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Pramukh pustake aur lekhak trick । इतिहास के प्रमुख पुस्तकें । Books and Authors trick । Gk Tricks – Transcript
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Summary
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- गीत गोविंद पुस्तक के लेखक जयदेव हैं क्योंकि भगवान विष्णु की हमेशा जय होती है।
- अंधा युग पुस्तक के लेखक धर्मवीर भारती हैं क्योंकि अंधा व्यक्ति धर्म पर नहीं चल सकता।
- अर्थशास्त्र पुस्तक के लेखक चाणक्य या कोटिल हैं।

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Transcript
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हेलो गाइ वेलकम टू यूपीएससी पॉइंट इस वीडियो में हम प्राचीन भारत की प्रमुख पुस्तकों को मजेदार ट्रिक के माध्यम से कवर करने वाले हैं जिससे कि सब कुछ आपको एक ही बार में हमेशा के लिए याद हो जाएगा इस वीडियो के बाद पुस्तकों के लिए आपको दूसरी वीडियो देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी बस आप लास्ट तक बने रहिएगा तो चलिए शुरू करते हैं हमारी पहली पुस्तक है गीत गोविंद जिसके लेखक हैं जयदेव अब इसको याद कैसे
करेंगे देखिए गीत गोविंद में गोविंद वर्ड को पकड़िए गोविंद मतलब भगवान विष्णु भगवान हरि ठीक है और गोविंद की क्या होती है हमेशा जय होती है ठीक है गोविंद की क्या होती है जय होती है तो जय से हो गया हमारा जय देव और जय किसकी होती है गोविंद की तो इससे हो गया हमारा गीत गोविंद अगला है प्रेम वाटिका जिसके लेखक हैं रस खान इसको कैसे करेंगे देखिए प्रेम वाटिका में प्रेम
वर्ड पकड़िए और जो प्रेम करता है उसको बहुत रस आता है प्रेम करता है उसको क्या आता है रस तो रस आता है इससे हो गया रस खान और रस किसको आता है जो प्रेम करता है तो इससे हो गई हमारी प्रेम बाटिका इसके बाद है मुद्रा राक्षस जिसके लेखक हैं विशाख दत्त अब इसको कैसे करेंगे देखिए मुद्रा राक्षस में राक्षस वर्ड आप पकड़िए एक राक्षस है वो राक्षस कैसा है बहुत
विशाल है ठीक है बड़े-बड़े उसके दांत हैं तो इससे हो गया हमारा विशाख दत्त राक्षस कैसा है बहुत विशाल है तो उससे हमारा विशाख दत्त हो गया और विशाल कौन है राक्षस है तो इससे हो गई हमारी मुद्रा राक्षस ठीक है इंटरलिंक करेंगे तो याद हो जाएंगे इसके बाद है राज तरंगिणी जिसके लेखक है कलह अब इसको कैसे पढ़ना है देखिए एक राज नाम का
व्यक्ति है उसके उसको बोल रहे हैं कि तरंग गिन तरंग नी मतलब तरंग गिनी उसने राज ने तरंग गिनी ऐसा बोल रहे हैं तो वो बोलता है आज नहीं कल गिनू तो कल से हो गया हमारा कल हड़ और कल क्या करेगा तरंग गिने तरंग नहीं ठीक है तो से हो गई हमारी राज तरंगी इसके बाद है अंधा युग जिसके लेखक धर्मवीर भारती इसको याद कैसे करेंगे तो देखिए जो अंधा
व्यक्ति होता है ना जो देख नहीं पाता वह धर्म पर नहीं चल सकता जो अंधा व्यक्ति होता है वह धर्म पर नहीं चल सकता तो इससे हो गया धर्म पर नहीं चल सकता से हो गया धर्मवीर भारती और धर्म पर कौन नहीं चल सकता जो अंधा व्यक्ति होता है ठीक है तो इससे हो गई हमारी अंधा योग इसके बाद है बुद्ध चरित जिसके लेखक है अश्वघोष बुद्ध चरित्र के लेखक अश्वघोष इसको कैसे करना है
देखिए बुद्ध की बात करें हम बुद्ध मतलब बुद्धिमान चीज की बात हो रही है और बुद्धि किसमें होती है अस्व में होती है घोड़े में होती है सबसे बुद्धिमान माना जाता है तो बुद्धि किसम होती है अश्व में तो इससे हो गया हमारा अश्वघोष और अश्व में क्या होती है बुद्धि तो इससे हो गया हमारा बुद्ध चरित्रम इसके बाद बात करते हैं द कुमार चरित्रम की जिसके लेखक है दंडी इसको कैसे
करना है तो देखिए 10 कुमार चरित्र में 10 वर्ड आपको पकड़ना है अब 10 से हमें क्या याद आता है दशान रावण ठीक है और 10 से आ गया हमारा रावण और रावण को क्या किया था दंडित किया गया था राम भगवान द्वारा तो उससे हो गया हमारा दंडी ठीक है 10 शीष थे ना रावण के 10 सिर थे तो उन दसों सिरों को काट दिया था किसने राम भगवान ने मतलब
दंडित किया था ठीक है तो द कुमार चरित्रम के लेखक है दंडी इसके बाद है रामायण जिसके लेखक हैं वाल्मीकि यह तो आपको पता होगा जिन्हें नहीं पता उनको याद करा देता हूं रामायण में राम वर्ड आपको पकड़ना है और राम भगवान का बाल रूपी मूर्ति बनाई गई है अयोध्या में ठीक है राम भगवान की कैसी मूर्ति बनाई है बाल रूपी तो बाल से हो गया वाल्मीकि और बाल रूपी मूर्ति कहां बनाई है
किसकी बनाई है राम भगवान की तो इससे हो गया हमारा रामायण इसके बाद है सोदरा अंद जिसके लेखक हैं अश्वघोष इसको कैसे करेंगे देखिए सौदे की बात हो रही है यहां पर डील की बात हो रही है है ना इसको थोड़ा सा तोड़ लीजिए सौदे की बात हो रही है और जो डील होती है सौदा होता है वह किसका किया जा रहा है अश्व का घोड़े का ठीक है तो इससे हो गया हमारा अश्व घोष ठीक है अश्व
का क्या किया जा रहा है सौदा तो हो गया हमारा सोदरा नंद इसके बाद है नाट्य शास्त्र जिसके लेखक हैं भरत मुनि इसको कैसे करेंगे देखिए प्राचीन काल में जो हमारे मुनि थे ना भारत के मुनि वो बहुत नाटक किया करते थे तो उससे हो गया नाट्यशास्त्र और नाटक कौन किया करते थे भारत के मुनि तो भरत मुनि देखिए ऐसा भी हो सकता है कि हम एक ही वर्ड से याद कर ले
लेकिन इंटरलिंक करेंगे ना तो आप भूलेंगे नहीं जैसे नाटक किया करते थे भारत के मुनि तो भरत मुनि है ना तो इससे आपको तुरंत एग्जाम में जब चार ऑप्शन आएंगे तो याद आ जाएगा कि हां भैया हमने ऐसा पढ़ा था लेकिन आप रट ना तो थोड़ी सी दिक्कत आएगी एक साथ कई सारी बुक है तो आप कफ य होंगे वहां पे आगे बढ़ते हैं देवी चंद्रगुप्त जिसके लेखक हैं विशाख दत्त देखिए इसको कैसे करना है देवी की यहां पर बात हो रही है और देवी
कैसी होती है बहुत ही विशाल होती है उसके बड़े-बड़े दांत होते हैं देवी है ठीक है देवी कैसी है बहुत विशाल है तो इससे हो गया हमारा विशाख दत्त ठीक है ये वाला हो गया इसके बाद बात करते हैं पंचतंत्र जिसके लेखक है विष्णु शर्मा अब इसको कैसे करेंगे देखिए पंचतंत्र को आप समझिए पंच मंत्र मतलब पांच मंत्र पांच मंत्र पढ़ना है क्योंकि भगवान विष्णु को हमें प्रसन्न करना है विष्णु को प्रसन्न करना है तो
विष्णु को प्रसन्न करना है ऐ से विष्णु शर्मा और विष्णु को प्रसन्न करना है उसके लिए क्या चाहिए पांच मंत्र मतलब पंचतंत्र इसके बाद है कथा सरित सागर जिसके लेखक हैं सोमदेव देखिए हमारे समाज में क्या होता है सोमवार को शुभ माना जाता है सोमवार का महिलाएं व्रत भी रहती है तो कथा जब कथा का जब वाचन होता है तो हम चाहते हैं कि सोमवार से हो ऐ सा मान के चलिए कथा सरित
सागर मतलब कथा का वाचन हो रहा है कब से हो रहा है सोमवार से तो सोमदेव ठीक है इसके बाद है रावण बद्ध जिसके लेखक हैं भट्टी अब इसको कैसे करेंगे देखिए रावण का बद्ध किया है उसको भट्टी में डाल दिया है जो मूवीज में हम भट्टी देखते हैं ना आग की भट्टी होती है रावण का बद्ध किया और उसको काहे में डाल दिया भट्टी में तो भट्टी हो गया ठीक है और भट्टी में किसको डाला रावण को
तो रावण बद्ध हो गया ये याद हो गई होगी इसके बाद है हर्ष चरित जिसके लेखक हैं बाण भट्ट अब देखिए इसको याद करने का तरीका है हर्ष चरित मतलब हर्ष का मतलब क्या होता है प्रसन्नता होता है और जो प्रसन्न होगा ना जो हर्ष में होगा है ना जिसका चरित्र हर्ष में होगा प्रसन्न होगा वह बाण किसी पर नहीं चलाएगा ठीक है जो प्रसन्न होगा जो हर्ष में होगा वह किसी पर बाण नहीं चलाएगा
तो इससे हो गया हमारा बाण भट्ट इसके बाद है हमारा कादंबरी जिसके लेखक हैं बाण भट्ट अब इसको कैसे करेंगे देखिए कदम बरी से आप समझिए कदम कदम पर ठीक है कदम कदम पर बाण चलाते हैं लोग अपनी बोली के आपको ताने मारेंगे उल्टा सीधा बोलेंगे तो कदम कदम पर मतलब हो गया कादंबरी और कदम कदम पर क्या चलाते हैं बाण चलाते हैं तो बाणभट्ट ठीक है ये याद हो गया होगा इसके बाद है देखिए
आप थोड़ा बहुत कमेंट जरूर करिएगा कमेंट से समझ आता है कि जो मैं चाहता हूं वो आपको समझ आ रहा है या नहीं आ रहा है इससे ज्यादा कुछ नहीं होता कमेंट से पर प्लीज कमेंट जरूर जरूर कीजिए नागानंद जिसके लेखक हैं हर्षवर्धन अब इसको कैसे पढ़ेंगे देखिए थोड़ा सा हम इसको तोड़ लेते हैं नाग प्लस आनंद मतलब नाग को आनंद आ रहा है नाग को क्या आ रहा है आनंद
नागानंद नाग को आनंद आ रहा है मतलब वह हर्ष में है प्रसन्न है खुश है नाग को आनंद आ रहा है मतलब नागानंद और नाग को आनंद क्यों आ रहा है क्योंकि वह हर्ष में है प्रसन्न है ठीक है तो हर्षवर्धन इसके बाद है रत्ना बली जिसके लेखक भी हैं हर्षवर्धन देखिए रत्नावली को समझ सकते हैं आप रत्न मिली ठीक है रत्न मिलते हैं तो आदमी प्रसन्न हो जाता है खुश हो जाता है
मतलब उसम हर्ष छा जाता है उसके चेहरे पर ठीक है रत्ना बली को समझेंगे हम रत्ना मिली ठीक है रत्न मिल गए तो वह प्रसन्न हो गया खुश हो गया तो हर्ष में हो गया तो हर्षवर्धन इसके बाद है प्रिय दर्शिका जिसके लेखक हैं हर्षवर्धन इसको थोड़ा सा तोड़िए देखिए प्रिय के दर्शन हो गए ठीक है प्रिय के दर्शन हो गए मतलब प्रिय दर्शिका
तो भैया मैं तो खुश हो गया प्रसन्न हो गया हर्ष में आ गया तो हर्षवर्धन तो इस तरह से यह तीनों आपको याद हो जाएंगे अगला है मृ कटकम जिसके लेखक हैं शूद्रक इसको थोड़ा सा ऐसे कर सकते हैं मच कटी कम तो देखिए मच्छर काट गया ठीक है कटी कम से हम समझ सकते हैं कि मच्छर ने काटा ठीक है कटी कम से समझे
मच्छर ने काटा तो हम क्या करते हैं शू शू करते हैं उसको भगाते हैं तो शूद्रक ठीक है मृच्छकटीकम से क्या समझेंगे मच्छर ने काटा ठीक है तो मच्छर ने काटा तो हम क्या करते हैं शू शू करते हैं उसको भगाते हैं तो शुद्रक ठीक है इस तरह से आप याद कर सकते हैं अगला है कुमार संभव जिसके लेखक हैं कालीदास अब देखिए कुमार संभव को इस तरह से समझ सकते हैं कि जो कुमार होते हैं ना जो
मटके बनाते हैं घड़े बनाते हैं जो कुमार होते हैं वह कैसे हो जाते हैं काले हो जाते हैं क्योंकि उनको काम करना पड़ता है धूप में तो काले हो जाते हैं से कालिदास और काले कौन हो जाते हैं जो कुहार होते हैं ठीक है तो कुमार संभव अभी ज्ञान शकुल तनम के लेखक भी हैं कालिदास अब देखिए जो ज्ञान नहीं लेगा मतलब अभी ज्ञान नहीं लेगा ना वह दास बन जाएगा ठीक है काला हो जाएगा
और दास बन जाएगा अभी ज्ञान जो नहीं लेगा जो अभी नहीं पड़ेगा वह काला हो जाएगा और दास बन जाएगा तो कालीदास और काला को हो जाएगा दास कौन बन जाएगा जो अभी ज्ञान नहीं लेगा तो अभी ज्ञान शकुंतलम अगला है मेघदूत जिसके रचियता भी हैं हमारे कालिदास अब देखिए मेघ मतलब होता है बादल और ठीक है तो बादल कैसे होते हैं काले काले होते हैं तो उससे हो गया हमारा काल कालिदास ठीक है
देखिए मेघ कैसे होते हैं काले होते हैं तो काले से हो गया हमारा कालिदास ठीक है इसके बाद है रघुवंशम जिसके लेखक भी हैं कालिदास अब इसको कैसे पढ़ेंगे देखिए रघुवंशम में से आप समझिए राम जी के वंश में ठीक है राम जी के राज में क्या था कोई भी दास नहीं था ठीक है राम जी के वंश में कोई भी दास नहीं था तो इस कालीदास हो गया और दास किसके वंश
में नहीं था राम जी के वंश में मतलब रघुवंशम अगला है अर्थशास्त्र जिसके लेखक चाणक्य या कोटिल हैं यह तो आपको पता ही होगा इसमें दिक्कत नहीं आएगी अगला है इंडिका जिसके लेखक हैं मेगस्थनीज अब इसको कैसे करेंगे देखिए वैसे तो ये याद होगी लेकिन थोड़ा सा बता देता हूं इंडिका मतलब इंडिया के लोग इंडिया के जो लोग है ना वह मैगी बहुत खाते हैं इंडिया के लोग क्या खाते हैं मैगी तो मैगी से हो गया मैग
स्नीज और मैगी कौन खाते हैं इंडिया के लोग मतलब इंडिया में तो इंडिका ठीक है इसके बाद है विनय पत्रिका जिसके लेखक हैं तुलसीदास अब देखिए इसको कैसे करना है पत्रिका को पकड़िए आप ठीक है जो पत्रिका होती है जो कार्ड होता है इन्विटेशन होता है उसमें तुलसी रखी जाती है ठीक है तुलसी अब चलन चला है कि तुलसी साथ में पत्रिका के भेजी जाती है पत्रिका के साथ में क्या भेजी जाती है तुलसी तो उससे हो गया
तुलसीदास और तुलसी किसके साथ भेजी जाती है पत्रिका के साथ में इन्विटेशन के साथ में तो हो गया हमारा विनय पत्रिका अगला है सत्यार्थ प्रकाश जिसके लेखक हैं दयानंद सरस्वती देखिए इसको कर सकते हैं सत्य का प्रकाश ठीक है जब सत्य का प्रकाश कब जलेगा जब सभी पर हम दया करेंगे ठीक है सत्य का प्रकाश कब चलेगा जब सभी पर दया करेंगे तो दया से हो गया दयानंद सरस्वती ठीक है
दयानंद सरस्वती ये हो गया होगा इसके बाद गुलामगिरी जिसके लेखक हैं ज्योति व फूले देखिए इतना गुलाम बनाया किसी ने गुलामगिरी में गुलाम वर्ड पकड़ेंगे हम इतना गुलाम बनाया कि वह काम कर कर के फूल गया ठीक है काम कर कर के फूल गया तो फूल गया से हो गया ज्योति व फूले और फूल क्यों गया क्योंकि बेचारा गुलाम था तो गुलामगिरी
इसके बाद है अनामिका और परिमल जिसके लेखक है सूर्यकांत त्रिपाटी अब देखिए इसको कैसे करेंगे अनामिका में मिक्का वर्ड को आपको पकड़ना है जो मिक्का है ना जो सिंगर है मिक्का वर्ड को पकड़ना है और परी को पकड़ना है तो मिक्का और परी ये जो दोनों मिल गए और कहां गए सूर्य पर गए है ना सूरज प गए ठीक है अनामिका में मिका वर्ड को पकड़ना है मिक्का सिंह ठीक है और वे परी