वहां से देख सकते हो क्या-क्या करना है और नवरात्रि स्पेशल चल रहा है तो जगराता तो करना ही करना है और
इस जगराते में सोचो तैयारी हो जाए एग्जाम की तो इससे सुंदर क्या हो सकता है ठीक है सबको गुड इवनिंग गुड इवनिंग प्रणाम प्रणाम सब तैयार हैं एकदम आई होप सब बढ़िया से डिनर विनर करके आए होंगे और कोशिश करेंगे आज हम बढ़िया लंबी मैराथन करने वाले हैं अच्छे से पूरी पूरी यूनिट को कवर करेंगे अच्छे से। पीडीएफ मिल जाएगा। उसकी टेंशन मत लो। पीडीएफ ऐप पर मिलेगा। कैसे मिलेगा?
मैं जल्दी ही बता दूंगी। तुरंत बता दूंगी एक-द दिन में। ठीक है? शुरू करते हैं। मिशन शक्ति चल रहा है अर 247 पर जिसमें आपको क्विज करनी है। मैंने लास्ट मैराथॉन में भी आपको बताया था कि आप यह क्विज करिए। आपके एग्जाम के लिए बेटर है और इस प्रोसेस में आप किसी और की जिंदगी भी बहुत बेहतर कर सकते हैं। डेली आप 10 क्वेश्चंस कर सकते हैं और हर क्वेश्चन पर ₹10 किसी
बच्चे के हित में आपको आपकी तरफ से जाएंगे। ठीक है? आप करेंगे कुछ अच्छा और आपके करने के प्रोसेस से किसी के जीवन में कुछ बहुत अच्छा हो सकता है। ठीक है? हां लेट हो गया है क्योंकि थोड़ा सा टेक्निकल ग्लिच हो जाता है। उसके लिए माफी चाहूंगी मैं। मैं बिल्कुल लेट होना नहीं चाहती हूं बट थोड़ा सा हो जाता है टेक्निकल ग्लिच तो देरी हो जाती है। पहला
क्वेश्चन है आपका कि गायन वादन और नृत्य की त्रिवेणी को संगीत में क्या कहा गया है? ऑप्शंस आपके सामने हैं। जल्दी से बताएंगे। क्या होगा?
गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी को संगीत कहा गया है। जिसका मुख्य आधार क्या है? लयात्मकता, ध्वनि, स्वर, श्रुति या ताल। हम बिल्कुल स्क्रैच से पूरी यूनिट कवर करेंगे। रिवाइज भी हो जाएगी। ठीक है? और जिनको जिन्होंने नहीं पढ़ी है वो भी यहां से पूरा एक यूनिट को कवर कर सकते हैं। बहुत ही बड़ी यूनिट है। बहुत इंपॉर्टेंट यूनिट है आपकी साहित्यिक शब्दावली। क्या होगा इसका उत्तर?
देखो इसका उत्तर हो जाएगा ऑप्शन बी ध्वनि। चाहे आपका गायन हो भैया पेन क्यों नहीं चल रहा है हमारा? यह एक सेकंड रुकेंगे हम। हां चल गया देखो चला तो कितना सुंदर चला है कोई बात नहीं
गायन वादन और नृत्य की जो त्रिवेणी है जो संगीत जिससे परिपूर्ण है वो किस आधार पर है वो ध्वनि के आधार पर है। अब इसको हम यहां पर समझते हुए चलेंगे क्योंकि एग्जाम है तो हर चीज को समझेंगे। देखो किसी भी वस्तु पर आघात करने से हमें ध्वनि सुनाई पड़ती है। हमें ध्वनि कैसे सुनाई पड़ती है? जब हम किसी भी वस्तु पर आघात करते हैं तो ध्वनि सुनाई पड़ती है। लेकिन किस प्रकार जब कंपन उत्पन्न होता है। जब हम किसी भी वस्तु पर
जब किसी भी वस्तु पर यहां से आप शॉर्ट नोट्स बना सकते हैं। आघात करते हैं तो कंपन उत्पन्न होता है। ठीक है? कंपन उत्पन्न होता है जिससे हमें ध्वनि सुनाई पड़ती है।
जिससे हमें ध्वनि सुनाई पड़ती है। सारे रिवाइज करते हुए चलो। सबको पता होना चाहिए कि ध्वनि सुनाई कैसे पड़ रही है। ध्वनि सुनाई पड़ने का जो आपका प्रोसेस है वो है कंपन। कंपन के कारण ध्वनि सुनाई पड़ती है। अब कंपन कितने प्रकार के होते हैं? ठीक है? कंपन के कितने अंग हैं? उसको समझना भी जरूरी है।
देखो कंपन के तीन अंग होते हैं। उत्पादक उत्पादक माध्यम और ग्राहक
इसको मैं समझा देती हूं। उत्पादक जिस पर आघात होता है। ठीक है? माध्यम जिसके माध्यम से कंपन ग्राहक तक पहुंचता है और तीसरा आपका ग्राहक हो जाता है। ठीक है? जिस वस्तु पर आघात करने से कंपन होता है वह आपका उत्पादक होता है और वह साधन जिसकी सहायता से कंपन से उत्पन्न ध्वनि कानों तक आती है वो आपका माध्यम हो जाता है और तीसरा क्या हो जाएगा आपका? ग्राहक। आपकी यह मैराथन
बहुत लंबी चलने वाली है। मैं आपको पहले बता देती हूं क्योंकि मैं हर टॉपिक को डिटेल में समझाती हुई चलूंगी। तो कोई भी यह ना कहे जल्दी-जल्दी जल्दी-जल्दी यूनिट कवर करनी है, अच्छे से कवर करनी है तो अच्छे से तैयारी करने के लिए हमें बैठना है। ठीक है? तो ये आपके तीन अंग हो जाते हैं कंपन के जो कि आपको जिसके माध्यम से ध्वनि आप तक पहुंचती है। उत्पादक जिस पर आघात होता है। माध्यम जिसके द्वारा ध्वनि हमारे कानों तक पहुंचती है। और ग्राहक कौन
है? हमारे कान। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। अगला प्रश्न है कि संगीत शास्त्र के अनुसार केवल मधुर ध्वनियों का उपयोग संगीत में होता है। इन्हें क्या कहा जाता है?
उत्तर देंगे सब। क्या होगा इसका उत्तर?
उत्तर देंगे सारे विद्यार्थी बढ़िया से। आज पूरी यूनिट को हम पूरा रिवाइज करते हुए चलेंगे अच्छे से बढ़िया से। सब लोग कॉपी पेन लेकर बैठेंगे ताकि जो जो मैं लिखवा रही हूं उसके शॉर्ट नोट्स बना दो। तुम्हारे आज रात में ही एक यूनिट पूरी कवर हो जाएगी। 10 दिन में पूरा-पूरा सिलेबस आप एक तरीके से गो थ्रू कर सकते हो बहुत अच्छे से। ठीक है? हां। इसका उत्तर क्या
हो जाएगा? नाद। नाद क्या है? नाथ जो हमें सुनाई देता है। ठीक है? जो सुनाई देता है और जो संगीत में उपयोगी होता है। वह ध्वनि जो हमें सुनाई दे और संगीत में उपयोगी हो वो आपकी नाद कहलाती है। ठीक है? अब नाद जो है वो अलग-अलग मतों के हिसाब से अलग-अलग परिभाषा है। शारंग देव ने ऐसा कहा है। शारंग देव के द्वारा
शारंग देव द्वारा नकार तथा दकार से मिलकर नाद की उत्पत्ति होती है।
ठीक है? नाद की उत्पत्ति होती है और नकार यानी अग्निवाचक वायु और दकार यानी प्राणवाचक वायु दोनों हमारी जब मिलती हैं तो आपकी नाद की उत्पत्ति होती है शारंग देव के अनुसार जो कि उन्होंने संगीत रत्नाकर में बताया था। किस में बताया है?
संगीत रत्नाकर में। लिख लो यहां पर। ठीक है? अब आपके क्या कितने प्रकार हैं नाद के? नाद के तीन प्रकार होते हैं। तीन विशेषताएं जिसे कहते हैं। तीन गुण भी कहा जाता है। तारता, तीव्रता और जातीय गुण कहते हैं। ठीक है? नाद के अंग
नाद के अंग में पहला है आपका तारता। दूसरा है तीव्रता। और तीसरा क्या है? जाति अथवा गुण। अब इनकी अंग्रेजी भी आपको पता होनी चाहिए। तारता यानी पिच, तीव्रता यानी इंटेंसिटी।
और गुण यानी टिमबर। ठीक है? तो, यह नाद के तीन गुण हो जाएंगे। तारता, तीव्रता और इंटेंसिटी। तारता यानी पिच और तीव्रता यानी इसकी इंटेंसिटी और जाति यानी इसका गुण। तारता जिसमें आपकी आवाज आवाज का छोटा बड़ापन जो होता है वो उसकी तारता कहलाती है। ठीक है?
जो छोटा बड़ापन होगा वह उसकी तीव्रता कहलाएगी और जो ऊंचानीचापन होता है वह तारता कहलाती है और जिस वजह से हम यह पहचान पाते हैं कि कौन सी ध्वनि कहां से बिलोंग करती है वो उस नाद की जातीय गुण कहलाती है। जाति को लेकर मैंने आपको बहुत अच्छे से डिस्क्राइब किया है कि जब हम किसी जैसे हम कोई थाली बजाता है, कोई अलमारी बजा रहा है और आप नहीं भी देख रहे हो। ठीक है? तब भी आपको कैसे पता लगता है
कि यह तो थाली की आवाज है। ठीक है? या यह तो अलमीरा की आवाज है या यह तो कोई बेलन बजा रहा है। क्यों? क्योंकि वो उसका जो जिस धातु से वो चीज बनी है और जो ध्वनि उस धातु से आ रही है वो वहां से बिलोंग करती है और वो जो गुण है वो जाति के कारण ही आपको यह सब सुनाई पड़ता है। ठीक है? तो नाद के इसी गुण के कारण आप बिना देखकर भी बिना देखे भी सिर्फ सुनकर बता सकते हो कि कौन सी ध्वनि किस चीज की है। किसकी आवाज
कहां से कैसे आ रही है। ठीक है? तो ये तीन इसके गुण हो गए नाद के। चलो आगे बढ़ते हैं। कानों को कटु लगने वाली अमधुर ध्वनि को संगीत में किस नाम से पुकारा जाता है?
फटाफट एकदम बोल देंगे आंसर। देखो कुछ-कुछ क्वेश्चन ऐसे हैं जो आपको कट कट आंसर करने हैं जिसकी एक्सप्लेनेशन बहुत ज्यादा नहीं करनी है। क्या होगा इसका उत्तर? क्या होगा इसका उत्तर? जल्दी-जल्दी बताएंगे। नाद का ऊंचानीचापन तारता होती है। नाद का छोटा बड़ापन तीव्रता होती है। और नाद किस धातु या किस वाद्य से बिलोंग
करता है? वो उसकी जाति के कारण बताया जाता है। ठीक है? ऑप्शन ई शोरगुल अथवा रा मतलब जो ध्वनि कानों को सुकून ना दे जो मधुर ना लगे वो आपकी संगीत में उपयोगी नहीं होती और उसे हम शोर कहते हैं। सीधी-सीधी बात है जो संगीत में उपयोगी नहीं है। जो कानों को मधुर नहीं लग रहा है वो ध्वनि शोर है। इसे कोलाहल भी कहा जाता है। कोलाहल भी कह देते
हैं। इन शब्दों का भी याद रखना। अलग-अलग शब्दों के ऑप्शंस आ जाते हैं तो वह आपको आंसर करने में आसानी होगी। ठीक है? हां नाद के दो प्रकार होते हैं। आहत और अनाहत। तीन गुण होते हैं। तारता, तीव्रता और जाति। ठीक है?
संगीत, क्षति और वैज्ञानिक आधार पर षडज की आंदोलन संख्या कितनी निर्धारित की गई है? यह आपको बताना है जल्दी से।