UPSC Unstoppables by Unacademy · Transcript ·
Complete Ancient Indian History One-Shot Marathon (PART 1) | UPSC Prelims 2026 | Pratik Nayak – Transcript
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Summary
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- हड़प्पा सभ्यता एक अर्बन और एग्रीकल्चर सेंट्रिक सिविलाइजेशन थी, जिसमें धौड़ावीरा शहर तीन भागों में बंटा था।
- वैदिक साहित्य श्रुति और स्मृति लिटरेचर में विभाजित है, और बौद्ध धर्म के संस्थापक सिद्धार्थ गौतम का जन्म लुंबिनी में हुआ था।
- मौर्य काल के दौरान कौटिल्य का अर्थशास्त्र रचा गया और इंडोग्रीक्स भारत में सबसे पहले गोल्ड कॉइंस इशू करने वाले विदेशी शासक थे।

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Transcript
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[गहरी सांस लेने की आवाज़][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] हेलो हाय गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग अ मेरी आवाज सुनाई दे रही है आप सभी को हां जी गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग सुप्रभात एम आई ऑडिबल टू एवरीवन अराउंड
हमारे जितने भी साथी लोग यहां यहां पे जुड़े हुए हैं। जी हां जी हां जी हां जी हां गुड मॉर्निंग आप सभी का स्वागत है ऑन द अनअकडमी सभी का स्वागत है। सभी का स्वागत है। अनस्टपेबल्स के ऊपर आप सबका स्वागत है। हां जी गुड मॉर्निंग। चलिए बहुत बच्चे जुड़ गए सर। खूब-खूब धन्यवाद आप सबका और अपने दोस्तों को भी कहिए कि जाइन कर दीजिए जिन्होंने अभी तक
जॉइ नहीं किया है। प्लीज इनफॉर्म देम एज वेल। हम लोग लाइव हो चुके हैं। है ना? तो हां जी। हां जी। हां जी। हां जी। हां जी। हां जी। गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग। गुड मॉर्निंग। बढ़िया-बढ़िया। तो आज सैटरडे मॉर्निंग है। और हमने अभी दो
हफ्ते पहले अ डिस्कस किया था मॉडर्न हिस्ट्री को। आज हम लोग समझने की कोशिश करेंगे एंशिएंट हिस्ट्री को। जी हां, बहुत बच्चों की कमेंट आ रही है। अकी राकेश डियर अजय पटेल श्रुति हां जी। हां जी। हां जी। हां जी। हां जी। सुप्रभात। सुप्रभात। सुप्रभात। बढ़िया बढ़िया सब लोग। चलो ठीक
है। हां जी। जी सब एकदम तैयार हैं। एकदम रेडी है। ऑल लॉक स्टॉक एंड बैरल रेडी टू गो अराउंड। और आज हम लोग डिस्कस करेंगे मेनली एंशिएंट इंडिया कोर्स। ठीक है? अब देखिए एंशिएंट इंडिया की कहानी आप सबको पता ही है कि एंशिएंट इंडिया के अंदर हमें क्या करना है। वी आर व्हाट वी आर सपोज टू डू अराउंड। और इंटेंशन ये है कि हम सुबह से लेके रात तक मतलब पूरा का पूरा एंशिएंट इंडिया का कवरेज अच्छे से कर दे। सर। ठीक है?
इंटेंशन हमारा इसके अंदर से ये रहेगा कि प्राचीन भारत के कॉन्टेक्स्ट में एंशिएंट हिस्ट्री के कॉन्टेक्स्ट में सर ठीक है। हम लोग हो सके उतना पूरा का पूरा हिस्ट्री को देखेंगे। सबसे पहला दौर एंशिएंट इंडिया के कॉन्टेक्स्ट में आप सबको पता ही है। प्री हिस्ट्रीिक इंडिया आता है। प्री हिस्टिक इंडिया एक ऐसा पीरियड है जहां से आपको मैपिंग के रिलेटेड सवाल आते हैं। दूसरे बाद देखोगे तो आईवीसी यानी कि इंडस सिविलाइजेशन या हड़प्पन सिविलाइजेशन आता है। उसके बाद वैदिक ऐज की कहानी आपको देखने को मिल जाएगी। वैदिक ऐज के अंदर
आपको अर्ली वैदिक और लिटर वैदिक पीरियड का पूरा का पूरा डायवर्जन देखने को मिलेगा। देन वी विल सी कि उसके बाद ही हमें यह पता चलता है कि महाजनपदों का निर्माण हुआ और ये जो महाजनपद का निर्माण हुआ इसके साथ-साथ हमें यह भी पता चलेगा कि बुद्धा और महावीर का भी दौर था सर। ठीक है? ये बुद्धिज्म और महावीर को भी हम लोग डिस्कस करने की कोशिश करेंगे। जैनिज्म जो हमारे लिए इंपॉर्टेंट है। इंक्लूडिंग जैन लिटरेचर के बारे में भी हम लोग चर्चा करेंगे। वी विल सी कि महाजनपद के समय पे
ही भारत में विदेशी आक्रमण हुए। यानी कि विदेशी आक्रमण के अंदर ग्रीक्स और पर्शियन इन्वज़ होता है। उनका भी एक थोड़ा चित्र देखने की कोशिश करेंगे। इसके सिवाय आप देखने की कोशिश करिए तो भारतीय इतिहास के कॉन्टेक्स्ट में जो और डेवलपमेंट इसके बाद होते हैं खास करके मौर्यन ऐज उसके ऊपर हम लोग चर्चा करेंगे। मौर्यन के बाद पोस्ट मौर्यन पीरियड जो सबसे मोस्ट इंपॉर्टेंट है क्योंकि द पीरियड बिटवीन 200 बीसी टू 300 सी एंड देन उसके बाद गुप्ता। गुप्ता
बेसिकली हमारा जो पीरियड है वहां से उसके बाद अर्ली मेडुअल की शुरुआत हो जाती है। तो मोटे-मोटे तौर के ऊपर अह आज जो है हम लोग मुख्यत्व ये मुद्दे के ऊपर देखेंगे। इनफैक्ट गुप्ता के बाद अगर समय मिलता है तो पोस्ट गुप्ता पीरियड को भी कवर कर देंगे। पोस्ट गुप्ता पीरियड का मतलब है कि गुप्त काल के बाद वाला जो पीरियड है उसके ऊपर भी हमारी चर्चा हो जाएगी। एंड इस तरह से थीमैटिकली वी विल ट्राई टू कंप्लीट आउट मेजॉरिटी ऑफ़ द टॉपिक्स ऑफ़ द एंशिएंट
इंडिया। आप में से जो भी विद्यार्थी नए-नए हैं, जिनको यह मैराथॉन के बारे में पता नहीं है, उनको मैं बता देता हूं कि यह हमारी दूसरी लाइव मैराथॉन है। इसके पहले हमने मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री यानी कि आधुनिक भारत का जो इतिहास है, उसके ऊपर भी एक मैराथॉन कंडक्ट किया हुआ था। वी हैड ऑलरेडी कंडक्टेड अ मैराथन ऑन द मॉडर्न इंडियन हिस्ट्री। एंड दिस इज़ द सेकंड मैराथॉन दैट वी आर कंडक्टिंग अराउंड सर। ठीक है? तो, यह क्लास कब तक होगी? कोई कह
रहा है जब तक क्या कहते हैं कि हमारा जो सिस्टम है वो हमें अलऊ करेगा सर है ना तो एक्सपेक्ट कर सकते हो आप रात तक तो चलेगी ही सर ठीक है ना सो इट विल अलाउ अस टू गो ऑल द ऑल द वे अप टिल विल सी कि इवनिंग तक या शाम तक हम लोग इसको कंटिन्यू करेंगे। खैर इसके सिवाय आप में से जो भी विद्यार्थी अनअकडमी के ऊपर जुड़ना चाहते हो इस बार हमारे पास ऑल इंडिया रैंक वन है। क्लासरूम टॉपर हमारे रहे हैं सर। ठीक है। इसके [नाक से की जाने वाली आवाज़]
सिवाय 100 से ज्यादा सिलेक्शंस भी हमने यहां पे इस बार क्लियर कराए हैं यूपीएससी के माध्यम से या यूपीएससी की तैयारी के माध्यम से। आप हमारे साथ जुड़ सकते हो विद दिस सब्सक्रिप्शन कोड पीएन लाइव। यह कोड है जो आपको मैक्सिमम डिस्काउंट भी देगा सर। ठीक है? तो अभी हम लोग ऑल इंडिया यूपीएससी की मॉक टेस्ट भी करवा रहे हैं प्रीलिम्स 2026 के लिए। तो अगर आप इसमें एनरोल करना चाहते हो तो आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स के अंदर लिंक मिल जाएगी और अभी भी आपको 1999
के अंदर ऑफर अवेलेबल है। आप यह कोड को यूज़ करिए PN लाइव। ये कोड के माध्यम से आप अधिक से अधिक डिस्काउंट गेन कर सकते हो और हमारी जो सब्सक्रिप्शन है उसके अंदर ज्वाइन कर सकते हो। हमारे लाइव क्लासेस। देखिए ये मैराथॉन तो मैं आपको यहां पे कंडक्ट कराऊंगा ही सर। ठीक है। पर मैराथॉन के सिवाय अह वी विल सी कि जो फाउंडेशन करना होता है एडवांस तक आपको करना पड़ता है। उसमें भी आपको लाभ होगा। और हमारी बैचेस है प्रारंभ आगाज, समिति और इसके साथ-साथ मंजिल जो हिंदी, इंग्लिश और
इंग्लिश की बैच है यानी कि बाइलिंगुअल बैचेस है। इसमें भी आप एनरोल करा सकते हो। खैर बाकी सब कुछ आपको मैं बताता रहूंगा। अब मुद्दे की बात के ऊपर चले जाते हैं एंशिएंट हिस्ट्री। अब देखिए एंशिएंट हिस्ट्री के कॉन्टेक्स्ट में जो सबसे पहला टॉपिक आता है एंशिएंट इंडिया के बारे में सर। ठीक है? उसमें आपको एक टॉपिक आता है सोर्सेस के कॉन्टेक्स्ट में। राइट है ना?
और सोर्सेस हमारे लिए क्यों इंपॉर्टेंट है? क्योंकि प्राचीन भारत को समझने के लिए उसके स्त्रोत समझने बहुत जरूरी है सर। सर। ठीक है? अब सोर्सेस दो प्रकार के सोर्सर्सेस हैं। आप सबको पता है। एक होता है लिटरेचर सर। ठीक है? या उसको लिटरेरी सोर्सेस के रूप में कहते हैं और दूसरा होता है आर्कियोलॉजी सर। ठीक है? जिसे हम लोग पुरातात्विक सोर्सेस के रूप में भी कंसीडर करते हैं। राइट? अब लिटरेचर और आर्कियोलॉजिकल सोर्सेस हर एक टॉपिक के अंदर हर एक चैप्टर्स के अंदर हम लोग एक तरह से आइडेंटिफाई कर सकते हैं। जहां से
आपके क्वेश्चंस बनते हैं। आर्कियोलॉजिकल सोर्सेस वो सोर्सेस होते हैं जिसमें आप कुछ ना कुछ वस्तुओं का उपयोग कर सकते हो इतिहास समझने के लिए। जैसे कि आर्कलॉजिकल सोर्सेस के अंदर आपको स्केलेटल रिमेंस देखने को मिलेंगे, आर्किटेक्चर देखने को मिल जाएगा, बिल्डिंग देखने को मिल जाएगा। बहुत सारी फनल रिमेंस या वी विल सी कि जो भी डेड बॉडीज की जो रिमेंस है वो भी उसके अंदर से आपकी आ जाएगी सर। ठीक है? इनफैक्ट आजकल तो बोटनिकल स्टडीज भी हो जाती है। प्लांट्स की स्टडीज होती है। उससे पता
चलता है कि एक दौर में इतिहास में लोग क्या खाया पिया करते थे सर। ठीक है। पोटरी की स्टडी की जाती है। तो बहुत सारी वस्तुएं हैं सर जो आर्कियोलॉजी में आती है। इसमें कॉइंस भी आ जाते हैं। राइट? जिसे हम लोग कॉइंस के रूप में, सिक्कों के रूप में आइडेंटिफाई करते हैं। दे आर वेरी इंपॉर्टेंट पार्ट ऑफ द आर्कलॉजिकल स्टोरी। क्योंकि उससे हमें इकोनॉमिकल डेवलपमेंट कैसे हुआ उन सबके बारे में नॉलेज मिलता है। राइट? दूसरा है लिटरेचर यानी कि लिटरेरी सोर्सेस अराउंड। लिटरेरी सोर्सेस की अपनी खुद की महत्वता है। लिटरेरी सोर्सेस के कॉन्टेक्स्ट में आप देखिए कि
साहित्य का विकास कहां-कहां पे हुआ है। तो हिस्ट्री का जैसे-जैसे इवोल्यूशन होने की शुरुआत हुई, लोगों ने बोलना सीखा। पहले बोलने के साथ-साथ वी विल सी कि लिखना सीखा। लिखते ही ग्रेजुअली हमें ये पता चलता है कि लिटरेचर का डेवलपमेंट होना शुरू हो गया। राइट? और ये लिटरेचर में से अलग-अलग भाषाओं की कहानी आपको देखने को मिलती रहेगी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] ये भाषाओं में संस्कृत साहित्य है, तमिल साहित्य है या प्राकृत साहित्य है, पाली साहित्य है वो भी एक इंपॉर्टेंट सोर्स के
रूप में आया है। मेनली हम लोग कहते हैं कि हिस्ट्री जो है, इट इज़ अ कॉम्बिनेशन ऑफ़ बोथ द सब्जेक्ट्स अराउंड्स। ठीक है? क्योंकि अगर आपको इतिहास को अच्छी तरह से समझना है, इफ यू वांट टू अंडरस्टैंड एंड कॉम्प्रिहेंड हिस्ट्री, यू नीड टू मेक श्योर कि आप उसके सोर्सर्सेस को अच्छी तरह से समझे। भारतीय इतिहास के केस में भी हमें एक चीज बड़ी प्रोमिनेंटली देखने को मिलती है कि इट इज द सोर्सेस दैट मेक्स द इंडियन हिस्ट्री अराउंड। राइट? तो हम लोग को ये चीज पहले क्लियर हो जानी चाहिए कि कैसे इसके सोर्सेस इंपॉर्टेंट है। अब ये सोर्सेस मैं क्या करूंगा? आपको टॉपिक वाइज़
जैसे-जैसे जाऊंगा ना, चैप्टर वाइज़ जैसे-जैसे जाऊंगा, वैसे-वैसे मैं आपको एक्सप्लेन करता रहूंगा। सर। मैं क्यों बता रहा हूं टॉपिक वाइज़ और चैप्टर वाइज़? क्योंकि अभी अगर अपन सोर्सेस के ऊपर ही टाइम निकाल दिए तो फिर जो हमें मेन कॉन्टेक्स्ट मैराथॉन के रूप में करना है उसके अंदर फिर हम लोग को थोड़ा समय कम पड़ जाएगा। अंडरस्टुड दिस पार्ट ओके बट उसकी चिंता मत करिए। इट इज़ माय रिस्पांसिबिलिटी कि मैं आपको सोर्सर्सेस जो है वो पूरा का पूरा अच्छी तरह से एक्सप्लेन करूं। इनफैक्ट हिस्ट्री को हम लोग ज्योग्राफी के साथ मर्ज करके देखेंगे। क्यों? क्योंकि
कोई भी हिस्ट्री की जो साइड डेवलपमेंट है विदाउट ज्योग्राफिकल सोर्सेस हम सीधे-सीधे पॉइंट के ऊपर से नहीं समझ सकते। अब देखिए मुद्दे की बात यहां से यह निकल के आती है कि प्राचीन भारत के इतिहास में हमें कैसे इतिहास लेखन के बारे में पता चला। हाउ डू वी कम टू नो अबाउट द एंशिएंट इंडिया एंड हाउ द एंशिएंट इंडियन हिस्ट्रीज कैन बी ट्रेस्ड बैक टू सर। ठीक है? तो भारतीय इतिहास में हम लोग जो प्राचीन भारत के इतिहास देखते हैं। इसकी लिखने की शुरुआत कहीं पे किसी ने की थी तो ये ब्रिटिश के द्वारा की जाती है। अब आप पूछोगे ब्रिटिश
के द्वारा क्यों की गई सर? ठीक है? तो देखिए ये अंग्रेज अधिकारी हुआ करते थे जो भारत के बारे में पढ़ना चाहते थे। भारतीय कल्चर को जानना चाहते थे क्योंकि इनको भारत के ऊपर रूल करना था। राइट? तो जब बैटल ऑफ़ प्लासी हुई 1757 में उसके बाद बैटल ऑफ़ बक्सर होती है 1764 में। प्लासी और बक्सर की लड़ाई के बाद धीरे-धीरे करके जब समय का पहिया आगे गया वैसे-वैसे वारेन हेस्टिंग करके गवर्नर आया। वारेन हेस्टिंग अगर आप सबको पता होगा ही वाज़ द फर्स्ट गवर्नर जनरल ऑफ़ बंगाल। ये वारेन हेस्टिंग जो गवर्नर जनरल ऑफ़ बंगाल के रूप में था।
उसके कार्यकाल में एक संस्था बनती है जिसका नाम था एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल। है ना? एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ बंगाल के साथ एक व्यक्ति जुड़ा हुआ था जिसका नाम था विलियम जों्स। है ना? ये जो विलियम जों्स करके जो खिलाड़ी है उसने आके विलसी की भारत के कल्चर में हिस्ट्री में लैंग्वेजेस के बारे में अपनी विलसी की हिस्ट्री को आइडेंटिफाई किया। इसी बेसिस के ऊपर से वारेन हेस्टिंग्स खुद भी आइडेंटिफाई करता है और और भी लोग आए जिसमें एक एक व्यक्ति था जिसका नाम था चार्ल्स विलकिंस। इन सबों ने मिलके भारतीय इतिहास के ऊपर कुछ
खंगालना शुरू किया और साहित्य को ट्रांसलेट करना शुरू किया। इनिशियली ब्रिटिश के द्वारा जो भी ट्रांसलेशन वर्क था वो किया जाता था। अब पूछोगे ट्रांसलेशन किस बात का तो जैसे महाभारत हो गई हो जैसे कालिदास की कविता हो गई हो, वेद हो गए हो, पुराण हो गए हो सर। ठीक है? इन सबका ट्रांसलेशन वर्क्स इनिशियली ब्रिटिश के द्वारा किया जाता है। तो जैसे-जैसे अंग्रेज वी विल सी कि इसका ट्रांसलेशन करने की शुरुआत करेंगे। वहां से ही इतिहास लेखन के ऊपर भी इन्होंने प्राधान्य देने
की शुरुआत की। इनिशियली ब्रिटिश को लिटरेचर के ऊपर बहुत इंटरेस्ट था। इसके लिए यह साहित्य को ट्रांसलेट करते गए और भारतीय इतिहास को बनाते गए। मतलब कि एक काल ऐसा था, एक काल ऐसा था, एक दौर ऐसा था। इस तरह से भारतीय इतिहास की शुरुआत हो गई सर। ठीक है? और समय का पहिया आगे गया और धीरे-धीरे करके वी विल सी कि आर्कियोलॉजी के ऊपर भी काम होने की शुरुआत हो गई। और आर्कियोलॉजी में काम इसके लिए हुआ क्योंकि जब इं्रिप्शंस यानी कि जितने भी बहुत सारे अभिलेख मिलके आ रहे थे, ये
इं्रिप्शंस किसके द्वारा इशू किए गए हैं? कैसे इशू किए हैं? कौन सी भाषा में इशू किए हैं? कौन से राजा के द्वारा इशू किए गए हैं? इसके ऊपर काफी सारी रिसर्च हुई और धीरे-धीरे करके अशोक के बारे में भी इतिहास में पता चला। अशोक बेसिकली एक राजा था मौर्य वंश का आप सबको पता ही होगा और जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी थी क्योंकि शिलालेखों में उसका मेंशन कम था सर। ठीक है? पर भारत में सैकड़ों जगह के ऊपर उसके द्वारा इशू किए गए जो शिलालेख थे उसमें से एक व्यक्ति था
जिसका नाम था जेम्स प्रिंसेप। उसने इं्रिप्शंस की स्टडी की और उसने बताया कि भाई देखो मैं यहां पे अशोक को आइडेंटिफाई कर सकता हूं। जो देवम प्रियासी अपने आप को कहता है, जो प्रियदर्शी अपने आप को कहने की कोशिश कर रहा है, वो कोई और नहीं पर सम्राट अशोक है। जेम्स प्रिंसेप ने भारत में इं्रिप्शंस की स्टडी की, न्यूमिस्मेटिक की स्टडी की और इतिहास लेखन में और भी कामकाज करने की शुरुआत की सर। ठीक है? तो आपको यूपीएससी एंशिएंट हिस्ट्री के कॉन्टेक्स्ट में ये सब नाम पूछ सकती है कि हु वाज़ विलियम जों्स? हु
वाज़ चार्ल्स विलकिंस? है ना? तो आपको थोड़ी बहुत बेसिक कहानी पता हो जानी चाहिए सर। ठीक है? या आपको पूछा जा सकता है हु वाज़ मैक्स मूल्य? मैक्स मूल्य कौन हुआ करता था? और उसकी क्या भारतीय इतिहास के अंदर योगदान है सर? ठीक है या आप देखने की कोशिश करोगे आर्कियोलॉजी का जो पितामह के रूप में कंसीडर किया जाता है उसका नाम था एलेक्जेंडर कनिंहम सर। ठीक है? ये वो लोग हुआ करते थे जिन्होंने भारतीय इतिहास के लिखने में और भारतीय इतिहास को इनिशियली
जो बनाने में अपनी मदद की थी। कैसे मदद की थी सर? ठीक है? एलेक्जेंडर कनिहम की कहानी आपको इस तरह से देखने को मिल जाती है कि उसने एएसआई नाम की संस्था का निर्माण कराया। एएसआई कौन सी संस्था थी? इसको कहते हैं आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया। ये वो संस्था है जिसके द्वारा वी विल सी कि भारतीय इतिहास के ऊपर जो आर्कियोलॉजिकल सोर्सेस थे जो पुरातात्विक स्त्रोत थे उसके ऊपर रिसर्च किया गया और फिर हमें ये पता चलता रहता है कि इतिहास लेखन में और मदद होने की शुरुआत हुई सर। ठीक है? अब मुद्दे की बात ये आती है कि भ प्राचीन
हिस्ट्री को जब आइडेंटिफाई किया गया तो पहले तो वैदिक पीरियड से आइडेंटिफाई किया गया। इनको अंग्रेजों को इंटरेस्ट नहीं था कि भारत में एक स्टोन एज वाला पीरियड भी एक्सिस्ट किया करता था या हड़प्पीय सभ्यता भी एक्सिस्ट किया करती थी। सर ठीक है। प्राचीन हिस्ट्री की जो शुरुआत है वो अंग्रेजों के कॉन्टेक्स्ट में वैदिक पीरियड से हुई थी। और वैदिक पीरियड इनके लिए सबसे पहला दौर था भारतीय इतिहास के कॉन्टेक्स्ट में। क्योंकि उनको लगता था कि इंडिया एज अ ज्योग्राफिकल टेरिटरी सर। ठीक है ना? ये वैदिक पीरियड के अंदर फ्लोरिश